शनिवार, 26 सितंबर 2020

श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 267 नही बल्कि 328 स्वरूप हुए गायब , सजा सिर्फ पश्चाताप

 — आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एसजीपीसी कार्यकारिणी को दिए आदेश  

 अमृतसर
श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के गायब हुए 267 स्वरूपों की करवाई गई जांच के बाद सामने आया कि असल में 267 नही बल्कि 328 पावन स्वरूप गायब है। इस के  लिए एसजीपीसी के तत्कालीन अधिकारी दोषी है। पांच सिंह साहिबान की श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में हुई बैठक के दौरान एसजीपीसी को आदेश जारी किए गए है कि एक सप्ताह के भीतर एसजीपीसी कार्यकारिणी की बैठक बुला कर दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। बैठक में दस अलग अलग पंथक मुद्दों पर विचार हुए जिन पर अलग  अलग आदेश पांच सिंह साहिबान की ओर से जारी किए गए। बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह , तख्त केसगढ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह , श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी गुरमिंदर सिंह और पांच प्यारों में ज्ञानी दिलबाग सिंह शामिल हुए।

पांच सिंह साहिब की बैठक में लिए गए दस अलग  अलग मुद्दों पर फैसले

— अकाल तख्त की ओर से गायब स्वरूपों के दौरान सामने आया कि 267 नही बल्कि 382 स्वरूप गायब हुए है। जांच अधिकारी इशर सिंह की ओर से 1000 पन्नों की रिपोर्ट पेश की गई। स्वरूपों की स्टोर लैजर सही ढंग से मेनटेन नही की गई थी। ओपन व कलोजिंग लैजर में बढे स्तर पर छेड छाड व कटिंग हुई है। वर्ष 2013 से 2016 तक 328 स्वरूप रिकार्ड में कम पाए गए है। पब्लिशिंग विभाग की ओर से स्वरूपों के वेसट अंगों से गैर कानूनी ढंग से बिना बिलों से एक बार 61 और एक बार 125 स्वरूप तैयार करवा लिए गए और इनको संगत को दिया गया। वर्ष 2015 से 2020 तक के रिकार्ड में बिलों और अन्य दस्तावेजों में काफी अंतर है। इस में लापरवाही और बईमानी सामने आई है। एसजीपीसी केा आदेश दिए जाते है कि एक सप्ताह के अंदर कार्यकारिणी की बैठक बुला कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
— वर्ष 2016 में गुरुद्वारा श्री गुरु राम सर साहिब में अग्नि भेंट हुए स्वरूपों के संबंधी में समय के मुख्य सचिव व कार्यकारिणी ने कोई पश्चाताप नही किया है। इस लिए मंगलवार को सुबह दस बजे मुख्य सचिव और कार्यकारिणी कमेटी अकाल तख्त साहिब सचिवालय में पेश होकर अपना स्पष्टीकरण दें।
— भाई रणजीत सिंह ढडरियांवाला के मामले में विद्वानों की सब कमेटी की ओर से दी रिपोर्ट के अनुसार गुरमति के खिलाफ ढडरियांवाला ने ब्यान दिए है। वही इस संबंधी कोई भी स्पष्टीकरण देने के लिए तैयार नही है। इस लिए ढडरियां वाला का किसी भी तरह का कोई प्रोग्राम न होने दिया जाए और नही कोई कार्यक्रम करवाया जाए। अगर वह कार्यक्रम करता है उसे में कोई घटना होती है तो इस के लिए वह खुद जिम्मेवार होगा। उसकी कोई भी जारी वीडियों को शेयर न किया जाए तब तक ढडरियांवाला खुद अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर स्पष्टीकरण नही देता।
