— हर रैली में टकसाली नेताओं को तोड़ कर अकाली दल में शामिल करवाने की बनाई योजना
— डैमज कंट्रोल के लिए टकसालियों ने भी बनाई अकाली दल के मुकाबले रैलियों की योजना
पंकज शर्मा, अमृतसर
अकाली नेता सुखदेव सिंह ढींडसा के अकाली दल टकसाली में शामिल होने के बाद टकसालियों के बढ रहे प्रभाव को लेकर अकाली दल बादल गंभीर हो गया है। अकाली दल बादल ने अब टकसालियों को कमजोर करने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। एक ओर बादल दल ने यहां सत्ताधारी कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है वहीं दूसरा मोर्चा टकसालियों के खिलाफ खोल दिया है।
अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पार्टी नेताओं और वर्करों को हिदायतें दे दी है कि टकसालियों को कमजोर करने के लिए उनके वर्करों और नेताओं को तोड़ कर अकाली दल में शामिल करने का अभियान चलाया जाए। ताकि टकसालियों के बढ रहे प्रभाव व सत्ताधारी कांग्रेस से मिल रहे समर्थन को रोका जा सके। इस अभियान की शुरूआत अकाली दल ने कांग्रेस के खिलाफ कस्बा राजासांसी की आनाज मंडी में आयोजित रोष रैली व धरने के दौरान कर दी है। जिस में अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ,पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के विरोध के बावजूद टकसालियों के अमरपाल सिंह बोनी को टकसालियों से तोड़ कर अकाली दल में शामिल करवाने में सफल हुए है। अब तो यह हिदायत कर दी गई है कि टकसालियों के अधिक से अधिक वर्करों व नेताओं को तोड़ कर अकाली दल में शामिल करवाया जाए।
अकाली दल की ओर से सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आने वाले दिनों में राज्य भर में रोष रैलियां व धरने देने का एलान प्रोग्राम एलान किया गया है। इन धरने व रैलियों में टकसालियों को वर्करों और नेताओं को तोड कर अकाली दल में शामिल करवाने की योजना है। हर जिले में आयोजित रैलियों के दौरान विरोधियों के अधिक से अधिक नेताओं को अकाली दल में शामिल करवा का अकाली दल को मजबूत बनाया जाए। अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल भी राजासांसी रैली में एलान कर चुके है कि जो पार्टी को छोड़ चुके है उनके लिए अकाली दल के दरवाले खुले है। पार्टी यह योजना अन्य होने वाली रैलियों में भी लागू करने जा रही है। इस के लिए विरोधियों और टकसालियों को पार्टी में सीटें व बडे पद देने के भी लालच देने की क्वायद है।
दूसरी ओर अकाली दल टकसाली के नेता रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा कहते है कि अकाली दल टकसाली मजबूत पंथक विचारधारा वाली पार्टी है। जो कमजोर विचारधारा वाले थे वह पहले ही अकाली दल में चले गए है। मजबूर इरादों वाले व पंथ के साथ दर्द व गुरुघरों की रक्षा करने को समर्पित नेता व कार्यकर्ता चटान की तरह अकाली दल टकसाली के साथ खड़े है। आने वाले समय में राज्य भर में टकसालियों की ओर से आयोजित की जानी वाली रैलियां साबित कर देंगी की बादल ग्रुप का राज्य में वजूद खत्म हो गया है। जिस की शुरूआत टकसालियों की ओर से 21 फरवरी से तरनतारन में विशाल रैली से की जा रही है।
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