मंगलवार, 22 जनवरी 2019

पांच दर्जन से अधिक सनसनीखेज घोटालों को नंगा करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता सुरेश शर्मा को मौत भी न हरा सकी

— मौत के मूंह से बाहर निकल कर आए सुरेश शर्मा अब लोगों के अधिकारों के
लिए रहता जीवन करना चाहते है व्यतीत
पंकज शर्मा , अमृतसर
अपने साथ होते अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते उठाते अमृतसर के सुरेश शर्मा
आरटीआई कार्यकर्ता बन गए। आरटीआई के माध्यम से सूचना के अधिकार तहत सूचना
हासिल करने वाले लोगों के लिए सुरेश शर्मा एक आदर्श बन गए चुके है। परंतु
घोटालेबाजों, जनता का पैसा लूटने वाली अफसरशाही और राजनेताओं के आंखों को
अमृतसर के सुरेश शर्मा एक नजर भी नहीं भाते है यही कारण था कि माफी के
लोग सुरेश शर्मा की ओर से डाली जाती आरटीआई और सूचना के अधिकार को हासिल
करने के लिए पेश किए जाते तर्क से इतने डरने लगे कि गुंडों से उनको
मरवाने के लिए गोलियां चला कर हमला कर दिया गया। पांच गोलियां सुरेश
शर्मा को लगी परंतु वह बाल बाल बच गए। अस्पताल में वह जिंदगी और मौत के
मध्य एक माह तक जंग लडते रहे। परंतु हक सच के लिए उठने वाली इस आवाज के
आगे मौत हार गाई और जिंगदी जीत गई। आज भी सुरेश शर्मा के नाम पर माफिया
थर थर कांबता है। पुलिस ने सुरेश शर्मा के उपर गोलियां चलाने वाले अज्ञात
लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया परंतु आज तक किसी भी हमलावर को पुलिस
गिरफ्तार नहीं कर पाई। शर्मा आज भी लोगों को सूचना के अधिकार के प्रति
जागृत करने के लिए आवाज बुलंद कर रहे है और कानून के अनुसार लोगों को
अधिकारियों की लडाई लडने के लिए जागृत करते है।
एक साधारण व्यक्ति से आरटीआई कार्यकर्ता बनने के संबंध में सुरेश शर्मा
बताते है कि एक बार एक सरकारी विभाग के कर्मचारी ने उनसे निर्धारित से
अधिक पैसे वसूले। उन्होंने इस के लिए आरटीआई के तहत सूचना लेनी चाही।
अधिकारी सूचना देने से भागते थे। आरटीआई के तहत जब उन्होंने जवाब मांगे
तो अधिकारी आप अपने ही बुने जाल में फंस गए और इस के चलते शर्मा ने एक
बड़ा सरकारी विभाग का करोड़ों रूपये का घोटाला निकाला और मीडिया में चले
गए। परिणाम यह हुआ कि माफिया और सत्ता की मिली भुगत ने शर्मा के खिलाफ
अलग अलग तरह के करीब 37 अपराधिक मामले दर्ज करवा दिए। जिन को वह हाई
कोर्ट तक लड़े और सभी केसों से बइज्जत बरी हुए। इस के चलते समय की अकाली
दल सरकार के एक माझा के प्रभाशाली मंत्री के आदेशों पर उनकी पत्नी की तीन
बाद अमृतसर से बठिंडा बदली करवा दी जाती रही। जिस को अदालत में केस करके
शर्मा अपनी पत्नी की ड्यूटी वापिस अमृतसर  बिजली विभाग में लेकर आए। इस
के बाद शर्मा ने जो एक बिजनेमैन है फूल टाइम आरटीआई कार्यकर्ता के रूप
में काम करना शुरू कर दिया। लोगों को आरटीआई के प्रति जागृत किया और
कानून का सहारा लेकर देश को लूटने वालों के खिलाफ लडाई लडने के लिए
प्रेरित करना शुरू कर दिया। आज तक एक दर्जन से अधिक आरटीआई कार्यकर्ता
सुरेश शर्मा ने तैयार किए है। 470 के करीब आरटीआई सुरेश शर्मा अलग अलग
विभागों में दाखिल करवा कर करोड़ों रूपये के बडे सकैंडल बेनकाब कर चुके
है। समाज के दुश्मनों के खिलाफ लडने वाले सुरेश शर्मा ने 2012 में
राजनीतिक गतिविधियों के माध्यम से भी सूचना के अधिकार का प्रचार किया।
सुरेश शर्मा बताते है कि उनकी ओर से जिला  प्रशासन, नगर निगम, नगर सुधार
ट्रस्ट, फूड व सिविल सप्लाई विभाग आदि विभागों में आरटीआई के माध्यम से
जमीन घोटालों, राशन घोटालों , शहर में बन नहीं गैर कानूनी इमारतों के
घोटालों , सरकारी भूमि को कौडियों के भाव पर खरीदने के घोटाले, पुलिस,
लैंड माफिया और राजनेताओं की ओर से गठजोड़ करके अलग अलग तरह के माफिया
चलाने के घोटालों,  अमृतसर के बीआरटीसी प्रोजेक्ट में हुए 100 करोड रूपये
के घोटाले, डाक्टरों की ओर से आम जनता की आर्थिक लूट करने के पांच दर्जन
से अधिक बडे घोटालों को दुनिया के समाने लाकर घोटालेबाज बडे चेहरों को
बेनकाब कर चुके है। उन्होंने बताया कि अजनाला तहसील के गांवों के विकास
में हुए घोटाले की आरटीआई के सूचना प्रशासन उनको देना नहीं चाहता था। इस
के लिए उसने फीस 75280 रूपये मांग लिए। उन्होंने अपनी जेब से यह फीस भी
भरी। बडे घोटाले का खुलासा किया। ममाले में अमृतसर जिले के दो बीडीपीओ
निलंबित हुए। विभाग को दस हजार रूपये जुर्माना भी हुआ यहा तक के सूचना
आयोग ने उनको विभाग से 75280 रूपये भी वापिस दिलवाए जो विभाग सूचना ने
देने की आड में उनसे आगे न कार्रवाई चलाने के लिए उकत पैसे मांगे थे।
घोटाले बाज और माफिया ने उनके आरटीआई अभियान के घबराते हुए कुछ हथियार
बंद गुंडों से उनके उपर 20 नवंबर 2018 को जान से मारने के लिए गोलियां
चला कर हमला करवाया। उनको पांच गोलियां लगी। परंतु समाज को उनकी जरूरत
थी। समाज को जागृत करने के लिए परमात्मा ने उनको मौत के मूंह से खींच कर
नया जीवन दिया। अब यह जीवन लोगों के हकों की लड़ाई के लिए वह जीएंगे। अब
यही उनका फैसला है। भविष्य में यह भी लडाई लडेंगे कि सरकार आरटीआई के
माध्यम से समाज और देश को लूटने वालों के चेहरे बेनकाब करने वालों के
जानमाल की सुरक्षा को यकीनी बनाए।

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