शनिवार, 13 अप्रैल 2019

तरनतारन गुरुद्वारा की डियोढी गिराने का मुद्दा अकाली दल की उम्मीदवार के लिए बन सकता है चुनावी मुसीबत

— विभिन्न राजनीतिक दलों में चुनावों तक इस मुद्दे को जिंदा रखने के लिए
बनानी शुरू कर दी है रणनीति
पंकज शर्मा , अमृतसर
श्री दरबार साहिब तरनतारन गुरुद्वारा की दर्शनीय डियोढी कार सेवा वाले
बाबा जगतार सिंह समर्थकों द्वारा तोड़े जाने का मुद्दा राजनीतिक रंगत
धारण कर गया है। इस के चलते खडूर साहिब से अकाली दल की लोक सभा के लिए
खड़ी उम्मीदवार बीबी जगीर कौर के लिए प्रचार अभियान के दौरान नई
मुश्किलें खड़ी होनी शुरू हो गई है। राजनीतिक  पार्टियों ने इस मुद्दों
को लेकर एसजीपीसी के साथ साथ अकाली दल बादल को भी घेरना शुरू कर दिया है।
राजनीतिक दलों ने इस गिराई गई डियोढी को एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश
बताते हुए अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल और एसजीपीसी के अध्यक्ष
गोबिंद सिंह लोगोंवाल से त्यागपत्र मांगना शुरू कर दिया है। अब जो खडूर
साहिब लोक सभा क्षेत्र में विरोधी पार्टियां तो खुलेआम आरोप लगाने लग
पड़ी है कि एसजीपीसी की ओर से पुरातन गुरुद्वारों की इमारतों को पहली बार
गिरा नहीं रही है बल्कि इस से पहले भी कई ऐसी घटनाओं को कार सेवा वाले
बाबाओं के माध्यम से इतिहासिक निशानियों को मलियामेट कर चुकी है जिन को
लेकर समय समय पर आवाज उठती रही है। कुछ राजनीतिक ग्रुपों ने तो क्षेत्र
में लोगों मे अलग अलग गुरुद्वारों में इतिहासिक निशानियों को कार सेवा के
नाम पर मिटाने की हुई साजिशों का भी खुलासा करना शुरू कर दिया है। जो
अकाली दल की​ उम्मीदवार बीबी जगीर कौर के लिए आने वाले दिनों में चुनाव
मुहिम के दौरान बड़ी मुसीबत बनने जा रही है। क्योंकि बी​बी जगीर कौर खुद
एसजीपीसी की अध्यक्ष भी रह चुकी है। अकाली दल बादल की महिला विंग की
अध्यक्ष है और इस वक्त भी एसजीपीसी की सदस्य चली आ रही है।
डियोढी का मुद्दा पूरी तरह चुनावी रंग में रंगने के साथ साथ खडूर साहिब
लोक सभा क्षेत्र में चुनावी मुद्दे के रूप में उभरना शुरू हो गया है। इस
मुद्दों को लेकर शिरोमणि अकाली दल टकसाली, पंजाब एकता पार्टी, शिरोमणि
अकाली दल यूनाईटेड, लोक इंसाफ पार्टी और आम आदमी पार्टी ने अकाली दल बादल
और उसके उम्मीदवार को घेरना शुरू कर दिया है।
गुरुद्वारा तरनतारन  के बाहर यहा अलग अलग सिख जत्थेबंदियों के
कार्यकर्ताओं ने यहां इस मुद्दे को लेकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने
के लगातार प्रदर्शन शुरू किए हुए है वहीं मुद्दों को राजनीतिक रंगत देने
के लिए प्रदर्शन में अकाली दल टकसाली के नेता रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा,
पंजाब एकता पार्टी के नेता सुखपाल सिंह खैहरा, अकाली दल यूनाईटेड के नेता
भाई मोहकम सिंह , आम आदमी पार्टी के भगवंत मान, अकाली दल अमृतसर के जरनैल
सिंह सखीरा समेत अलग अलग सिख जत्थेबंदियों के नेताओं ने साथ देते हुए
आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है। अकाली दल बादल की विरोधी पार्टियां इस
मुद्दे को लोक सभा चुनावों के मतदान तक जीवत रखने के लिए रणनीति बनाने लग
पड़ी है। संभावना है कि आने वाले कुछ दिनों में अकाली दल को पूरी तरह
घेरने के लिए विरोधी पार्टियों ने इस मुद्दों को बड़े स्तर पर उठाने का
फैसला लिया है।


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