मंगलवार, 22 जनवरी 2019

तीन हजार हैक्टर भूमि पर वृक्ष्र लगवाकर वन विभाग बढ रहे प्रदूषण को रोकेगा अमृतसर जिले में

— प्रदूषण कंट्रोल विभाग इस बार बिना ट्रीट किया पानी नगर निगम व नगर
परिषदों को लोगों के लिए नहीं करवाने देगा उपलब्ध
पंकज शर्मा , अमृतसर
पर्यावरण की रक्षा के लिए वन विभाग ने इस बार 300 हैक्टेयर भूमि पर वन
लगा कर बढ़ रहे प्रदूषण को मात देने की ठान ली है। नव वर्ष में विभाग 3
लाख 20 हजार पौदे अपनी योजनाओं के तहत लगवाएगा। जबकि 1 लाख 50 हजार पौदे
जिला प्रशासन के सहयोग से नरेगा योजना के तहत लगवाएगा। इसी तरह  पंजाब
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने भी नया प्रोजेक्ट लागू करते हुए राज्य भर के
सभी नगर निगमों , नगर पालिकों और नगर परिषदों को सख्त हिदायतें जारी कर
दी है कि अगर वह साफ पानी बिना ट्रीट किए लोगों को पीने के उपलब्ध नहीं
करवा पाई तो उनके खिलाफ भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इतना
ही नही इस बार प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने बिना ट्रीट किया हुआ पानी निकास
करने वाले उद्यो​गिक यूटिनों को ताले लगाने का फैसला कर लिया है।
वन विभाग ने सौ तरह के अलग अलग पौदे फल व छायादार लगा का बढ़ रह प्रदूषण
के मुका​बला करने का फैसला लिया है। इस के लिए विभाग अलग अलग एनजीओ,
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और किसान ग्रुपों का सहयोग ले रहा है।
किसानों को सब सिडी पर पौदे देने के साथ साथ एनजीओ को मुफ्त में पौदे
देने का निर्णय लिया है। पौदे निशुल्क उपलब्ध करवाने के लिए विभाग ने आई
हरियाली नाम का एप भी शुरू किया है। इस एप को डाउन लोड करके लोग पौदों की
डीमांड विभाग से कर सकते है।
जिला वन अधिकारी राजेश कुमार गुलाटी ने बताया कि गुरु नानक देव जी के
550वें प्रकाश पर्व को समर्पित प्रदूषण विरोधी अभियान के तहत एसजीपीसी के
साथ एक समझौता किया गया है इस समझौत के तहत एसजीपीसी के साथ संबधित
स्कूलों , कालजों और गुरुद्वारों में विभाग निशुल्क फल व छायादार पौदे
निशुल्क उपलब्ध करवाएगा।  शिक्षण व धार्मिक स्थानों के प्रबंधक इन पौदो
का ध्यान रखने हुए इनका पालन पोषण करेंगे। तीन लाख 50 हजार पौदे अमृतसर
जिले में अलग अलग पंचायतों और एनजीओं के मध्यम से उपलब्ध करवाए जाएंगे।
प्रत्येक पंचायत और एनजीओ को 550 पौदे निशुल्क दिए जाएंगे। आई हरियाली एप
के माध्यम से  अपील करके लोग अपने घरों में खाली स्थानों और किसान अपनी
भूमि पर पौदे लगा सकता है। आज तक एप के माध्यम से आई डिमाड के अनुसार
विभाग नौ हजार के करीब पौदे उपलब्ध करवा चुका है। किसानों को प्रति पौदा
35 रूपये की सबसिडी पर ​भी विभाग उपलब्ध करवा रहा है । यह सबसिडी किसानों
को तीन किश्तों में दी जाती है।
वन विभाग अर्जुन, चंदन,बेर, अमरूद, जामुन, आम, सुखचैन, टाहली, बबुल,
सवांझना, हरड़ , आंवला , बेहडा, तुलसी, अजवाइन, मुलट्ठी, निम , पीपल ,
बोहड, हार शिंगार, पापुलर आदि के सौ तरह के पौदे उपलब्ध करवा रहा है।
वन विभाग ने वनों को बढावा देने और प्रदूषण को खत्म करने के लिए एसएमएएफ
एग्रो फारेस्टरी योजना भी किसानों के लिए शुरू ​की है। इस के लिए किसानों
को बड़ी स​बसिडी पर पौदे उपलब्ध करवाने के साथ साथ किसानों को इसकी संभाल
के लिए भी ट्रेनिंग दी जाती है। ताकि वणों के तहत भूमि का एरिया अधिक से
अधिक बढा कर बढ रहे प्रदूषण को रोका जा सके।
दूसरी ओर पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने भी इस बर धान की नाड़ को जलाने
से रोकने के चलाए अभियान पर तसल्ली प्रगट करने के साथ साथ आने वाले गेंहू
के सीजन में भी गेंहू की नाड को जलाने से रोकने के अभियान को भी सख्ती से
लागू करने का फैसला लिया है। नव वर्ष में विभाग नगर निगमों , नगर परिषदों
और नगर पालिकों को बिना ट्रीट किया पानी न तो निकास करने देंगा और न ही
प्रदूषित पानी लोगों को पीने के लिए देने की इजाजत देगा। जो भी नगर निगम
व अन्य एजेंसी इस का उल्लंघन करेगी उसके खिलाफ विभाग सीधी कानूनी
कार्रवाई करेगा। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के पर्यावरण इंजीनियर संदीप बहल
बताते है कि इस के लिए स्थानीय निकाय विभाग को नोटिस जारी कर दिए गए है।
वहीं इस बार ट्रीट किए बिना पानी छोडने वाले उद्योगों और प्रोसेसिंग
हाउसों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार सील करने की योजना को लागू
किया जा रहा है। सभी उद्योगिक यूनिटों को हिदायतें जारी कर दी गई है कि
वह अपने उद्योगों में एयर व वाटर ट्रीटमेंट प्लान स्थापित करें।


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