— आरोपी एक ग्रंथी व कपूरथाल का रहने वाला बताया जा रहा है
— पैसो के लालच में वीडियो बनाने की कर रहा था कोशिश
अमृतसर
श्री अकाल तख्त साहिब के बाहर रिफरेंडम—2020 की सफलता के लिए अरदास करने की कोशिश करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने एक व्यक्ति को दबोच लिया। पकडा गया व्यक्ति दुनिया भर में खालिस्तान के लिए प्रचार कर रहे आतंकवादी संगठन सिख फार जस्टिस का समर्थक बताया जा रहा है। श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में पिछले दो दिनों से सिविल कपडों पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने आरोपी को उस वक्त दबोच लिया जब वह रविवार सुबह करीब साढे पांच बजे श्री अकाल तख्त साहिब के सामने परिक्रमा में खडे होकर खालितस्तान रिफरेंडम की सफलता के लिए अरदास करने की कोशिश करने लगा।
परिक्रम में मौके पर मौजूद एसजीपीसी के सूत्रों का कहना है कि आरोपी की ओर से अरदास के दौरान अपना मोबाइल फोन निकाल कर वीडियों भी बनाने की कोशिश की। जैसे ही उसने वीडियो बनाने की कोशिश की तो वहा तैनात सुरक्षा एजेंसियों के कर्मियों ने व्यक्ति को दाबोच लिया। बताया जाता है कि आरोपी की पहचान गुरमीत सिंह निवासी तरनतारन जो कि इस वक्त जिला कपूरथला में रह रहा है के रूप में हुई है। आरोपी एक ग्रंथी बताया जा रहा है। यह भी सामने आया है कि आरोपी ने माना है कि वह 5 हजार डॉलर के लालच में अरदास करने आया था। क्योंकि कुछ दिन पहले अतांकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस के कथित कानूनी सलाहकार गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो वायरल कर के ऐलान किया था कि 22 अगस्त को जो भी कोई व्यक्ति या खालितान का समर्थक श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंच कर रिफरेंडम 2020 व खालिसतान के पक्ष में उसकी सफलता के लिए अरदास करके वीडियो भेजिएगा उसको 5000 डालर का का अनुदान दिया जाएगा । इसी लालच में आरोपी ने यह वीडियो बनाने की कोशिश की परंतु पुलिस की ओर से बरती गई मुस्तैदी के दौरान उसे पकड़ लिया गया। बताया जा रहा है कि आरेापी को डीजीपी के पास पास चंडीगढ़ लेकर जाया जा रहा है। आरोपी के पकडे जाने के कुछ वक्त बाद ही उसे सुरक्षा और गुप्तचर एजेंसियां शहर से बाहर पूछताछ के ले गई थी। उसकी सारी जानकारी और उससे की जा रही पुछताछ के संबंध में जारी सूचनाओं को गुप्त रखा जा रहा है। कोई भी पुलिस अधिकारी इस पकडे गए खालिस्तानी के संबंध में कोई भी जानकारी देने से असमर्था प्रगट कर रहा है। पुलिस सूत्रों से पता चला है डीजीपी पंजाब में सभी अधिकारियों को सख्त हिदायतें दी है कि इस पकडे गए व्यक्ति के संबंध में कोई भी सूचना जनतक न की जाए।
उधर सिख फार जस्टिस नाम के आतंकवादी संगठन की ओर से अपनी वैब साइट पर एक वीडियो आज ही दोपहर को अप लोड की गई है जिस में सुबह की अरदास के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब की लाईव रिकाडाडिंग दिखाई गई है। इस दौरान अरदास के अंत में खालिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए जाते है। उधर सुरक्षा एजेंसियोें के सूत्रों का मानना है कि पकडा गया खालिस्तानी समर्थक अपनी अरदास की वीडियो तैयार ही नही कर पाया था। उसे से पहले ही उसे पकड लिया गया था। हो सकता है कि खालिस्तान संगठन सिख फार जस्टिस की ओर से अपनी साइट पर आज दोपहर को अप लोड की गई वीडियो पहले से कोई तैयार की गई वीडियों हो।
सिख फार जस्टिस की इस कार्रवाई को मुख्य रखते हुए सुरक्षा एजेंसियों की ओर से पहले से ही सख्त सुरक्षा प्रबंध हरिमंदिर साहिब को आने जाने वाले रास्ते पर किए थे। श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में 500 से अधिक सुरक्षा और गुप्तचर विभाग के कर्मी सिविल कपडों में तैनात किए गए थें ताकिकोई खालिस्तान समर्थक सिख फार जस्टिस की काल पर अरदास करके वीडियो वायरल न कर सके।
— पंकज शर्मा
