— एसजीपीसी की जांच कमेटी पर संगत को नही है विश्वास
— जत्थेदार अकाल तख्त अपनी देख रेख में करवाए डियोढी गिराने के मामले की जांच
जागरण संवाददाता, अमृतसर
अकाली दल टकसाली के अध्यक्ष रंजीत सिहं ब्रह्मपुरा ने कहा कि गुरुद्वारा
तरनतारन की डियोढी को तोड़ गिराने के मामले की जांच श्री अकाल तख्त साहिब
के जत्थेदार को अपनी देख रेख में कमेटी बना कर करवाएं। क्योंकि शिरोमणि
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से बनाई गई जांच कमेटी को सिख संगत
स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। यह भी संगत में चर्चा है कि डियोढी
को कार सेवा वाले बाबा जगतार सिंह के साथ मिलीभुगत करके एसजीपीसी के
कुछ पदाधिकारियों ने खुद ही गिरवाया है। इस लिए जांच एसजीपीसी की जांच
कमेटी निष्पक्षता से नहीं कर सकती है। रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा पार्टी के
वरिष्ठ नेता सेवा सिंह सेखवां, रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा, अमरपाल सिंह बोनी
और अन्य नेताओं के साथ श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत
सिंह को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए ज्ञापन सौंपे के
लिए पहुंचे थे।
ज्ञापन सौंपने के बाद रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब
की डियोढी सिख कौम की एक इतिहासिक विरासत है। जिस को संभला जाना अति
जरूरी है। परंतु एक सुनियोजित साजिश के तहत एसजीपीसी के साथ मिलीभुगत के
चलते ही कार सेवा वाले बाबा ने इस इतिहासिक डियोढी को गिरा दिया है।
उन्होनें खुल कर आरोप लगाते हुए कहा कि एसजीपीसी के कुछ अधिकारियों और
कार सेवा वाले बाबाओं के एक माफिया बना हुआ है। जो इन बाबाओं से पैसे
लेकर उनको गुरुद्वारों की कार सेवा का काम सौंपता है। कार सेवा को समय
बद्ध नहीं किया जाता है। इस लिए जितने की इमारत बनती है उसे से गई गुणा
अधिक पैसे बाबा इकट्ठा करते है और उन से अपने कारोबार चलाते है। जो
इमारते कम समय में तैयार हो जाती है उनको तैयार करने के लिए भी कई कई
वर्ष जानबूझ कर लगा दिए जाते है। ताकि कार सेवा के नाम पर संगत से राशि
इकट्ठी करने का कारोबार बंद न हो सके। इस के लिए इस एसजीपीसी के कुछ
अधिकारियों और बाबाओं के बीच के नैक्सेस को तोडना जरूरी है। इस मुद्दे को
लेकर भी सिंह साहिब के साथ बात हुई है।
ब्रह्मपुरा ने कहा कि उनकी पार्टी की ओर से मांग की गई है कि डियोढी को
गिराने के मामले में बाबाओं के साथ साथ एसजीपीसी के जो भी अधिकारी शामिल
है उनके खिलाफ भी मामले दर्ज होने चाहिए । इस के लिए श्री अकाल तख्त
साहिब के जत्थेदार को खुद हस्तक्षेप करना चाहिए। क्योंकि हो सकता है कि
एसजीपीसी के अधिकारी अपने आरोपी व्यक्ति को बचाने की कोशिश करें। वहीं
भविष्य में ऐसा नियम बनाया जाना चाहिए कि एसजीसीपी के अधिकारियों और
बाबाओं में कार सेवा को लेकर कोई सौदाबाजी न हो सके।
ब्रह्मपुरा ने कहा कि सिंह साहिब ने उनको आश्वासन दिया है कि किसी भी
आरोपी को बख्शा नही जाएगा। एसजीपीसी की जांच कमेटी ने भी उनको रिपोर्ट
सौंप दी है। जिस में भी कार सेवा वाले बाबा और एसजीपीसी के कर्मचारियों
को आरोपी बताया है। इस लिए प्रत्येक आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाई
जाएगी। ब्रह्मपुरा ने कहा कि उनकी पार्टी अकेले ही लोक सभा चुनावों में
हिस्सा ले रही है। अभी तक तीन सीटों पर ही उम्मीदवार खड़े किए है। जल्दी
ही और उम्मीदवारों के संबंध में फैसला करके एलान कर दिया जाएगा।
— पंकज शर्मा
— जत्थेदार अकाल तख्त अपनी देख रेख में करवाए डियोढी गिराने के मामले की जांच
जागरण संवाददाता, अमृतसर
अकाली दल टकसाली के अध्यक्ष रंजीत सिहं ब्रह्मपुरा ने कहा कि गुरुद्वारा
तरनतारन की डियोढी को तोड़ गिराने के मामले की जांच श्री अकाल तख्त साहिब
के जत्थेदार को अपनी देख रेख में कमेटी बना कर करवाएं। क्योंकि शिरोमणि
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से बनाई गई जांच कमेटी को सिख संगत
स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। यह भी संगत में चर्चा है कि डियोढी
को कार सेवा वाले बाबा जगतार सिंह के साथ मिलीभुगत करके एसजीपीसी के
कुछ पदाधिकारियों ने खुद ही गिरवाया है। इस लिए जांच एसजीपीसी की जांच
कमेटी निष्पक्षता से नहीं कर सकती है। रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा पार्टी के
वरिष्ठ नेता सेवा सिंह सेखवां, रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा, अमरपाल सिंह बोनी
और अन्य नेताओं के साथ श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत
सिंह को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए ज्ञापन सौंपे के
लिए पहुंचे थे।
ज्ञापन सौंपने के बाद रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब
की डियोढी सिख कौम की एक इतिहासिक विरासत है। जिस को संभला जाना अति
जरूरी है। परंतु एक सुनियोजित साजिश के तहत एसजीपीसी के साथ मिलीभुगत के
चलते ही कार सेवा वाले बाबा ने इस इतिहासिक डियोढी को गिरा दिया है।
उन्होनें खुल कर आरोप लगाते हुए कहा कि एसजीपीसी के कुछ अधिकारियों और
कार सेवा वाले बाबाओं के एक माफिया बना हुआ है। जो इन बाबाओं से पैसे
लेकर उनको गुरुद्वारों की कार सेवा का काम सौंपता है। कार सेवा को समय
बद्ध नहीं किया जाता है। इस लिए जितने की इमारत बनती है उसे से गई गुणा
अधिक पैसे बाबा इकट्ठा करते है और उन से अपने कारोबार चलाते है। जो
इमारते कम समय में तैयार हो जाती है उनको तैयार करने के लिए भी कई कई
वर्ष जानबूझ कर लगा दिए जाते है। ताकि कार सेवा के नाम पर संगत से राशि
इकट्ठी करने का कारोबार बंद न हो सके। इस के लिए इस एसजीपीसी के कुछ
अधिकारियों और बाबाओं के बीच के नैक्सेस को तोडना जरूरी है। इस मुद्दे को
लेकर भी सिंह साहिब के साथ बात हुई है।
ब्रह्मपुरा ने कहा कि उनकी पार्टी की ओर से मांग की गई है कि डियोढी को
गिराने के मामले में बाबाओं के साथ साथ एसजीपीसी के जो भी अधिकारी शामिल
है उनके खिलाफ भी मामले दर्ज होने चाहिए । इस के लिए श्री अकाल तख्त
साहिब के जत्थेदार को खुद हस्तक्षेप करना चाहिए। क्योंकि हो सकता है कि
एसजीपीसी के अधिकारी अपने आरोपी व्यक्ति को बचाने की कोशिश करें। वहीं
भविष्य में ऐसा नियम बनाया जाना चाहिए कि एसजीसीपी के अधिकारियों और
बाबाओं में कार सेवा को लेकर कोई सौदाबाजी न हो सके।
ब्रह्मपुरा ने कहा कि सिंह साहिब ने उनको आश्वासन दिया है कि किसी भी
आरोपी को बख्शा नही जाएगा। एसजीपीसी की जांच कमेटी ने भी उनको रिपोर्ट
सौंप दी है। जिस में भी कार सेवा वाले बाबा और एसजीपीसी के कर्मचारियों
को आरोपी बताया है। इस लिए प्रत्येक आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाई
जाएगी। ब्रह्मपुरा ने कहा कि उनकी पार्टी अकेले ही लोक सभा चुनावों में
हिस्सा ले रही है। अभी तक तीन सीटों पर ही उम्मीदवार खड़े किए है। जल्दी
ही और उम्मीदवारों के संबंध में फैसला करके एलान कर दिया जाएगा।
— पंकज शर्मा
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