बुधवार, 11 नवंबर 2020

बासमती का एक्सपोर्ट प्रभावित होने से गिरा पंजाब की बासमती का रेट

— किसानों ने अगल वेर्ष बासमती की जगह पैडी परमल की खेती करने का बनाया मन

 अमृतसर
अमरीका के साथ हुई भारत सरकार की संधी के बाद मुस्लिम देशों इरान व इराक को निर्यात होने वाले बासमती बंद होने के कारण इस बार बासमती के रेट गिर गए है। इस के चलते किसानों को बासमती की खेती अब लाभदायक नही लग रही है। वहीं बासमती की जगह किसानों को पैडी धान का रेट अधिक मिल रहा है। किसानों ने अब फैसला लिया है कि भविष्य में वह बासमती की खेती करने की जगह धान की परमल किस्म की खेती अधिक करेंगे। चाहे परमल की खेती में पानी का उपयोग अधिक ही क्यों न हो।
किसान लखबीर सिंह निजाम पुरा और बलविंदर सिंह दुधाला ने कहा कि पिछले वर्ष उनको पैडी परमल किस्म की धान पर कम पैसे मिल रहे थे। परंतु उसकी जगह बासमती 1121 जो विदेशों को एक्सपोर्अ होती थी, का अधिक रेट मिल रहा था। इसी तरह बासमती की 1509 किस्म का रेट भी अधिक था। परंतु इस बार रेट पिछले वर्ष के मुकाबले 500 से 800 रूपए प्रति क्विंटल गिर गया। इरान इराक व अन्य मुस्लिम देशों को भारत की जो बासमती एक्सपोर्ट होती थी वह अब एक्सपोर्ट नही हो रही है। इस के लिए बासमती का रेट भी कम मिल रहा है। अगर इस किस्म का रेट लगातार गिरता रहा तो वह भविष्य में बासमती की खेती नही करेंगे। इस वर्ष किसानों को एक्सपोर्ट क्वालिटी की बासमती 1121 किस्म का रेट 2400 से 2600 रूपए प्रति क्विंटल मिल रहा है। जबकि गत वर्ष कस का रेट 3100 से 3400 रूपस प्रति क्विंटल मिला था। इसी तरह बासमती की 1509 किस्म का रेट इस वर्ष 1800 से 1980 रूपए प्रति क्विंटल मिल रहा है जबकि पिछले वर्ष इस किस्म का रेट 2600 से 2850 रूपए प्रति क्विंटल का था। उन्होंने बताया कि पैडी परमल किस्म जिस की सरकारी खरीद होती है उसक रेट इस बार 1880 रूपए प्रति क्विंटल है जबकि इस का रेट पिछले वर्ष 1840 रूपए प्रति क्विंटल था। बासमती एक्सपोर्ट हरिकृष्ण लाला आरोडा कहते है कि भारत सरकार को बासमती की एक्सपोर्ट के लिए इरान इराक की जगह अन्य देशों के साथ सोर्स ढुढने होंगे तभी राज्य की बासमती से होती आय को बढाया जा सकेगा।
आढती एसोसिएशन के अध्यक्ष अमनदीप सिंह छीन और राकेश तुली ने बताया कि इस बार मुस्लिम देशों को बासममी का एक्सपोर्ट नही हो रहा है। जिस के चलते बासमती एक्सपोर्ट सिर्फ उतनी ही बासमती खरीद रहे है जिस की खप्त भारत में ही हो जाए। एक्सपोर्ट के लिए गोल्डन उत्पादन की खरीद नही हो रही है। जिस के चलते बासमती के रेट पिछले वर्षों के मुकाबले गिर गए है। भारत ने कच्चा तेल अमरीका के माध्यम से खरीदा शुरू कर दिया है जिस के चलते मुस्लिम देशों ने भारत से बासमती की खरीद बंद कर दी है।
— पंकज शर्मा

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