सोमवार, 15 अप्रैल 2019

महंगाई भत्ता एलान होने के बाद एसजीपीसी कर्मचारियों में ग्रेड वृद्धि भी जागी आशा

— पिछले चार वर्षों से नहीं बढा है एसजीपीसी के कर्मचारियों का वेतन
— छोटे व बड़े कर्मचारियों के वेतन ग्रेडो में भारी अंतर खल रहा है समूह
कर्मचारियों को
पंकज शर्मा , अमृतसर
वर्षों से वेतन वृद्धि के लिए एसजीपीसी के नेतृत्व की ओर आशा लगाए बैठे
कर्मचारियों ने इस बार वेतन में बढौतरी की उम्मीद जाग गई है। कर्मचारियों
को उम्मीदवार है कि 30 मार्च को पेश होने वाले बजट में कर्मचारियों की
वेतन वृद्धि पर कोई ठोस फैसला लिया जा सकता है। कर्मचारियों को उम्मीद है
कि चुनावी वर्ष को मुख्य रखते हुए एसजीपीसी इस बार अपने कर्मचारियों के
वेतनों में वृद्धि अवश्य ही करेगी। क्यों कि पहले ही मौजूदा पंथक व
राजनीतिक हालातों के चलते अकाली दल राजनीतिक हालत काफी पतली हुई पड़ी है।
एसजीपीसी पर अकाली दल का पूर्ण कब्जा है। अकाली दल इस बार एसजीपीसी के
कर्मचारियों को खुश करने की भी योजना एसजीपीसी के माध्यम से लागू करने की
योजना बना चुका है। यही कारण है कि  एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिह
लोंगोवाल ने गत दिवस एसजीपीसी के अधिकारियों के बैठक करके सभी
कर्मचारियों को महंगाई भत्ता 6 प्रतिशत देने का फैसला लिया है। यह किश्त
कर्मचारियों को 1 मार्च 2019 से दी जा रही है। अब वेतन वृद्धि की मांग
लंबित है। जिस को बजट में पेश किया जा रहा है। इस के लिए कर्मचारियों के
वेतन संशोधन के लिए एक ग्रेड सब कमेटी भी एसजीपीसी के अध्यक्ष के आदेशों
पर बना दी गई है। जो कर्मचारियों के ग्रेड संशोधन पर काम कर रही है।
एसजीपीसी में पिछले कई वर्षों से कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि नही हुई
थी। अंतिम बार एसजीपीसी के पूर्व अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ के कार्यकाल
में वेतनों में वृद्धि हुई थी। उसके बाद कर्मचारियों का वेतन नहीं बढा।
एसजीपीसी का करीब 11 अरब का बजट है।  वेतनों में वृद्धि न होने के कारण
कार्मचारियों ने इस बार काफी निराशा पाई जा रही है। आज यहां देश के अंदर
7वां वेतन कमिशन की बात चल रही है। वहीं कर्मचारियों के वेतनों में पिछले
वर्षों से कोई वृद्धि् नही हुई। एसजीपीसी के अधीन आते गुरुद्वारों मतें
कर्मचारी 6 से 8 हजार रूपये तक का वेतन लेकर सेवादारी निभा रहे है। कुछ
का वेतन इस से भी कम है। वहीं एसजीपीसी के वेतन स्केल भी नामात्र है।
जबकि कई कर्मचारी और नेतृत्व के निक्टवर्ती होते है वह 50 हजार रूपये से
लेकर एक लाख रूपये प्रति माह तक का वेतन भी ले रहे है।  एसजीपीसी के अलग
अलग संस्थानों में 11 हजार  से अधिक कर्मचारी का कर रहे है। कर्मचारियों
में उस वक्त रोष बढ गया जब गत कुछ दिन पहले हुई कार्यकारिणी की बैठक में
एसजीपीसी के एक सीए की कंपनी एसएस कोहली एंड एसोसिएट्स का मेहनताने में
लाखों रूपये की वृद्धि् कर दी गई। करीब एक करोड़ रूपये प्रतिमाह एसजीपीसी
इस कंपनी को दे रही है। सरकार सेक्शन 85 के अधीन आते गुरुद्वारों को
नोटीफाई करती है। इस के तहत वहां काम करने वाले कर्मचारियों के वेतनों का
ध्यान रखने की भी हिदायतें होती है। परंतु ध्यान नही रखा जाता। कर्मी भी
नौकरी जाने के डर से आवाज नहीं उठाते। निचले स्तर के कर्मचारियों और उच्च
पदों पर बैठे कर्मचारियों के वेतनों में जमीन असमान का अंतर है। इस क लिए
किसी तरह का कोई सार्थक नियम भी लागू नहीं किया जाता है। दस दस वर्षों तक
नौकरी करने के बाद भी कर्मचारियों का वेतन 6500 से 7000 रूपये तक चला आ
रहा है। पहले कर्मचारियों वतनों में 6 प्रतिशत की वृद्धि होती थी। जो अभी
रूकी हुई है।

कर्मचारियों के वेतनों में होनी चाहिए वृद्धि: मक्कड़
एसजीपीसी के  पूर्व अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड कहते है कि आज एसजीपीसी का
नाम इस के कर्मचारियों की मेहनत के कारण ही है। कर्मचारियों के वेतनों
में वृद्धि होनी चाहिए। उनके अध्यक्ष पद के कार्यकाल में वेतनों में बड़ी
वृद्धि की गई थी।

वेतन स्केल रिवाईज करने के लिए बनाई गई है सब कमेटी: लोंगोवाल
एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने कहा कि एसजीपीसी ने इस बार
फैसला लेकर 1 मार्च 2019 से कर्मचारियों को 6 प्रतिशत महंगाई भत्ते देने
का फैसला लिया है। जबकि सभी कर्मचारियों के वेतनों में संशोधन करने के
लिए एक ग्रेड सब कमेटी गठित की गई है। जो तेजी से काम कर रही है। जल्दी
ही कर्मचारियों के वेतनों में वृद्धि लागू कर दी जाएगी।

कोई टिप्पणी नहीं: