मंगलवार, 22 जनवरी 2019

फर्जी व्यक्ति को अपना कर्मी बता नगर निगम अधिकारी सूचना आयोग के पास भेजे है पेशी पर: आप

— कानूनी पेचीदा से बचने के लिए फर्जी व्यक्तियों को आयोग के समक्ष
रिकार्ड देकर पेश करवा रहा है ​नगर निगम अधिकारी
, अमृतसर
नगर निगम के अधिकारियों के फर्जीवाडा का आम आदमी पार्टी ने एक बडा खुलासा
करके चौकाने वाले तथ्य पेश किए है। इस से विभाग की कार्यप्रणाली और
पारदर्षिता पर भी सवाल खड़े हो गए है। स्थानीय निकाय मंत्रालय के मुख्य
सचिव ने इस मामले की जांच के आदेश दिए फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई ।
उलटा विभाग  की ओर से  अभी तक इस मामले में कुछ भी एक्शन नहीं लिया गया
है।
आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कौंसिल के सदस्य हरविंदर सिंह ने पत्रकार
वार्ता में खुलासा किया कि नगर निगम के अधिकारी आरटीआई एक्ट के तहत कोई
भी सार्थक जवाब नही देते है। अगर कोई मामला पेचीदा होता है तो उस में
सूचना आयोग के पास गई शिकायतों में आईपीओं को पेशी पर भेजने की जगह एक
फर्जी व्यक्ति जिसका नाम गुरिंदर सिंह है उस को विभाग का क्लर्क कम
कम्यूटर अप्रेटर बता कर कमिशन के पास पेश करवा दिया जाता है। जबकि इस नाम
का कोई भी क्लर्क और कंप्यूटर अप्रेटर नगर निगम में काम ही नहीं करता है।
गुरिंदर सिंह नाम का कोई भी कर्मचारी विभाग में न काम करता होने संबंधी
नगर निगम के ​ही सूचना अधिकारी ने शिकायतकर्ता राकेश शर्मा को आईटीआई के
तहत जवाब दिया है।
आप नेता हरविंदर सिंह ने कहा कि अगर इस नाम का कोई कर्मचारी विभाग में
काम ही नहीं करता है तो विभाग के अधिकारी किस फर्जी व्यक्ति को विभाग के
क्लर्क के तौर पर सूचना कमिशन के पास पेशी के​ लिए भेजते है। यह एक बडा
फर्जी वाडा विभाग के अधिकारी कानूनी तौर पर बचने के लिए करते है और आम
लोगों ओर सूचना आयोग की ​आंखों में धूल झोंक रहे है।
हरविंदर सिंह ने अपने साथ बैठे शिकायत कर्ता राकेश शर्मा के हवाले से
बताया कि इस मुद्दे को लेकर राकेश ने स्थानीय ​निकाय मंत्रालय के पास भी
शिकायत की। विभाग के मुख्य सचिव ने मामले की जांच के लिए  अक्टूबर 2018
में नगर निगम की कमिशनर को आदेश भी दिए। बावजूद अभी तक इस को लेकर कोई भी
जांच नहीं की गई।उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारी बताएं कि वह किस
हैसियत से एक गैर कर्मचारी को अपना कर्मी बता कर सरकार रिकार्ड दे कर
सूचना आयोग के कार्यालय में केसों की पेशी की पैरवाई करने के​ लिए भेज
रहे है। जबकि उक्त नाम का व्यक्ति विभाग में कोई कर्मचारी ही नही है। इस
संबंधी बार बार विभाग के अलग अलग अधिकारियों से संपर्क किया गया। परंतु
किसी ने भी कोई सार्थक जवाब आज तक नही दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी इस
मामले को लेकर पंजाब के राज्यपाल और पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट में लेकर
जा रहे है। इस अवसर पर उनके साथ पार्टी के नेता पटवारी रजिंदर कुमार, पवन
कपूर व विशाल जोशी आदि भी मौजूद थे। मामले के संबंध में नगर निगम की
कमिश्नर सोनाली गिरी ने कहा कि उनके पास भी यह शिकायत आई थी। उक्त नाम का
इस वक्त उनके कार्यालय में कोई भी कर्मचारी नहीं है। मामले की सारी जांच
तय तक करवाई जा रही है।

रूक नही रहा है अवैध निर्माणों का सिंसला

आप नेता हरविंदर सिंह ने कहा कि अमृतसर शहर में विभाग के मंत्री के गृह
सिटी में अवैध ​इमारतों के निर्माण का सिंसला बिना किसी रोक चल रहा
है।अवैध निर्माण वही लोगा करवा रहे है जो किसी न किसी रूप में मंत्री के
आसपास वाले है। आम लोगों की कोई दीवार भी नहीं बनने देता। जबकि उपर तक
पहुच रखने वालों की सील इमारतों खुली हुई है और वहां दिन रात अवैध
निर्माण हो रहे है। बिजली पानी के कनैशन काट देने के आदेश है फिर भी
बिजली पानी चल रहा है और निर्माण एक नहीं बल्कि पांच पाच मंजिलों तक हो
रहे है। इस को पार्टी बड़ा राजनीतिम मुद्दा बना कर मैदान में आएगी और
सरकार के खिलाफ आम जनता को एक मंच पर इकट्ठा करेगी।
— पंकज शर्मा

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