— विदेशों के बाद देश में भी ढडरियांवाला की स्टेजों को रूकावाने के लिए बनाई रणनीति
पंकज शर्मा , अमृतसर
दमदमी टकसाल व सिख मिशनरी प्रचारक रंजीत सिंह ढडरियांवाला के मध्य पैदा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सिख संगठनों की ओर से रंजीत सिंह ढडरियांवाला के खिलाफ श्री अकाल तख्त साहिब पर दी गई शिकायतों की जांच कर रही पांच सदस्यीय कमेटी ने एक बार फिर ढडरियांवाला को एक माह का समय देते हुए कहा कि रंजीत सिंह ढडरियांवाला अपने समय की उपलब्धता को मुख्य रख कमेटी के सवालों का जवाब देने के लिए कमेटी के साथ मिलने का टाइम तय करे। उधर दमदमी टकसाल जो कि मिशनरी प्रचारक ढडरिंयांवाला के खिलाफ शिकायतें जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह को सौंप चुकी है ने अब ढडरियांवाला के खिलाफ जन अभियान शुरू करने की योजना बना ली है। इस के लिए टकसाल की ओर से अपने कुछ वरिष्ठ सेवादारों की ड्यूटी भी लगा दी है। ताकि देश व विदेशों में यहां भी रंजीत सिंह ढडरियांवाला प्रचार के लिए अपनी स्टेज स्थापित करता है वहां विरोध किए जाएं और उसके कार्यक्रमों को आयोजित न होने दिया जाए।
टकसाल ने अपने विदेशों में सरगर्म संगठनों के साथ भी इस मुद्दे पर गठजोड़ कर लिया है कि रंजीत सिंह ढडरियांवाला विदेशों में भी अपनी कोई स्टेज स्थापत न कर सके। टकसाल की समर्थन जत्थेबंदियों ने विदेशों व खास कर यूके , इटली , जर्मनी , यूएसए के कुछ राज्यों और फ्रांस आदि में भी ढडरियांवाला के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। यूके के आधी दर्जन से अधिक टकसाल समर्थक सिख संगठनों के प्रतिनिधियों ने श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंच कर ढडरियांवाला के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। इस के चलते सिख कौम का गए हिस्सा टकसालियों और मिशनरियों में विभाजित होता दिखाई दे रहा है।
रंजीत सिंह ढडरियांवाला ने वर्ष 2005—06 के दौरान संप्रदायों के बाद मिशनरी लाइन को अपनाना शुरू किया तो विवाद बढने लगा। प्रचार के दौरान एक बार ढडरियांवाला टकसालियों की पगडी बांधे के स्टाइल पर दिए ब्यान में चर्चा के आ गए। इस के बाद ढडरियांवाला के काफिला के उपर टकसाल समर्थकों ने जानलेवा हमला भी किया जो मामला अभी अदालत के विचाराधीन है। इस के बाद टकसाली खुल कर ढडरियांवाला के खिलाफ मैदान में आ गए। आज दमदमी टकसाली मेहता के बाद दमदमी टकसाल अजनाला जो आपस में मतभेद रखते है आज रंजीत सिंह ढडरियांवाला के खिलाफ एक जुट मैदान में है।
मामले की गंभीरता को मुख्य रख श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा बनाई गई जांच कमेटी पहले ढडरियांवाला को 22 दिसंबर 2019 इस के बाद 5 जनवरी 2020 को पेश होने के लिए गुरुद्वारा दुख निवारण पटियाला में बुला चुकी है। पंरतु ढडरियांवाला ने वीडिया जारी कर इस कमेटी के समक्ष पेश होने से इंकार कर दिया है। इस के बाद 2 फरवरी को जांच कमेटी ढडरियांवाला को एक माह का ओर वक्त पेश होने के लिए दे चुकी है। जबकि दूसरी ओर दमदमी टकसाल ढडरियांवाला को श्री अकाल तख्त साहिब से सजा दिलवाने के लिए राजनीति तैयार कर चुकी है। ढडरियांवाला के खिलाफ आरोप है कि वह सिख गुुरुओं के इतिहास और तथ्यों को प्रचार के दौरान तोड़ मरोड़ कर पेश करता है। टकसाल के समर्थक ढडरियांवाला के खिलाफ 90 के अधिक वीडिया व आडियो सीडी सबूत के तौर पर अकाल तख्त को सौंप चुके है।
दूसरी और दमदमी टकसाल के प्रवक्ता प्रो सरचांद सिंह ने कहा कि जांच कमेटी की ढीली कार्रवाई कई तरह की शंकाए पैदा कर रही है। जब जांच कमेटी को स्पष्ट हो चुका है कि ढडरियांवाला ने गलत तथ्य पेश किए है तो उनके प्रचार को बंद करवाने के आदेश जारी करनी चाहिए थे। जो नहीं किए।
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