—— प्रेस रिलीज ——
विश्वविद्यालयों व कालेजों की फाईनल परीक्षाएं आयोजित करवाए सरकार: एनएसएफ
— मुख्यमंत्री शिक्षण संस्थानों की ओर से वसूली जा रही फीसों को रोकने के लिए भी जारी करें नोटिफिकेशन
अमृतसर , 22 अगस्त :
नेशनल स्टूडेंट्स फेडशन की पंजाब प्रदेश कार्यकारिणी कमेेटी ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमंरिदर सिंह से मांग की है कि इस वर्ष कालेजों व विश्वविद्यालयों की फाइनल परीक्षाएं जल्दी से जल्दी आयोजित की जाए। फाईल वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षाएं आयोजित न होने के कारण उनका एक वर्ष बरबाद हो रहा है। एनएसएफ ने मुख्यमंत्री से यह भी मांग की है कि कोरोना काल के दौरान के समय की फीसें वसूले से भी सरकार शिक्षण संस्थानों पर रोक लगाने का अध्यादेश जारी करे। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह मात्र वीडियो क्लिप जारी करके फीसे न जमा करवाने संबंधी अभिभावकों को पशोपेश की स्थिति में डाल रहे है।
एनएसएफ के राज्य सचिव राजबीर सिहं राजबिंद और जिला अध्यक्ष अजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कोरोना प्रभाव के चलते रहे लाक डाउन के कारण विद्यार्थी शिक्षण संस्थानों में नही गए है। इसके चलते अभी तक विश्वविद्यालयों की ओर से अलग अलग कोर्सों के फाईन में पढने वाले विद्यार्थियों की परीक्षाओं को आयोजित नही किया गया है। क्योंकि यूजीस परीक्षाएं लेने के पक्ष में है परंतु मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह परीक्षाएं लेने के पक्ष में नही है। यूजीसी और मुख्यमंत्री के आपसी टकराव वाले फैसलों से प्रत्येक कोर्स के फाइनल वर्ष के विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।
एनएसएफ नेताओं ने कहा कि अगर दिल्ली , मुबई और चंडीगढ के विश्वविद्यालय आन लाइन परीक्षाएं फाईनल वर्ष के विद्यार्थियों के ले सकते है तो पंजाब के विश्वविद्यालय यह परीक्षाएं आनलाइन क्यों नही आयोजित कर सकते। एनएसएफ की मांग है कि पंजाब सरकार अलग से आदेश जारी करे कि जितना समय शिक्षण संस्थान रेगुलर नही खुलते तब तक की फीसें और फंड तथा अन्य खर्च भी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से न वसूले जाए। इस संबंधी नोटिफिकेशन जारी होना चाहिए। न कि मुख्यमंत्री एक वीडिया क्लिप वायरल करके अभिभावकों के लिए कोई परेशानी खडी करें। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने विद्यार्थियों की फीसों के संबंध में कोई सार्थक फैसला न लिया तो संगठन को संघर्ष का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पडेगा।
— जारी कर्ता
राजबीर सिंह राजबिंदर
राज्य सचिव
नेशनल स्टूडेंटस फेडरेशन
— मुख्यमंत्री शिक्षण संस्थानों की ओर से वसूली जा रही फीसों को रोकने के लिए भी जारी करें नोटिफिकेशन
अमृतसर , 22 अगस्त :
नेशनल स्टूडेंट्स फेडशन की पंजाब प्रदेश कार्यकारिणी कमेेटी ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमंरिदर सिंह से मांग की है कि इस वर्ष कालेजों व विश्वविद्यालयों की फाइनल परीक्षाएं जल्दी से जल्दी आयोजित की जाए। फाईल वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षाएं आयोजित न होने के कारण उनका एक वर्ष बरबाद हो रहा है। एनएसएफ ने मुख्यमंत्री से यह भी मांग की है कि कोरोना काल के दौरान के समय की फीसें वसूले से भी सरकार शिक्षण संस्थानों पर रोक लगाने का अध्यादेश जारी करे। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह मात्र वीडियो क्लिप जारी करके फीसे न जमा करवाने संबंधी अभिभावकों को पशोपेश की स्थिति में डाल रहे है।
एनएसएफ के राज्य सचिव राजबीर सिहं राजबिंद और जिला अध्यक्ष अजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कोरोना प्रभाव के चलते रहे लाक डाउन के कारण विद्यार्थी शिक्षण संस्थानों में नही गए है। इसके चलते अभी तक विश्वविद्यालयों की ओर से अलग अलग कोर्सों के फाईन में पढने वाले विद्यार्थियों की परीक्षाओं को आयोजित नही किया गया है। क्योंकि यूजीस परीक्षाएं लेने के पक्ष में है परंतु मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह परीक्षाएं लेने के पक्ष में नही है। यूजीसी और मुख्यमंत्री के आपसी टकराव वाले फैसलों से प्रत्येक कोर्स के फाइनल वर्ष के विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।
एनएसएफ नेताओं ने कहा कि अगर दिल्ली , मुबई और चंडीगढ के विश्वविद्यालय आन लाइन परीक्षाएं फाईनल वर्ष के विद्यार्थियों के ले सकते है तो पंजाब के विश्वविद्यालय यह परीक्षाएं आनलाइन क्यों नही आयोजित कर सकते। एनएसएफ की मांग है कि पंजाब सरकार अलग से आदेश जारी करे कि जितना समय शिक्षण संस्थान रेगुलर नही खुलते तब तक की फीसें और फंड तथा अन्य खर्च भी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से न वसूले जाए। इस संबंधी नोटिफिकेशन जारी होना चाहिए। न कि मुख्यमंत्री एक वीडिया क्लिप वायरल करके अभिभावकों के लिए कोई परेशानी खडी करें। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने विद्यार्थियों की फीसों के संबंध में कोई सार्थक फैसला न लिया तो संगठन को संघर्ष का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पडेगा।
— जारी कर्ता
राजबीर सिंह राजबिंदर
राज्य सचिव
नेशनल स्टूडेंटस फेडरेशन
एनएसएफ
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