—एसजीपीसी को भारत सरकार ने जत्था पाक भेजने के लिए विशेष हिदायतें की जारी
— एसजीपीसी सिख श्रद्धालुओं के जत्थे की सूची केंद्र सरकार को 4 व राज्य
सरकार को 6 सप्ताह पहले देगी
पंकज शर्मा , अमृतसर
पाकिस्तान के लिए श्रद्धालुओ के जत्थे भेजने के लिए भारत सरकार ने
एसजीपीसी को विशेष हिदायतें जारी कर दी है। ताकि भविष्य में किसी तरह की
कोई मुश्किल दोनों देशों के लिए पैदा न हो जाए। एसजीपीसी की ओर से गुरु
नानक देव जी के 550 वें प्रकाश पर्व को व्यापक स्तर पर आयोजित करने के
लिए तैयारियां की जा रही है। वहीं प्रकाश पर्व पर जाने वाले जत्थों को
लेकर केंद्र सरकार, केंद्रीय गृह मंत्रालय और केंद्रीय विदेश मंत्रालय
चौकन्ना हो गया है। इस के चलते पंजाब सरकार ने भी सख्त कदम उठा लिए है।
केंद्र सरकार की ओर से प्राप्त हिदायतों को मुख्य रख पंजाब सरकार के आम
राज प्रबंध विभाग तालमेल शाखा ने एक दो पन्नों का पत्र एसजीपीसी को भेजा
है। इस पत्र में एसजीपीसी को श्रद्धालुओं के जत्थे पाकिस्तान भेजने के
संबंध में विशेष हिदायतें जारी कर दी गई है। जत्थों के मामले को लेकर
एसजीपीसी के प्रतिनिधियों समेत अलग अलग रज्यों से भी विभिन्न सिख
संस्थाओं के प्रतिनिधियों की एक बैठक दस अक्टूबर 2018 को केंद्रीय गृह
विभाग के ज्वाइंट सचिव के साथ हुर्ठ थी। जिस मे पंजाब सरकार की ओर से
अमृतसर के डीसी और एसजीपीसी के सचिव को शामिल किया गया था। इस में गृह
मंत्रालय पंजाब के भी प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इस मीटिंग के दौरान हुए
अलग अगल चर्चा के बाद केंद्र सरकार ने एसजीपीसी के लिए विशेष निर्देश
पाकिस्तान जत्थे भेजने के लिए जारी कर दिए है।
एसजीपीसी को सरकार ने हिदायत की है कि पाकिस्तान में श्रद्धालुओं का कोई
भी जत्था भेजने संबंधी सारी जानकारी और जत्थे के सदस्यों की सूची पंजाब
सरकार को 6 सप्ताह पहले दी जाए जबकि केंद्र सरकार को यह जानकारी और सूची
4 सप्ताह पहले दी जाए। इस सूची में जत्थे में जाने वाले जिन लोगों के नाम
शामिल एक बार कर दिए गए है बाद में उन नामों में कोई अन्य नाम न शामिल
किए जाए और न ही मौके पर कोई नाम शामिल किए जाएं। भेजी गई सूची में नामों
का कोई भी बदलाव न किया जाए। भेजे जाने वाले जत्थों संबंधी नवंबर के
अंतिम सप्ताह तक व नव वर्ष के कैलेंडर की तिथियों के अनुसार भी सूची
मांगी गई है। ताकि अन्य राज्यों को भी केंद्र सरकार की ओर से सूचित किया
जा सके। एसजीपीसी समेत अन्य राज्यों की जत्था कमेटियों को भी हिदायतें
जारी की गई है कि कोई भी संस्थान भारत व राज्य सरकारों को सूचित किए बिना
सीधे रूप में वीजा लेने के लिए पाकिस्तान एम्बेसी के साथ संपर्क नहीं
करेगा। राज्य सरकार से प्राप्त सूची को केंद्र सरकार का विदेश मंत्रलाय
वीजा के लिए पाक एम्बेसी को सूची भेजेगा और स्वीकृत वीजों की सूची व
जत्थे में शामिल लोगों की सूची पाकिस्तान स्थित भारतीय राजदूत को भेजी
जाएगी। इस संबंधी कहा गया है कि एसजीपीसी विदेश मंत्रलाय को अपनी रिपोर्ट
भेजे ताकि पाकिस्तान सरकार के साथ मामले को उठाया जा सके।
एसजीपीसी ने देश की सुरक्षा के लिए पैदा की थी चुनौतियां
सरकार की ओर से एसजीपीसी को भेजे गए पत्र में यह भी कहा गया है कि भारत
सरकार की अलग अलग सुरक्षा एजेंसियों की ओर से सूचित किया गया है कि
एसजीपीसी के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से वीजा लेने के लिए सीधे
रूप में पाकिस्तान एम्बेसी के अधिकारियों के संपर्क किया जाता है। जिस से
भारत की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है। एजेंसियों ने यह भी खुलासा किया
है कि पाकिस्तान सराफतखाने में पाक के साथ संबंधित कई गुप्तचर एजेंसियों
के अधिकारी भी होते है। सीधा संकर्प करने से यह गुप्तचर अधिकारी कई तरह
के गलत लोगों के साथ संपर्क स्थापित कर देते है। एसजीपीसी भविष्य में पाक
एम्बेसी के साथ सीधा संकर्प करने की जगह पहले गृह मंत्रालय और विदेश
मंत्रालय के साथ संपर्क स्थापित करेगी। इस के लिए केंद्र सरकार के विभाग
पाक एम्बेसी के अधिकारियों के साथ बात करेंगे। यह भी हिदायतें दी गई है
कि जत्था के साथ पाक भेजे जाने वाले श्रद्धालुओं की सरकार के
प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक भी भविष्य में आयोजित की जाए।
— एसजीपीसी सिख श्रद्धालुओं के जत्थे की सूची केंद्र सरकार को 4 व राज्य
सरकार को 6 सप्ताह पहले देगी
पंकज शर्मा , अमृतसर
पाकिस्तान के लिए श्रद्धालुओ के जत्थे भेजने के लिए भारत सरकार ने
एसजीपीसी को विशेष हिदायतें जारी कर दी है। ताकि भविष्य में किसी तरह की
कोई मुश्किल दोनों देशों के लिए पैदा न हो जाए। एसजीपीसी की ओर से गुरु
नानक देव जी के 550 वें प्रकाश पर्व को व्यापक स्तर पर आयोजित करने के
लिए तैयारियां की जा रही है। वहीं प्रकाश पर्व पर जाने वाले जत्थों को
लेकर केंद्र सरकार, केंद्रीय गृह मंत्रालय और केंद्रीय विदेश मंत्रालय
चौकन्ना हो गया है। इस के चलते पंजाब सरकार ने भी सख्त कदम उठा लिए है।
केंद्र सरकार की ओर से प्राप्त हिदायतों को मुख्य रख पंजाब सरकार के आम
राज प्रबंध विभाग तालमेल शाखा ने एक दो पन्नों का पत्र एसजीपीसी को भेजा
है। इस पत्र में एसजीपीसी को श्रद्धालुओं के जत्थे पाकिस्तान भेजने के
संबंध में विशेष हिदायतें जारी कर दी गई है। जत्थों के मामले को लेकर
एसजीपीसी के प्रतिनिधियों समेत अलग अलग रज्यों से भी विभिन्न सिख
संस्थाओं के प्रतिनिधियों की एक बैठक दस अक्टूबर 2018 को केंद्रीय गृह
विभाग के ज्वाइंट सचिव के साथ हुर्ठ थी। जिस मे पंजाब सरकार की ओर से
अमृतसर के डीसी और एसजीपीसी के सचिव को शामिल किया गया था। इस में गृह
मंत्रालय पंजाब के भी प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इस मीटिंग के दौरान हुए
अलग अगल चर्चा के बाद केंद्र सरकार ने एसजीपीसी के लिए विशेष निर्देश
पाकिस्तान जत्थे भेजने के लिए जारी कर दिए है।
एसजीपीसी को सरकार ने हिदायत की है कि पाकिस्तान में श्रद्धालुओं का कोई
भी जत्था भेजने संबंधी सारी जानकारी और जत्थे के सदस्यों की सूची पंजाब
सरकार को 6 सप्ताह पहले दी जाए जबकि केंद्र सरकार को यह जानकारी और सूची
4 सप्ताह पहले दी जाए। इस सूची में जत्थे में जाने वाले जिन लोगों के नाम
शामिल एक बार कर दिए गए है बाद में उन नामों में कोई अन्य नाम न शामिल
किए जाए और न ही मौके पर कोई नाम शामिल किए जाएं। भेजी गई सूची में नामों
का कोई भी बदलाव न किया जाए। भेजे जाने वाले जत्थों संबंधी नवंबर के
अंतिम सप्ताह तक व नव वर्ष के कैलेंडर की तिथियों के अनुसार भी सूची
मांगी गई है। ताकि अन्य राज्यों को भी केंद्र सरकार की ओर से सूचित किया
जा सके। एसजीपीसी समेत अन्य राज्यों की जत्था कमेटियों को भी हिदायतें
जारी की गई है कि कोई भी संस्थान भारत व राज्य सरकारों को सूचित किए बिना
सीधे रूप में वीजा लेने के लिए पाकिस्तान एम्बेसी के साथ संपर्क नहीं
करेगा। राज्य सरकार से प्राप्त सूची को केंद्र सरकार का विदेश मंत्रलाय
वीजा के लिए पाक एम्बेसी को सूची भेजेगा और स्वीकृत वीजों की सूची व
जत्थे में शामिल लोगों की सूची पाकिस्तान स्थित भारतीय राजदूत को भेजी
जाएगी। इस संबंधी कहा गया है कि एसजीपीसी विदेश मंत्रलाय को अपनी रिपोर्ट
भेजे ताकि पाकिस्तान सरकार के साथ मामले को उठाया जा सके।
एसजीपीसी ने देश की सुरक्षा के लिए पैदा की थी चुनौतियां
सरकार की ओर से एसजीपीसी को भेजे गए पत्र में यह भी कहा गया है कि भारत
सरकार की अलग अलग सुरक्षा एजेंसियों की ओर से सूचित किया गया है कि
एसजीपीसी के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से वीजा लेने के लिए सीधे
रूप में पाकिस्तान एम्बेसी के अधिकारियों के संपर्क किया जाता है। जिस से
भारत की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है। एजेंसियों ने यह भी खुलासा किया
है कि पाकिस्तान सराफतखाने में पाक के साथ संबंधित कई गुप्तचर एजेंसियों
के अधिकारी भी होते है। सीधा संकर्प करने से यह गुप्तचर अधिकारी कई तरह
के गलत लोगों के साथ संपर्क स्थापित कर देते है। एसजीपीसी भविष्य में पाक
एम्बेसी के साथ सीधा संकर्प करने की जगह पहले गृह मंत्रालय और विदेश
मंत्रालय के साथ संपर्क स्थापित करेगी। इस के लिए केंद्र सरकार के विभाग
पाक एम्बेसी के अधिकारियों के साथ बात करेंगे। यह भी हिदायतें दी गई है
कि जत्था के साथ पाक भेजे जाने वाले श्रद्धालुओं की सरकार के
प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक भी भविष्य में आयोजित की जाए।
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