— पैसो के लालच में वीडियो बनाने की कर रहा था कोशिश
अमृतसर
श्री अकाल तख्त साहिब के बाहर रिफरेंडम—2020 की सफलता के लिए अरदास करने की कोशिश करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने एक व्यक्ति को दबोच लिया। पकडा गया व्यक्ति दुनिया भर में खालिस्तान के लिए प्रचार कर रहे आतंकवादी संगठन सिख फार जस्टिस का समर्थक बताया जा रहा है। श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में पिछले दो दिनों से सिविल कपडों पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने आरोपी को उस वक्त दबोच लिया जब वह रविवार सुबह करीब साढे पांच बजे श्री अकाल तख्त साहिब के सामने परिक्रमा में खडे होकर खालितस्तान रिफरेंडम की सफलता के लिए अरदास करने की कोशिश करने लगा।
परिक्रम में मौके पर मौजूद एसजीपीसी के सूत्रों का कहना है कि आरोपी की ओर से अरदास के दौरान अपना मोबाइल फोन निकाल कर वीडियों भी बनाने की कोशिश की। जैसे ही उसने वीडियो बनाने की कोशिश की तो वहा तैनात सुरक्षा एजेंसियों के कर्मियों ने व्यक्ति को दाबोच लिया। बताया जाता है कि आरोपी की पहचान गुरमीत सिंह निवासी तरनतारन जो कि इस वक्त जिला कपूरथला में रह रहा है के रूप में हुई है। आरोपी एक ग्रंथी बताया जा रहा है। यह भी सामने आया है कि आरोपी ने माना है कि वह 5 हजार डॉलर के लालच में अरदास करने आया था। क्योंकि कुछ दिन पहले अतांकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस के कथित कानूनी सलाहकार गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो वायरल कर के ऐलान किया था कि 22 अगस्त को जो भी कोई व्यक्ति या खालितान का समर्थक श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंच कर रिफरेंडम 2020 व खालिसतान के पक्ष में उसकी सफलता के लिए अरदास करके वीडियो भेजिएगा उसको 5000 डालर का का अनुदान दिया जाएगा । इसी लालच में आरोपी ने यह वीडियो बनाने की कोशिश की परंतु पुलिस की ओर से बरती गई मुस्तैदी के दौरान उसे पकड़ लिया गया। बताया जा रहा है कि आरेापी को डीजीपी के पास पास चंडीगढ़ लेकर जाया जा रहा है। आरोपी के पकडे जाने के कुछ वक्त बाद ही उसे सुरक्षा और गुप्तचर एजेंसियां शहर से बाहर पूछताछ के ले गई थी। उसकी सारी जानकारी और उससे की जा रही पुछताछ के संबंध में जारी सूचनाओं को गुप्त रखा जा रहा है। कोई भी पुलिस अधिकारी इस पकडे गए खालिस्तानी के संबंध में कोई भी जानकारी देने से असमर्था प्रगट कर रहा है। पुलिस सूत्रों से पता चला है डीजीपी पंजाब में सभी अधिकारियों को सख्त हिदायतें दी है कि इस पकडे गए व्यक्ति के संबंध में कोई भी सूचना जनतक न की जाए।
उधर सिख फार जस्टिस नाम के आतंकवादी संगठन की ओर से अपनी वैब साइट पर एक वीडियो आज ही दोपहर को अप लोड की गई है जिस में सुबह की अरदास के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब की लाईव रिकाडाडिंग दिखाई गई है। इस दौरान अरदास के अंत में खालिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए जाते है। उधर सुरक्षा एजेंसियोें के सूत्रों का मानना है कि पकडा गया खालिस्तानी समर्थक अपनी अरदास की वीडियो तैयार ही नही कर पाया था। उसे से पहले ही उसे पकड लिया गया था। हो सकता है कि खालिस्तान संगठन सिख फार जस्टिस की ओर से अपनी साइट पर आज दोपहर को अप लोड की गई वीडियो पहले से कोई तैयार की गई वीडियों हो।
सिख फार जस्टिस की इस कार्रवाई को मुख्य रखते हुए सुरक्षा एजेंसियों की ओर से पहले से ही सख्त सुरक्षा प्रबंध हरिमंदिर साहिब को आने जाने वाले रास्ते पर किए थे। श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में 500 से अधिक सुरक्षा और गुप्तचर विभाग के कर्मी सिविल कपडों में तैनात किए गए थें ताकिकोई खालिस्तान समर्थक सिख फार जस्टिस की काल पर अरदास करके वीडियो वायरल न कर सके।
— पंकज शर्मा
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