— जत्थेदार अकाल तख्त साहिब ने कहा कि अपनी गलतियों की मांफी के लिए सिख
दे सकते है श्री अकाल तख्त साहिब पर अर्जी
— श्री अकाल तख्त साहिब से तय मर्यादा के अनुसार ही मिल सकती है दोषियों को माफी
अमृतसर
श्री गुरु नानक देव जी के 550 वें प्रकाश पर्व पर सिख पंथ से निष्कासित
किए जा चुके सिख धार्मिक दोषियों को श्री अकाल तख्त साहिब से माफी मिल
सकती है। परंतु दोषियों को इस के लिए विधि अनुसार श्री अकाल तख्त साहिब
पर अर्जी देनी होगी। श्री अकाल तख्त साहिब पर पांच सिंह साहिबान दोषियों
के धार्मिक अपराध को मुख्य रख उनके लिए सजा निर्धारित करेंगे और सजा पूरी
करने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब से दोषियों को माफी मिल सकती है यह बात
श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कही
है।
सिंह साहिब ने कहा कि सिद्धांतों और रहित मर्यादा के तय नियमों के अनुसार
ही धार्मिक तनखाह लगाने के बाद माफी दी जा सकती है। इस के लिए दोषी को
सच्चे मन के साथ गुरु साहिब की हजूरी में संगत सामने अपनी गलती को
स्वीकार करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होना होगा। फिर
मर्यादा के अनुसार एलान की गई धार्मिक सजा को पूरा करना होगा।
उल्लेखनीय है कि प्रो दर्शन सिंह ,सिख लेकर हरिंदर सिंह दिलगीर,बीबी
रजिंदर कौर भट्टल,मनप्रीत बादल का बेटा करण बादल , जसवंत सिंह नेकी व चीफ
खालसा दीवान के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह चड्डा समेत कई लोगों को
धार्मिक गलतियां करने के कारण सिख कौम से निष्कासित किया हुआ है। दिलगीर
को पंथ में दुविधाएं खडत्री करने व बुलाने पर भी पेश न होने, पूर्व
मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह पर पराई औरत के साथ संबध बनाने, रजिंदर कौर
भट्ठल और करण बादल को डेरा मुखी के पास जाकर डेरे प्रेमियों की वोटे
मांगने, जसवंत सिंह नेकी को सिख कौम के अंदर अलग अलग कई विवाद पैदा करने,
चरणजीत सिंह चड्डा की ओर से एक स्कूल की महिला प्रिंसिपल के साथ अमृतधारी
होने के एक सिख संस्था के मुखी होने के बावजूद अश्लील हरकतें करने के
दोषों तहत सिख कौम से निष्कासित किया गया था। प्रो दर्शन सिंह ने तो पांच
सिंह साहिब के समक्ष बंद कमरे में पेश होने से इंकार कर दिया था। चड्डा
पर पराई औरत के साथ संबंध बनाने के आरोप भी थे। सुच्चा सिंह लंगाह पर भी
अमृतधारी होने के बावजूद पराई औरत के साथ संबंध बनाने के आरोप लगे थे।
जिन को कौम से समय समय पर निष्कासित किया गया है। आदेश श्री अकाल तख्त
साहिब से दिए गए है कि इन लोगों के साथ कोई भी सिख रोटी व बेटी की सांझ न
रखे।
सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि यह दोषी श्री अकाल तख्त साहिब
पर पेश होकर पांच प्यारों से भी अपनी तख्वाह लगा कर माफी मांग सकते है।
रहित मर्यादा के अनुसार कोई भी सिख अगर चार बुराईयों जिसमें मुसलमानी
ढंग से तैयार मास खाने, पराई औरत के साथ संबंध रखने या औरत पुरूष के साथ
संबध रखने, अपने केसों की बेअबदी करने वाला और तंबाकू का सेवन का कोई सिख
