बुधवार, 11 नवंबर 2020

सिख रेफरेंस लाइब्रेरी के सामान पर बैठक आज, पूर्व व मौजूदा अधिकारियों को पत्र व फोन से सूचित किया

 


फ्लैग.....
—बैठक में लाइब्रेरी के सामान सूची तैयार की जाएगी, जो अभी तक सरकार ने
नहीं वापस नहीं लौटाया है।
—वह पुरानी फाइले भी पेश करने कहा, जिन फाइलों में सेना द्वारा एसजीपीस
को सौंपे गए सामान का रिकार्ड दर्ज है।
अमृतसर
सिख रेफरेंस लाईब्रेरी के सेना द्वारा वापिस किए गए खजाने से कुछ
दस्तावेजों के गायब होने का विवाद गहरा हो गया है। कुछ गायब हुए
दस्तावेजों को लेकर एसजीपीसी की अति महत्वपूर्ण बैठक 13 जून को एसजीपीस
के अमृतसर कार्यालय में बुलाई गई है। बैठक में शामिल होने के लिए
एसजीपीसी के एक दर्जन के करीब पूर्व व मौजूदा अधिकारियों को बुलाया गया
है। एसजीपीसी ने पत्र लिखकर व फोन पर भी सूचना देते हुए बैठक में आने को
कहा है। बैठक के लिए उन सभी अधिकारियों को बुलाया गया है जो उस वक्त सिख
रेफरेंस लाईब्रेरी और रिकार्ड स्टोर आदि के साथ संबंधित रहे है।
बैठक में एसजीपीसी के पूर्व सचिव भान सिंह के साथ काम करने वाले
कर्मचारियों और लाईब्रेरी के साथ संबंधित उन कर्मचारियों को भी विशेष रूप
में बैठक में बुलाया गया है जिनके सामने सामान सेना द्वारा एसजीपीसी के
तत्कालीन अधिकारियों को सौंपा गया है। बैठक में उन पुरानी फाइलों को भी
पेश करने की हिदायतें दे दी गई है जिन फाइलों में सेना द्वारा एसजीपीस
को सौंपे गए सामान का रिकार्ड दर्ज है। यह भी रिकार्ड देखा जा रहा है कि
सेना द्वारा सौंपा गया रिकार्ड किस कर्मचारी और अधिकारी को संभाल कर रखने
के आदेश दिए गए थे। इस समान को किन किन अधिकारियों ने कब कब खोल कर देखा
और इस सामान में कौन सा सामान पूरा और कौन का सामान क्षतिग्रस्त था। वहीं
उन पुराने पत्रों को भी बैठक में विचारे जाने की संभावना है जिन पत्रों
के माध्यम से एसजीपीसी द्वारा केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों और सेना के
अधिकारियों को पत्र सौंप कर मांग की जाती रही है कि सिख रेफरेंस
लाईब्रेरी का सामान एसजीपीसी को वापिस किया जाए। उन पत्रों में किस किस
सामान का जिक्र है, जिसमें एसजीपीसी ने सरकार से मांग की थी कि कौन कौन
का सामान अभी सरकार ने वापिस एसजीपीसी को नहीं लौटाया है।


पूर्व कर्मचारियों की आमद हुई नदारद
एसजीपीसी द्वारा अपने पूर्व अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए श्री गुरु
रामदास सराय में एक कार्यालय बनाया हुआ है। यहां पूर्व कर्मचारी व
अधिकारी आते रहते है और बैठे रहते है। परंतु जिस दिन से लाईब्रेरी के
सामान का विवाद मीडिया में सामने आया है, उस दिन से इस कार्यालय में भी
एसजीपीसी के पूर्व कर्मचारी भी आकर बैठ नहीं रहे है। इससे अनुमान लगाया
जा रहा है कि जितने पूर्व कर्मचारियों को बैठक में शामिल होने के लिए
पत्र भेजे गए है उनमें से बहुत से पूर्व अधिकारी बैठक में पहुंचेंगे भी
या नहीं।


समय के सारे रिकार्ड रजिस्टर भी मंगवाए
एसजीपीसी के गलियारा में चर्चा यह है कि एसजीपीसी गुरुद्वारा एक्ट के तहत
काम करती है। एसजीपीसी के अधिकारियों द्वारा संस्थान में आने वाली हर
वस्तु व संस्थान से बाहर जाने वाले हर वस्तु का रिकार्ड रजिस्टरों में
दर्ज होता है। अगर किसी पवित्र ग्रंथ को किसी भी जगह व विदेश भेजा गया
है, उसका रिकार्ड भी दर्ज होना चाहिए। इसलिए यह आसानी से पता चल सकता है
कि किस अधिकारी ने और कहां क्या सामान भेजा है। बैठक को मुख्य रखते हुए
इसके साथ संबंधित समय का सारे रिकार्ड के रजिस्टर भी मंगवा लिए गए है।


पहली बार सार्वजनिक होगी सूची
गुरुवार को होने वाली बैठक को लेकर यह भी चर्चा है कि एसजीपीसी पहली बार
लिस्ट तैयार करके कौम को सार्वजनिक करेगी कि सेना ने कौन—कौन का सामान
एसजीपीसी लौटाया है और कौन का सामान अभी तक नहीं लौटाया। अकाली दल के
अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल द्वारा केंद्रीय  गृहमंत्री अमित शाह से जब
मुलाकात करके सिख रेफरेंस लाईब्रेरी का सामान सिख कौम को लौटने के लिए
कहा था तो उस वक्त गृह मंत्री ने कौन सा समान अभी एसजीपीसी को वापिस नहीं
मिला उसकी सूची प्रदान करने के लिए कहा है। असल में सिख कौम को इस सारी
डिटेल की सूचना ही नहीं है कि सेना क्या क्या समान लाईब्रेरी से ले गई थी
और क्या क्या समान एसजीपीसी को 7 किश्तों में लौटा दिया गया था।


अधिकारियों बयान भी होंगे दर्ज
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी हुई बैठक में कितने पूर्व अधिकारी हिस्सा
लेने के लिए आते है, जो उस वक्त संबंधी ड्यूटी निभा रहे थे। पता यह भी
चला है कि कुछ रिटायर अधिकारी विदेश में है और कुछ राज्य से बाहर है।
एसजीपीसी के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पूर्व अधिकारी ही सारी स्थित
को स्पष्ट कर सकते है, जिनके इस मामले को लेकर बैठक में बयान भी दर्ज हो
सकते है ।

— पंकज शर्मा

कोई टिप्पणी नहीं: