——— प्रेस नोट ————
कानून का रस्सा गले में आता देख बादल कर रहे है कि कुंवर विजय प्रताप का विरोध: मन्ना
— सोशल मीडिया पर पंथक ढंड बैठके लगाने वाले कौम बरदारों को मैदान में आते हुए सच सामने लेकर आ रहे पुलिस अधिकारी का देना चाहिए साथ
—
श्री गुरु ग्रंथ साहिब व बहिबल कलां का सच सामने आने के डर से स्कूल के
नलायक बच्चों की तरह बादल व मजीठिया डराने लग पड़े है पुलिस अधिकारियों को
अमृतसर , 7 अप्रैल :
पंजाब
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव व प्रवक्ता मनदीप सिंह मन्ना ने
कहाकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी व बहिबल कलां गोली कांड मामलों में
कानूनी शिकंजों घिर रहा बादल परिवार अपने बचाव के लिए ही मामले की जांच कर
रहे पुलिस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह का विरोध कर रहा है। बादलों को
स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम की ओर से की जा रही जांच से स्पष्ट हो गया है कि
बेअदबी व गोलीकांड मामले में उनका सच दुनिया के समाने आने वाला है और कानून
के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। तभी मामले की जांच कर रहे
इंमानदार छवि वाले अधिकारी का बादल और मजीठिया विरोध करने लग पड़े है।
बादलों के पापों अब जल्दी ही सजा मिलने वाली है। सारा पंजाब आज जांच
अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है और
बादल परिवार को कानून के शिकंजे में आया देखना चाहता है। पंजाब ही नहीं
बल्कि सारा देश और विदेशों में बैठे भारतीय भी जांच अधिकारी कुंवर विजय
प्रताप सिंह के साथ खड़े है। आज देश मांग कर रहा है कि लोक सभा चुनावों से
पहले स्पेशल जांच टीम बेअदबी मामलों की सचाई को सर्वजनक करे।
मन्ना
ने कहा कि सुखबीर और बिक्रम मजीठिया का किसी कक्षा के नालायक बच्चे जैसे
वह हाल है जो फेल होने के डर से रोने लग पडता है। यह दोनों भी अब अपने
पापों के कारण सजा के नजदीक पहुंच रहे है जिस के चलते यह जांच अधिकारी का
ही विरोध करने लग पडे है। उन्होंने कहा कि पहले बादल की सरकार ने ही जस्टिस
जोर सिंह कमिशन को जांच सौंपी , मामले का सच जब बादल परिवार के घर की तरफ
गया तो जस्टिस जोरा सिंह की रिपोर्ट दबा ली गई। बाद में जस्टिस रंजीत सिंह
कमिशन की रिपोर्ट ने सच बादलों के साथ साबित कर दिया तो उसका भी यह विरोध
करने लग पडे। अब स्पेशल जांच टीम ने सच को दुनिया के समक्ष लाने की कोशिश
की तो जांच कर रहे इमानदार छवि वाले अधिकारियों का विरोध करने लग पडे है।
अगर बादल आज मामले की जांच सीआईए से भी करवा ले तो तब भी सच उनके घर से ही
निकलेगा। अब खुद वाहेगुरु भी बादल और मजीठिया परिवार को उनके पापों की
मिलने वाली सजा से नहीं बचा सकता।
मन्ना ने कहा कि बादलो की
नीतियों के खिलाफ पानी पी पी कर कोसने वाले कथित टकसाली , पंथक और कौम के
रक्षक शांत होकर क्यों बैठ गए है जब एक पुलिस अधिकारी बादलों की करतूतों का
सच दुनिया के समाने नंगा करने जा रहा है। अखबारी , फेसबुक , टीवटर और
वट्सएप पर पंथक बैठके मारने वाले कौम बरदारों को मैदान में आकर जांच
अधिकारियों का साथ देते हुए बादलों को उनके किए की सजा दिलवानी चाहिए। छोटी
छोटी बातों पर सोशल मीडिया के उपर सिख कौम का दुनिया की ताकतवार कौम होने
का शोर मचाने वाले आज कौम के गद्दार बादल व मजीठिया परिवार को सजाएं
दिवलाने के लिए चुप्प नहीं रहने चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिक्रम
मजीठिया खुद नशा तस्करों का साथी होने के आरोपों में घिरा हुआ है वह आज
बादल परिवार को बचाने के लिए पुलिस अधिकारियों को धमकियां दे रहा है। पुलिस
अफसरों को धमकियां देने वाले इस व्यक्ति की पहचार सिर्फ यह है कि वह
सुखबीर बादल का नजदीकी रिश्तेदार और इस व्यक्ति के हालात यह है कि एक
हवालदार का टेस्ट भी न पास कर सकने वाला व्यक्ति पुलिस अधिकारियों को उलटे
पटले आदेश देकर डरा धमका रहा है।
मन्ना ने कहा कि आज सिख कौम
केपी एस गिल का विरोध इस लिए करती है कि उसने आतंकवाद के काले दौर में
खालिस्तानियों को मरवाने के आदेश दिए थे यहां तक के उसको श्री हरिमंदिर
साहिब में अरदास भी नहीं करने दी जाती थी। परंतु आज बादल परिवार जिस ने
श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबियां करवाई, बेअबदी का विरोध करने वाली संगत
के उपर गोलियां चलवाई उसके लिए श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथियों और
तख्तों के जत्थेदारों की जुबान इनकी अरदास करवाने के लिए चुप्प क्यों हो गई
है। समय की जरूरत है कि आज सिख कौम के दुश्मनों बादल और मजीठिया परिवारों
को सिख गुरुधामों के अंदर प्रवेश भी नहीं करने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि
आज हर पंजाबी जो कहीं भी दुनिया में बैठा हुआ है वह बादलों के खिलाफ चल
रही जांच का परिणाम जल्दी देखना चाहता और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के कातिलों
को सजा भुगतता देखने के लिए ततपर है। इस लिए दुनिया भर के पंजाबियों को उस
पुलिस अधिकारी के साथ खड़ा होना चाहिए जो असल दोषियों के चेहरों को बेनकाब
करने जा रहा है।
— जारी कर्ता
मनदीप सिह मन्ना
पूर्व प्रवक्ता व सचिव
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें