शनिवार, 26 सितंबर 2020

पंजाब में खालिस्तान के नारे लगाने पर की जाए पाबंदी घोषित : एनएसएफ

 ————— प्रेस रिलीज ———————
पंजाब में खालिस्तान के नारे लगाने पर की जाए पाबंदी घोषित : एनएसएफ
— राज्य के भविष्य व लोगों की जान व माल के साथ खेलने की नही देंगे इजाजत
अमृतसर , 2 सितंबर
नेशनल स्टूडेंट्स फेडरेशन की पंजाब प्रदेश कार्यकारिणी कमेटी ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मांग की है कि राज्य में मौजूदा हालातों को देखते हुए खालिस्तान के नारे लगाने पर पाबंदी घोषित की जाए। खालिस्तान के नारे राज्य व देश के अंदर अशांति का महौल पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। यह नारे भाईचारक सांझ को तोडने व देश विरोधी शक्तियों को शह देने में भूमिका निभा रहे है।
एनएसएफ के राज्य महासचिव विकास शर्मा और राज्य सचिव राजबीर सिंह राजबिंदर ने कहा कि खालिस्तान के नाम पर नही ही पंजाब ने बहुत संताप भोगा है। राज्य आतंकवाद के दस वर्षो में 45 हजार बेगुनाहों को मौत के घाट उतार दिया गया। खालिस्तान के नाम तले राज्य के विकास और कारोबार को बुरी तरह तबाह कर दिया गया। पंजाब जो पहले देश में नंबर एक का राज्य था। आज उसका स्थान दसवें नंबर पर चला गया  है। खालिस्तान के नाम पर दहशतगर्द राज्य में निर्दोशों के खून के साथ होली ही नही खेलते रहे बलिक राज्य का भविष्य करीब 30 वर्ष पीछे धकेल दिया गया। पंजाब की आर्थिका और विकास को तबाह कर दिया गया।राज्य के लोगों की भाईचारक सांझ को तहस नहस किया गया। अब फिर कुछ शक्तियों राज्य के अंदर खालिस्तान के नारे अलग अलग जगह व धार्मिक स्थानों पर लगा कर राज्य की शांति को भंग करना चाहती है। किसी को भी राज्य के भविष्य और राज्य के लोगों की जान व माल के साथ खेलने की इजाजत नही दी जाएगी। उनकी मांग है कि पंजाब के मुख्यमंत्री राज्य के अंदर खालिस्तान के नारे लागने पर कानूनी पाबंदी लागू करें।
— जारी कर्ता
राजबीर सिंह राजबिंदर
राज्य सचिव
नेशनल स्टूडेंटस फेडरेशन
एनएसएफ पंजाब

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