अमृतसर
एसजीपीसी की सदस्य बीबी किरणजोत कौर ने कहा कि एसजीपीसी के हाउस में लोक
तंत्र नही है। एसजीपीसी के सदस्य अगर किसी बात को लेकर एतरात प्रगट करते
है कि उनको हाउस में बोलने ही नहीं दिया गया। आज भी जब वह सदस्यों को
मिलने वाले टीए और एजूकेशन पर रखे बजट के संबंध में बोलने लगी तो उसे
बोलने नहीं दिया गया। जब वह बोल रही थी तो उसी समय उसकी आवाज बंद करने के
लिए आनंद साहिब का पाठ शुरू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जब एसजीपीसी के
सदस्य टीए नहीं लेते तो फिर टीए के लिए फंड अलग से क्यों रखा गया है। दो
वर्षों में टीए के उपर 1 लाख 87 हजार कैसे खर्च कर दिया गया। नौ महीनों
में 50 लाख रूपये टीए पर ही खर्च हो गया। कुल 70 लाख आने जाने के वाहनों
पर खर्च कर दिया गया। इस बार भी इस के लिए 85 लाख खर्च रखा गया है। इस को
कम करके सिर्फ पांच लाख ही रखा जाना चाहिए। अगर आज एसजीपीसी के शिक्षण
संस्थान घाटे में चल रहे है तो फिर फिर डायरेक्टोरेट डिवेल्पमेंट फंड
कहां खर्च किया जा रहा है। पटियाला के एक कालेज में 11 करोड़ 63 लाख
68700 रूपये कार खर्च पर डाल दिए गए है। इस के बारे में स्पष्ट नही किया
गया है। एक सीए फर्म को 11 लाख 55 हजार रूपये मासिक और 13860000 रूपये
वार्षिक किस के लिए दिए जा रहे है। इसी तरह बहुत सारे गुरुद्वारों के
खर्चे भी पारदर्शी नही है जिस पर उसे बोलने नहीं दिया गया।
— पंकज शर्मा
एसजीपीसी की सदस्य बीबी किरणजोत कौर ने कहा कि एसजीपीसी के हाउस में लोक
तंत्र नही है। एसजीपीसी के सदस्य अगर किसी बात को लेकर एतरात प्रगट करते
है कि उनको हाउस में बोलने ही नहीं दिया गया। आज भी जब वह सदस्यों को
मिलने वाले टीए और एजूकेशन पर रखे बजट के संबंध में बोलने लगी तो उसे
बोलने नहीं दिया गया। जब वह बोल रही थी तो उसी समय उसकी आवाज बंद करने के
लिए आनंद साहिब का पाठ शुरू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जब एसजीपीसी के
सदस्य टीए नहीं लेते तो फिर टीए के लिए फंड अलग से क्यों रखा गया है। दो
वर्षों में टीए के उपर 1 लाख 87 हजार कैसे खर्च कर दिया गया। नौ महीनों
में 50 लाख रूपये टीए पर ही खर्च हो गया। कुल 70 लाख आने जाने के वाहनों
पर खर्च कर दिया गया। इस बार भी इस के लिए 85 लाख खर्च रखा गया है। इस को
कम करके सिर्फ पांच लाख ही रखा जाना चाहिए। अगर आज एसजीपीसी के शिक्षण
संस्थान घाटे में चल रहे है तो फिर फिर डायरेक्टोरेट डिवेल्पमेंट फंड
कहां खर्च किया जा रहा है। पटियाला के एक कालेज में 11 करोड़ 63 लाख
68700 रूपये कार खर्च पर डाल दिए गए है। इस के बारे में स्पष्ट नही किया
गया है। एक सीए फर्म को 11 लाख 55 हजार रूपये मासिक और 13860000 रूपये
वार्षिक किस के लिए दिए जा रहे है। इसी तरह बहुत सारे गुरुद्वारों के
खर्चे भी पारदर्शी नही है जिस पर उसे बोलने नहीं दिया गया।
— पंकज शर्मा
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