सोमवार, 15 अप्रैल 2019

एसजीपीसी के बजट इजलास के दौरान भारत—पाक द्वारा कारतारपुर लांघा खोलने के लिए की गई कोशिशों का किया स्वागत

——— बजट सेशन के दौरान पास किए गए अलग अलग प्रस्ताव ———

एसजीपीसी के बजट इजलास के दौरान भारत—पाक द्वारा कारतारपुर लांघा खोलने
के लिए की गई कोशिशों का किया स्वागत
जागरण संवाददाता, अमृतसर
एसजीपीसी के बजट इजलास के दौरान एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह
लोंगोवाल ने तीन अलग अलग शोक प्रस्ताव पास किए गए । इस दौरान सिख पंथ के
सथ संबंधित 11 अलग अलग प्रस्तावों को भी पास किया गया।

— श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शनों के लिए आने वाली संगत की सुविधाओं के
लिए बुर्ज अकाली बाबा फूला सिंह , गुरुद्वारा शहीदां साहिब और
सुलता​नविंड गेट से श्री दरबार साहिब के लिए आने वाले रास्तों को चौड़ा
करने और इनको हरा भरा बनाने के लिए ध्यान देने की सरकार से मांग की गई
—श्री हरिमंदिर साहिब को आने वाले रास्ते में खुली पान बीडी,तंबाकू,
सिगरेट , शराब व मास आदि की खुली दुकानों को बंद करवाए जाने की मांग की
गई
— देश की अलग अलग जेलों में बंद विभिन्न केसों की सजाए पूरी कर चुके सिख
युवाओं की रिहाई की मांग भारत सरकार से की गई। बलवंत सिंह राजोआना की
फांसी की सजा को भी माफ किया जाए।
— एसजीपीसी की मांग है कि पंजाब के युवाओं का जो विदेशों में पलायन हो
रहा है उसे रोकने के लिए युवाओं को राज्य व भारत के अंदर ही रोजगार आदि
के अवसर पैदा किए जाए। ताकि रोजगार आदि के लिए युवा वर्ग विदेशों में न
जाए। इस से धर्म और समाजिक सरोकारों की हानि होती है।
— सिख कौम गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए  भारत व पाक की
ओर से रास्ता खोलने की कोशिश जो की गई है उनका स्वागत करती है। इस रास्ते
को खोलने में जो भी रूकावटें आ रही है उनको दोनो सरकारें मिल बैठ आपसी
सहमति से हल करें। रास्ता खोलने के लिए जो कोशिश चल रही है उसका एसजीपीसी
दोनों सरकारो का स्वागत करती है।
— एसजीपीसी फिल्मों नाटकों, टीवी सीरियलों में सिख पात्रों को मजाकिया
लहिजे में  पेश करने की सख्त शब्दों में निंदा करती है। सोशल मीडिया पर
सिख योद्धाओं और गुरु साहिब के खिलाफ की जाती टिप्पणियों को पूर्ण तौर पर
सरकार बंद करवाए। इस के लिए सख्त कानून बनाया जाए।
— एसजीपीसी का आज का इजलास देश विदेशों मकें सिखों व अन्य अल्पसंख्कों के
उपर होते नस्लीय हमलों की निंदा करती है इस को रूकवाने  के लिए भारत
सरकार को विदेशी सरकार से बातचीत करे। हरियाणा के गांव बदसुई में सिखों
पर किए हमले की निंदा की गई। सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा यकीनी बनाए
—  एसजीपीसी देश के अंदर अलग अलग राज्यों में होती प्रतियोगी परीक्षाओं
में सिख ​विद्यार्थियों को ककार धारण करके परीक्षा देने से रोकने की
नीतियों को वापिस ले। इस के लिए परीक्षा आयोजकों को सख्त हिदायतें की
जाएं कि सिख विद्यार्थियों और युवाओं के ककार न उतारें जाएं। विदेशी हवाई
अड्डों पर सिखों को दस्तार उतारने के लिए मजबूर किया जाना बंद किया जाए
— ​जनरल इजलास दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से 1984 के दिल्ली दंगों के दोषी
सज्जन कुमार और उने सार्थियों की दी गई सजा पर तसल्ली प्रगट करता है।
मांग की जाती है कि इस में शामिल जगदीश टाइटलर और कमलनाथ और अन्य
आरोपियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई मुकम्मल करने उनको भी सजाएं दी
जाए।
— एसजीपीसी श्री गुरु राम दास यूनिवर्सिटी आफ हैल्थ साइंस को यूजीसी की
ओर से मान्यता दिए जाने का स्वागत करती है। यह संस्थान भारत के पहले दस
मेडिकल संस्थानों में स्थान रखता है। संस्थान गुरु साहिब की शिक्षाओं के
अनुसार धर्म , शिक्षा , सेहत ​सुविधाओं व जरूरतमंदों की मदद के लिए तैयार
रहता है। यहां पर कम खर्च पर बेहतर इलाल सुविधांए दी जाती है। गरीबों के
लिए मेडिकल वैने शुरू की गई है। आज एसजीपीसी के 5 कालेज खुद मुखतियार
दर्जा हासिल कर चुके है। 4 कालेजों को 4 स्टार कालेजों को दर्जा भी मिल
चुका है। भविष्य में एसजीपीसी जन कल्याण के कामों को समर्पित रहेगी।
—————— पास किए गए शोक प्रस्ताव ————
— पहले प्रस्ताव के माध्यम से जत्थेदार दलीप सिंह मल्लूनंगर की मृत्यु पर
गहरा दुख प्रगट किया गया। उन्होंने वर्ष 1984 में सेना की ओर से तहसनहस
की गई सिख रेफ्रेंस लाईब्ररेरी को दोबारा स्थापित करने में विशेष भूमिका
निभाई। हरिमंदिर साहिब के प्रबंधों को बेहतर बनाने के लिए उनका काफी
योगदार रहा
—एसजीपीसी का की ओर से सिख विद्वान व इतिहासकार ज्ञानी बलवंत सिंह कोठा
गुरु की मृत्यु पर गहरा शोक प्रगट करती है। इन्होंने सिख कौम के लिए काफी
​सिख इतिहास की पुस्तकें लिखी।
— तीसरे प्रस्ताव के माध्यम से जत्थेदार मोखा सिंह पूर्व एसजीपीसी सदस्यी
की मृत्यु पर भी गहरा दुख प्रगट किया गया। उन्होंने सिख कौम की प्रसार व
प्रचार के लिए काफी भूमिका निभाई।
— पंकज शर्मा

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