एसजीपीसी कार्यकारिणी ने पूर्व मुख्य सचिव, सीए, मौजूदा मुख्य सचिव समेत 16 अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ लिया सख्त फैसला
अमृतसर
श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र 328 स्वरूप एसजीपीसी प्रबंधो के अधीन गायब होने में दोषी पाए गए एसजीपीसी के 16 कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्यकारिणी कमेटी ने सख्त फैसला ले लिया है। एसजीपीस की कार्यकारिणी कमेटी ने यह कार्रवाई श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के देख रेख में जांच कमेटी से करवाई गई जांच में दोषी पाए गए कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ की गई है। जिनमें कुछ मौजूदा और पूर्व अधिकारी तथा कर्मचारी है। कुछ की सेवाए डिसमिस कर दी गई , कुछ को निलंबित कर दिया और कुछ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के फैसला लिया गया है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने गायब हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की जांच एडवोकेट इशर सिंह , एडवोकेट हरप्रीत कौर और अकाउंटेंट हरलीन कौर के नेतृत्म में जांच कमेटी बनाई थी। इस जांच कमेटी ने एक हजार पन्नों की रिपोर्ट तैयार की जिस में दस पन्नों ने सारा मामला स्पष्ट करते हुए दोषियों की पहचान कर ली थी। जांच के दोषी पाए गए कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई करने के लिए ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने एसजीपीसी की कार्यकारिणी को आदेश दिए थे। कार्यकारिणी ने सर्वसमिति से दोषियों के खिलाफ कानूनी व विभागीय कार्रवाई करने की स्वीकृति दे दी। कार्यकारिणी ने जांच करने वाली टीम का यहां धन्यवाद किया लोगोवाल ने कहा कि एसजीपीसी के पब्लिकेशन विभाग में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की निजी लालसा , बेईमानी व मिली भुगत के कारण संस्थान को बढी नमोशी का सामना करना पडा है। जिन कर्मचारियों को श्री गुरु ग्रंथ साहिब की प्रिंंटिंग व डिस्ट्रीब्यूशन का काम सौंपा गया था उन्होंने अपनी जिम्मेवारी सही ढंग से नही निभाई। मामला अति गंभीर है। बईमान कर्मचारियों की ओर से रिकार्ड , लैजरों के साथ छेडछाड, जाली रसीदें बनाने और संगत से पैसे लूटने की कार्रवाईयों को अंजाम दिया है। गलती स्वीकार करने की जगह मामले को रफादफा करने के लिए गलत ढंग से पेश किया गया। सच सामने आने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की स्वीकृति दी जाती है।
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किस के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई ?
— रिटायर हुए सहायक सुपरवाईजर व सीएलजी कंवलजीत सिंह के सभी फंड रिलीज करने पर रोक लगाई जाती है। इन ने गुरु घर की सेवा के दौरान सौंपी जिम्मेवारी के प्रति लापरवाही बरती है। इस के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाई जाएगी
— कलर्क बाज सिंह को सर्विस से डिसमिस किया जाता है। उसके खिलाफ भी कंवलजीत के साथ ही आफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
— उप सचिव गुरबचन को डिसमिस किया जाता है। इस उपर फोजदारी मामले में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
— हैपर दलबीर सिंह को डिसमिस किया जाता है। इस उपर भी एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
— जिलद साज कुजवंत सिंह और जसप्रीत सिंह का जिलदों का ठेका रद्द किया जाता है। इन को ब्लैक लिस्ट किय जाता है।
— उप सचिव फाईनास सतिंदर सिंह को निलंबित किया जाता है। इस के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
— उप सचिव निशान सिंह को निलंबित किया जाता है। इस के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
— एसजीपीसी की धर्म प्रचार कमेटी के सचिव मंजीत सिंह चीमा बाठ को निलंबित किया जाता है। इस के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
— एसजीपीसी के मुख्य सचिव डा रूप सिंह भी दोषी है। जो छुट्टी पर विदेश जा चुके है। उनकी ओर से अपना त्यागपत्र भेज दिया है।
— पब्लिकेशन विभाग के सुपरवाईजर गुरमुख सिंह को निलंबित किया जाता है। इसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
— एसजीपीसी के पूर्व मुख्य सचिव हरचरण सिंह जिस ने ने अपने पद पर रहने हुए अपनी जिम्मेवारी को नही निभाया। निचले कर्मचारियों की ओर से रिकार्ड में की गई तोडमरोड का पता चलने के बावजूद भी कोई कार्रवाई कर्मचारियों पर नही की। संस्था का मुख्य प्रचारक होने के कारण यह बराबर का जिम्मेवार है इस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
— एसजीपीसी के सीए सतिंदर सिंह कोहली की संस्था एसएस कोहली एंड एसोसिएट्स की सेवाएं तुरंत खत्म की जाती है। जांच कमेटी की ओर से इस खिलाफ दी गई रिपोर्ट के अनुसार इस से 75 प्रतिशत रिकवरी करने के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
— अंगीठा साहिब गोईदवाल में तैनात सेवादार अमरजीत सिंह को डिसमिस किया जाता है।
—इंचार्ज परमदीप सिंह को सस्पैंड किया जाता है। इस के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
कार्यकारिणी ने इस आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए एसजीपीसी के महासचिव हरजिंदर सिंह धामी की अगुवाई में सब कमेटी बनाने की स्वीकृति दी जाती है।
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— कार्यकारणी कमेटी की बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष रजिंदर सिंह मेहता, जूनियर उपाध्यख गुरबखश सिंह खालसा, महासचिव हरजिंदर सिंह धामी, कार्यकारिणी कमेटी के सदस्य जगसीर सिह मांगेआणा, गुरपाल सिंह गोरा, भुपिंदर सिंह असंध, अमरजीत सिंह भलाईपुर, मगविंदर सिंह खापडखेडी, सुरजीत सिंह कंग, शेर सिंह मंडवाला, बीबी कुलदीप कौर टोहरा, बीबी परमजीत कौर , सचिव महिंदर सिंह आहली, एडिशनल सचिव सुखदेव सिंह भूरा कोहना, , प्रताप सिंह, पीए दर्शन सिह व प्रवक्ता कुलविंदर सिंह रमदास मौजूद थे।
— पंकज शर्मा
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