सेवन करता है तो वह व्यक्ति सिख कौम का धार्मिक दोषी है। इस तरह के
अपराधों में शामिल लोग श्री अकाल तख्त साहिब पर अपनी लिखित माफी देकर
अपने अपराध को अगर गुरु साहिब की हजूरी में स्वीकार करते है और धार्मिक
सजा लगाने के लिए अपील करते है तो उनको पांच प्यारे या फिर पांच सिंह
साहिबान उनके अपराध के अनुसार धार्मिक सजा सुनाते है वह अपनी लगाई गई सजा
को भुगत कर अरदास करते हुए भविष्य में ऐसा अपराध नहीं करने का वचन करता
है तो उसे श्री अकाल तख्त साहिब से माफी मिल सकती है। परंतु बंद कमरे में
किसी भी भी माफी नहीं दी जा सकती है। इसी तरह मीणे, मसंद, धीर मल्ली, राम
राईए, आदि पंथ विरोधी नडी मार, कुड़ी मार , सिरगुम के साथ संबंध रखने
वाले भी सिख पंथ के दोषी और अपराधी है। इसी तरह पतित की जूठ खाने वाले,
दाहड़ी रंगने वाले, पुत्र का पुत्री की शादी पैसों का सौदा करके करने
वाले कोई नशा करना वाला, गुरमति का विरोध करने वाला आदि भी अपनी भूल माफ
करवाने का हकदार है।
सिंह साहिब ने कहा कि तख्त साहिब पर कोई भी माफी मांग सकता है तख्त माफी
देने के लिए भी है जो सिख श्रदा व निमर्ता से अपनी गलती स्वीकार करता है।
सिंह साहिब ने कहा कि गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर किरत
करो को एक अभियान के रूप में चलाना चाहिए। वह इस सबंध में एसजीपीसी और
सरकार को भी कहेंगे कि कोई ऐसा प्रोजेक्ट शुरू किया जाए जो लोगों के अंदर
किरत करने को प्रोत्साहित कर सके। क्योकि गुरु साहिब ने किरत करो, नाम
जपो और वंड शको का संदेश दिया था।
दे सकते है श्री अकाल तख्त साहिब पर अर्जी
— श्री अकाल तख्त साहिब से तय मर्यादा के अनुसार ही मिल सकती है दोषियों को माफी
अमृतसर
श्री गुरु नानक देव जी के 550 वें प्रकाश पर्व पर सिख पंथ से निष्कासित
किए जा चुके सिख धार्मिक दोषियों को श्री अकाल तख्त साहिब से माफी मिल
सकती है। परंतु दोषियों को इस के लिए विधि अनुसार श्री अकाल तख्त साहिब
पर अर्जी देनी होगी। श्री अकाल तख्त साहिब पर पांच सिंह साहिबान दोषियों
के धार्मिक अपराध को मुख्य रख उनके लिए सजा निर्धारित करेंगे और सजा पूरी
करने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब से दोषियों को माफी मिल सकती है यह बात
श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कही
है।
सिंह साहिब ने कहा कि सिद्धांतों और रहित मर्यादा के तय नियमों के अनुसार
ही धार्मिक तनखाह लगाने के बाद माफी दी जा सकती है। इस के लिए दोषी को
सच्चे मन के साथ गुरु साहिब की हजूरी में संगत सामने अपनी गलती को
स्वीकार करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होना होगा। फिर
मर्यादा के अनुसार एलान की गई धार्मिक सजा को पूरा करना होगा।
उल्लेखनीय है कि प्रो दर्शन सिंह ,सिख लेकर हरिंदर सिंह दिलगीर,बीबी
रजिंदर कौर भट्टल,मनप्रीत बादल का बेटा करण बादल , जसवंत सिंह नेकी व चीफ
खालसा दीवान के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह चड्डा समेत कई लोगों को
धार्मिक गलतियां करने के कारण सिख कौम से निष्कासित किया हुआ है। दिलगीर
