सोमवार, 15 अप्रैल 2019

वा​मपंथियों के राजनीतिक स्वार्थों ने पंजाब में नही बनने दिया वामगठजोड़

— मकापा —भाजपा की इस बार नही चल पाई इकट्ठा
— प्रत्येक वामपंथी ग्रुप इस बार अपने बल पर उतर रहा है चुनावी मैदान में
पंकज शर्मा , अमृतसर
देश की प्रमुख वामपंथी पार्टियां इस बार लोक सभा चुनावों के दौरान यहां
राष्ट्रीय स्तर पर वामगठजोड़ स्थापित करने में असफल रही वहीं पंजाब में
भी इस बार वामपंथी एक जुट नहीं हो पाए। प्रत्येक वामपंथी ग्रुप के अपने—
अपने  राजनीतिक स्वार्थ वामगठजोड़ कायम करने में रूकावट बने।
वाम पांथियों के सभी प्रमुख पार्टियों ने राज्य के अंदर इस बार अपना
—अपना अलग रास्ता चुनते हुए अलग अलग डफ्ली बजाने का फैसला कर लिया है।
यही कारण है कि इस बार वाम की दो प्रमुख पार्टियां माकपा और भाकपा भी अलग
अलग रास्ते पर चल पड़ी है।
माकपा ने इस बार राज्य में सिर्फ एक सीट आनंदपुर साहिब पर ही उम्मीदवार
खड़ा करने का फैसला लिया है। माकपा की अंतिम तक यही कोशिश रहेगी कि
कांग्रेस के साथ किसी तरह गठजोड़ बन जाए। उधर वामपंथियों की दूसरी बड़ी
पार्टी भाकपा ने पंजाब डेमोक्रेटिक अलाइंस के साथ समझौता कर लिया है। इस
समझौते के तहत भाकपा ने फिरोजपुर सीट ली है। यहां से भाकपा की ओर से
पार्टी के ​फाजिलका के सचिव हंस राज लोचन को उम्मीदवार बनाया गया है। इसी
तरह क्रांतिकारी मार्क्सवादी ने भी पंजाब डेमोक्रेटिक अलाइंस के साथ
समझौता करके गुरदासपुर से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इस सीट से
क्रांतिकारी मार्क्सवादी पार्टी ने लाल चंद कटारूचक को उम्मीदवार बनाया
है।
वाम पंथ का एक ग्रुप फारवर्ड ब्लाक इस बार राज्य के अंदर लोक सभा चुनावों
में बिलकुल खामोश है। फारवर्ड ब्लाक इस बार कोई भी उम्मीदवार पंजाब में
खडा नहीं कर रहा है। वांमपंथी पार्टी रेवेल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी ने दो
सीटों पर अपने बलबूते पर उम्मदीवार खडे करने का फैसला किया है। आरएसपी
पटियाला और फतेहगढसाहिब से उम्मीदवार खड़े कर रही है। अभी तक उम्मीदवारों
का एलान नहीं किया गया। आने अगले सप्ताह पार्टी उम्मीदवारों के नामों का
इन सीटो से एलान करेगी। भाकपा माले — लिब्रेशन  ने राज्य के अंदर अपने बल
पर तीन सीटों पर उम्मीदवार खडे करने का एलान कर दिया है। पार्टी की ओर से
संगरूर से गुरनाम सिहं , बठिंडा से भगवंत सिंह समाओ और गुरदासपुर से
अश्वनी कुमार को उम्मीदवार बनाया है। जबकि भाकपा माले — न्यू डेमोक्रेसी
ग्रुप की ओर से भी दो  सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बनाई जा रही है।
पार्टी ने  जालंधर से चुनाव लड़ने का पहले ही मन बनाया हुआ है।
उम्मीदवारों के नाम एलान करना अभी बाकी है।
आरएसपी के राज्य सचिव करनैल सिंह कहते है कि उनकी पार्टी ने राज्य के
अंदर वामपंथी गठजोड़ बनाने की पेशकश की थी। परंतु माकपा और भाकपा एकता से
भाग गई। उधर माकपा के राज्य सचिव सुखविंदर सिह सेखों कहते है कि उनकी
पार्टी भी वाम एकता के पक्ष में थी। परंतु भाकपा ने एकता करने की जगह
सुखपाल खेहरा के गठजोड़ को पहल दे दी इस लिए हम भाकपा से दूर हो गए। उधर
भाकपा के  वरिष्ठ नेता व सचिव अमरजीत  सिंह आसल कहते है कि  माकपा
कांग्रेस पार्टी के साथ गठजोड़ बनाना चाहती थी इस के लिए वाम एकता राज्य
के अंदर संभव नहीं हो पाई। जबकि भाकपा माले लिब्रेशन के नेता गुरमीत सिंह
बखतुपुरा ने कहा कि माकपा और भाकपा की नीतियां हमेशा ही वाम विरोधी रही
है इस लिए उनकी पार्टी के साथ माकपा भाकपा का गठजोड़ बैठ ही नहीं सकता।


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