— निरवैर खालसा जत्था यूके के  हरविंदर सिंह ने गुरु नानक देव के प्रति गलत शब्दों का उपयोग किया है। उसे 15 दिनों में जवाब देने के लिए कहा गया था परंतु उसने जवाब नहीं दिया। इस लिए आदेश दिए जाते है कि जब तक हरविंदर सिंह खुद अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर माफी नहीं मागता तब तक उसका कोई भी कार्यक्रम आयोजित न करवाया जाए।
— कनाडा के सतनाम ट्रस्ट रिलीजस सोसायटी के रिपुदमन सिंह मलिक और बलवंत सिंह पंधेर ने अकाल तख्त साहिब के 9 मई 1998 के हुए आदेशों का उल्लंघन करके श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की प्रिंटिंग की है। दोनो दोषी अपना स्पष्टीकरण एक माह के भीतर श्री अकाल तख्त साहिब पर भेजें। इन की सारी प्रिंटिंग प्रेस, प्रिंट स्वरूप, आदि गुरुद्वारा गुरुनानक सिख सोसायटी डैल्टा सरी कानाडा में मोहतबर सिखों की हाजिरी में जमा करवाया जाए। इन सभी की संख्या आदि की रिपोर्ट छह माह के अंदर श्री अकाल तख्त साहिब पर भेजी जाए।
— चीफ खालसा दीवान की ओर से गैर अमृतधारी सदस्यों की भर्ती को लेकर रिकार्ड और सूचनाएं मागी गई थी परंतु दीवान ने यह बार बार पत्र भेजने के बावजूद नही भेजी इस लिए दीवान का अध्यक्ष और पदाधिकारी सारी सूचना और रिकार्ड लेकर निजी रूप में 18 सितंबर को श्री अकाल तख्त साहिब में सुबह 10 बजे पेश हों।
— जग्ननाथ पुरी में बाबा शमशेर सिंह की ओर से गुरुद्वारा बनाया है। जिस का नाम गुरुद्वारा हारती साहिब रखा गया। परंतु यहां गुरुद्वारा बनाया गया यह वो स्थान नही है यहां पर गुरु नानक देव जी ने आरती की थी। उसे गुरुद्वारा का नाम बदलने के लिए कहा गया। बाबा शमशेर सिंह आदेश है कि एक माह के अंदर गुरुद्वारा का नाम बदल कर रिपोर्ट अकाल तख्त पर दी जाए नही तो अगली बैठक में उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
— सुच्चा सिंह लंगाह को उसकी गलती के संबंध  में श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से कोई भी माफी नही दी जाती है। इस लिए कोई भी सिख लंगाह के साथ मेलजोल न रखे।
—पाच सिंह साहिब का फैसला है कि अयोध्या में कार्यक्रम के दौरान तख्त पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह की ओर से जो ब्यान सिख कौम व गुरु साहिब के वंशिज संबंधी दिए है उस के साथ सिख कौम सहमत नही है। क्योंकि सिख एक अलग कौम है।
— गत दिवस गुरुद्वारा साहिब में अरदास करने वाले युवाओं को सरकारी एजेंसियों की ओर से गिरफ्तार करना उचित नही है। अरदास करना हर सिख का अधिकार है। यह कोई अपराध नही है। पैसों के लिए की या करवाई अरदास सिख धर्म का अंग नही है। युवा भडकाउ ब्यानों से सुचेत रहें।

— काफी समय के बाद पहली बार हुआ है कि पांच सिंह साहिब की बैठक के दौरान मीडिया को कवरेज नही करने दिया गया। यहां तक कि मीडिया को बैठक की तस्वीरें भी नही लेने दी गई और बैठक के बाद सिंह साहिब ने मीडिया के साथ अपने विचार भी सांझा नही किए। बैठक में लिए फैसले सिर्फ एक प्रेस नोट जारी करके संगत को स्पष्ट कर दिए गए। किसी भी जत्थेदार को मीडिया के साथ बात न करने की भी हिदायतें दी गई ताकि मामले को किसी तरह का कोई तूल न मिल सके।
— पंकज शर्मा 
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