— सिख संगठनों ने शुरू किया सिरसा का विरोध , अकाल तख्त साहिब पर भी
शिकायत करने का किया एलान
— दाढ़ी रंगने वाले भाजपा विधायक को दिल्ली कमेटी के अध्यक्ष पद पर
बिठाने के विरोध बीबी किरणजोत कौर ने भी सोशल मीडिया पर खोला मोर्चा
पंकज शर्मा , अमृतसर
दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नव निर्वाचित अध्यक्ष मनजिंदर सिंह
सिरसा अध्यक्ष बनते ही विवादों में घिर गए है। सिरसा अपनी दाढ़ी रंगते
है। जिस को लेकर पंथक क्षेत्रों में सिरसा का विरोध शुरू हो गया है।
दूसरा सिरसा दिल्ली की राजौरी गार्डन विधान सभा सीट से भारतीय जनता
पार्टी के विधायक है। भाजपा के विधायक का दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक
कमेटी के अध्यक्ष पद पर बैठना सिख पंथक संगठनों की आखों को नही भा रहा
है। मुद्दों को लेकर यहां पंथक संगठनों में रोष है। वहीं एसजीपीसी की
सदस्य व अकाली दल बादल की नेता बीबी किरणजोत कौर ने भी सिरसा को दिल्ली
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने पर विरोध प्रगट किया है।
यह विरोध बीबी किरण जोत कौर ने अपनी फेस बुक टाइम लाइन पर भी दर्ज किया
है। इस के बाद बीबी किरणजोत कौर की टाइम लाइन पर यह विरोध के मुद्दे के
रूप में उभर गया है। बीबी किरणजोत ने सिरसा की नियुक्ति पर विरोध प्रगट
करते हुए कहा कि अगर भाजपा के विधाक दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के
अध्यक्ष पद पर बिराजमान होंगे तो फिर सिख पंथ कहा है। इस बात को लेकर
विभिन्न सिख नेताओं और सिख पंथक बुद्धिजीवियों ने सिरसा के खिलाफ मोर्चा
सोशल मीडिया पर खोल दिया है। सिरसा को पंथ बुद्धिजीवी आरएसएस का व्यक्ति
बता कर गुरुद्वारों के प्रबंधों को आरएसएस के हाथों में सौंपने की चर्चा
कर रहे है।सिरसा दिल्ली में उप चुनावों के दौरान राजौरी गार्डन विधान सभा
सीटे से वर्ष 2017 में विधाक चुने गए थे। सिरसा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी
के वर्ष 2013 और 2017 में सचिव भी चुने गए है। दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक
कमेटी के अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके के उपर लगे भष्ट्राचार के संगीन आरोपों
के बाद 6 दिसंबर को जीके ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। पद खाली
चला आ रहा था , जिस के बाद हुए चुनावों में सिरसा को दिल्ली कमेटी का
अध्यक्ष चुन लिया गया ।
बीबी किरणजोत कौर का कहना है कि क्या सिख कौम के पास इस वक्त कोई भी
पंथक नेता नही है जो भाजपा के विधायक को दिल्ली के गुरुद्वारों के
प्रबंध देखने की कमान सौंपने के लिए सिख पंथक को मजबूर होना पड़ा है।
दल खालसा के किसान विंग के नेता बलदेव सिंह सिरसा कहते है कि मनजिंदर
सिंह सिरसा काफी समय से दाढ़ी रंगने का काम करते आ रहे है। दाड़ी रंगने
वाले को सिख पंथ में पतित के समान ही माना जाता है। इस के खिलाफ उनकी ओर
से पहले भी शिकायत की थी। अब दोबारा श्री अकाल तख्त साहिब पर सिरसा के
खिलाफ शिकायत देंगे। क्योंकि दाढ़ी रंगने वाला व्यक्ति किसी भी सिख व
पंथक सस्थान का सिख रहित मर्यादा के अनुसार अध्यक्ष नही बना सकता है। अगर
एसजीपीसी दाड़ी रंगने वाले मरिंदर सिंह सिरसा को सम्मानित करती है तो हम
इसका विरोध करेंगे।
अकाली दल यूनाइटेट के अध्यक्ष भाई मोहकम सिंह ने कहा कि बादल परिवार ने
अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए हमेशा ही सिख पंथक संस्थानों की
मर्यादाओं का हनन किया है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का
अध्यक्ष एक भाजपा विधायक व दाढी रंगने वाले को बना कर बादल परिवार ने एक
और बड़ी पंथक गलती की है जिसे सिख कौम कभी भी माफ नहीं करेगी। हमारी
पार्टी इस का विरोध करती है।
अकाली दल अमृतसर के महासचिव जरनैल सिंह सखीरा और कार्यालय सचिव हरबीर सिह
ने कहा कि दाढ़ी रंगने वाले भाजपा विधायक को दिल्ली कमेटी का अध्यक्ष
बनाया बादल ग्रुप के राजनीतिक पतन को दिखाता है। हम शुरू से ही इस का
विरोध करते आ रहे है।
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