को पंथ में दुविधाएं खडत्री करने व बुलाने पर भी पेश न होने, पूर्व
मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह पर पराई औरत के साथ संबध बनाने, रजिंदर कौर
भट्ठल और करण बादल को डेरा मुखी के पास जाकर डेरे प्रेमियों की वोटे
मांगने, जसवंत सिंह नेकी को सिख कौम के अंदर अलग अलग कई विवाद पैदा करने,
चरणजीत सिंह चड्डा की ओर से एक स्कूल की महिला प्रिंसिपल के साथ अमृतधारी
होने के एक सिख संस्था के मुखी होने के बावजूद अश्लील हरकतें करने के
दोषों तहत सिख कौम से निष्कासित किया गया था। प्रो दर्शन सिंह ने तो पांच
सिंह साहिब के समक्ष बंद कमरे में पेश होने से इंकार कर दिया था। चड्डा
पर पराई औरत के साथ संबंध बनाने के आरोप भी थे। सुच्चा सिंह लंगाह पर भी
अमृतधारी होने के बावजूद पराई औरत के साथ संबंध बनाने के आरोप लगे थे।
जिन को कौम से समय समय पर निष्कासित किया गया है। आदेश श्री अकाल तख्त
साहिब से दिए गए है कि इन लोगों के साथ कोई भी सिख रोटी व बेटी की सांझ न
रखे।
सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि यह दोषी श्री अकाल तख्त साहिब
पर पेश होकर पांच प्यारों से भी अपनी तख्वाह लगा कर माफी मांग सकते है।
रहित मर्यादा के अनुसार कोई भी सिख अगर चार बुराईयों जिसमें मुसलमानी
ढंग से तैयार मास खाने, पराई औरत के साथ संबंध रखने या औरत पुरूष के साथ
संबध रखने, अपने केसों की बेअबदी करने वाला और तंबाकू का सेवन का कोई सिख
सेवन करता है तो वह व्यक्ति सिख कौम का धार्मिक दोषी है। इस तरह के
अपराधों में शामिल लोग श्री अकाल तख्त साहिब पर अपनी लिखित माफी देकर
अपने अपराध को अगर गुरु साहिब की हजूरी में स्वीकार करते है और धार्मिक
सजा लगाने के लिए अपील करते है तो उनको पांच प्यारे या फिर पांच सिंह
साहिबान उनके अपराध के अनुसार धार्मिक सजा सुनाते है वह अपनी लगाई गई सजा
को भुगत कर अरदास करते हुए भविष्य में ऐसा अपराध नहीं करने का वचन करता
है तो उसे श्री अकाल तख्त साहिब से माफी मिल सकती है। परंतु बंद कमरे में
किसी भी भी माफी नहीं दी जा सकती है। इसी तरह मीणे, मसंद, धीर मल्ली, राम
राईए, आदि पंथ विरोधी नडी मार, कुड़ी मार , सिरगुम के साथ संबंध रखने
वाले भी सिख पंथ के दोषी और अपराधी है। इसी तरह पतित की जूठ खाने वाले,
दाहड़ी रंगने वाले, पुत्र का पुत्री की शादी पैसों का सौदा करके करने
वाले कोई नशा करना वाला, गुरमति का विरोध करने वाला आदि भी अपनी भूल माफ
करवाने का हकदार है।
सिंह साहिब ने कहा कि तख्त साहिब पर कोई भी माफी मांग सकता है तख्त माफी
देने के लिए भी है जो सिख श्रदा व निमर्ता से अपनी गलती स्वीकार करता है।
सिंह साहिब ने कहा कि गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर किरत
करो को एक अभियान के रूप में चलाना चाहिए। वह इस सबंध में एसजीपीसी और
सरकार को भी कहेंगे कि कोई ऐसा प्रोजेक्ट शुरू किया जाए जो लोगों के अंदर
किरत करने को प्रोत्साहित कर सके। क्योकि गुरु साहिब ने किरत करो, नाम
जपो और वंड शको का संदेश दिया था।
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