— पीएसयू व नौजवान भारत सभा ने शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए कार्यक्रम की तैयारियों को किया मुकम्मल
अमृतसर
पंजाब स्टूडेंट्स यूनियान व नौजवान भारत सभा की ओर से 13 अप्रैल को अमृतसर में जलियांवाला बाग के साके की शताब्दी मनाने के लिए आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम की तैयारियां मुकम्मल कर ली है। जिस के तहत शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए दोनों संगठनों की ओर से कंपनी बाग मे विशाल रैली करने के बाद जलियांवाला बाग तक एक मार्च भी आयोजित किया जाएगा। परंतु सरकार की ओर से इस दिन पांच या अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने पर लगाई रोक को निंदनीय बताया है। कहा कि यह रोक लोगों को अपने शहीदों को श्रद्धांलजि भेंट करने के लिए रोकने की एक सुनियोजित साजिश है।
पीएसयू के नेताओं के रणबीर रंधावा, रमिंदर पटियाला और हरदीप कौर कोटला ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से 13 अप्रेल को 5 या 5 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी के आदेश लगाना अंग्रेजी सरकार के शासन को याद करवाता था। आज से 100 वर्ष पहले भी 13 अप्रेल 1919 को समय की अंग्रेजी हकूमत ने भी वैशाखी के अवसर पर शहर में पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी थी और लोग जलियांवाला बाग में इकट्ठा हुए तो वहां पर लोगों के उपर गोलियां चला दी गई।
युवा और छात्र संगठनों के नेताओं ने कहा कि उनके संगठन हर हाल में शहीदी कार्यक्रम और मार्च का आयोजन करेंगे। सरकार आंदेशों के पाबंदी के हुकमों का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल को हजारों की संख्या में युवा और विद्यार्थी अमृतसर पहुंचेंगे।
— पंकज शर्मा
अमृतसर
पंजाब स्टूडेंट्स यूनियान व नौजवान भारत सभा की ओर से 13 अप्रैल को अमृतसर में जलियांवाला बाग के साके की शताब्दी मनाने के लिए आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम की तैयारियां मुकम्मल कर ली है। जिस के तहत शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए दोनों संगठनों की ओर से कंपनी बाग मे विशाल रैली करने के बाद जलियांवाला बाग तक एक मार्च भी आयोजित किया जाएगा। परंतु सरकार की ओर से इस दिन पांच या अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने पर लगाई रोक को निंदनीय बताया है। कहा कि यह रोक लोगों को अपने शहीदों को श्रद्धांलजि भेंट करने के लिए रोकने की एक सुनियोजित साजिश है।
पीएसयू के नेताओं के रणबीर रंधावा, रमिंदर पटियाला और हरदीप कौर कोटला ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से 13 अप्रेल को 5 या 5 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी के आदेश लगाना अंग्रेजी सरकार के शासन को याद करवाता था। आज से 100 वर्ष पहले भी 13 अप्रेल 1919 को समय की अंग्रेजी हकूमत ने भी वैशाखी के अवसर पर शहर में पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी थी और लोग जलियांवाला बाग में इकट्ठा हुए तो वहां पर लोगों के उपर गोलियां चला दी गई।
युवा और छात्र संगठनों के नेताओं ने कहा कि उनके संगठन हर हाल में शहीदी कार्यक्रम और मार्च का आयोजन करेंगे। सरकार आंदेशों के पाबंदी के हुकमों का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल को हजारों की संख्या में युवा और विद्यार्थी अमृतसर पहुंचेंगे।
— पंकज शर्मा
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें