— अकाली दल टकसाली की ओर से की जा रही है आने वाले लोक सभा चुनावों को
लेकर राजनीतिक एक्सरसाइज
— पार्टी ने चुनाव आयोग से मान्याता लेने के लिए दायर कर दी है आयोग के समक्ष फाईल
पंकज शर्मा , अमृतसर
आने वाले लोक सभा चुनावों को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने सरगर्मियां शुरू
कर दी है। भाजपा , कांग्रेस व अकाली दल बादल के बाद अब नव गठित अकाली दल
टकसाली भी इस अभियान में कूद पड़ा है। परिणाम यह है कि अकाली दल टकसाली
की ओर से पंजाब में बनने वाले डेमोक्रेटिक एलाइस का हिस्सा बनने का फैसला
कर लिया है। इस को लेकर अकाली दल टकसाली ने पंजाब में तीसरा राजनीतिक
गठजोड़ तैयार कर रहे पंजाबी एकता पार्टी के अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैहरा के
साथ दो बार महत्वपूर्ण बैठके आयोजित कर ली है। उधर अकाली दल टकसाली ने
पार्टी को राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दिलवाने के लिए भारत के मुख्य
चुनाव आयोग के समक्ष प्रार्थना पत्र भी दायर कर दिया है। संभवाना है कि
फरवरी माह में अकाली दल टकसाली को स्टेट राजनीतिक दल के रूप में मान्यता
मिल जाएगी। अकाली दल टकसाली अमृतसर की लोकसभा सीट पर अपना उम्मीदवार खडा
करना चाहती है। फिर भी पार्टी राज्य में बनने वाले तीसरे राजनीतिक गठजोड़
के भाईवालों के साथ सलाह करके अपना उम्मीदवार खड़ा करेगी।
अमृतसर सिख बहुसंख्यक अबादी और वोटरों वाली सीट है। हमेशा ही इस सीट पर
कांग्रेस पार्टी की सरदारी रही है। कुछ बार अमृतसर की सीट अकाली भाजपा
गठजोड के पास भी रही है। अकाली दल बादल की शुरू से ही मांग रही है कि
अमृतसर की लोक सभा सीट भारतीय जनता पार्टी , अकाली दल के साथ ट्रांसपफर
करे। अकाली दल को अमृतसर की सीट दी जाए क्योंकि अमृतसर में सिखों का सब
से बडा धार्मिक स्थान श्री हरिमंदिर साहिब है और यहां पर सिख वोटरों का
अधिक प्रभाव है इस लिए सीट अकाली दल को दी जाए। परंतु भाजपा ने हमेशा ही
अकाली दल के साथ गठजोड़ के तहत यह सीट अपने पास रखी और भाजपा के चुनाव
चिंह पर भी अकाली—भाजपा गठजोड़ का उम्मीदवार खडा किया जाता रहा। भापजा ने
जब जब भी अमृतसर की सीट जीती है इस में अकाली दल के वोट बैंक ने भी
महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है अकाली दल टकसाली के नेता इस गणित को भली
भांति जानते है। क्योंकि अकाली दल टकसाली के मौजूदा नेता कभी अकाली दल
बादल का ही हिस्सा हुआ करते थे। अकाली दल टकसाली का नेतृत्व इस गणित को
स्पष्ट जानता है कि अगर पंजाब में तीसरा राजनीतिक गठजोड़ बनता है ते
अमृतसर से अकाली दल टकसाली की ओर से खडा किया जाने वाला उम्मीदवार
कांग्रेस पार्टी और अकालीदल बादल भाजपा गठजोड़ के उम्मीदवारों के लिए
मुश्किल बन सकता है।
अकाली दल टकसाली के पास इस वक्त आधी दर्जन के करीब उंचे कद वाले अकाली
उम्मीदवार लोक सभा के लिए है। इस लिए अकाली दल टकसाली चाहता है कि अगर
राज्य में तीसरा गठजोड बनता है तो उस में शामिल अकाली दल टकसलाी, पंजाबी
एकता पार्टी, अपना पंजाब पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, लोक इंसाफ पार्टी ,
पंजाब मंच व अन्य दल अकाली दल टकसाली के उम्मीदवार के नाम पर सहमति दे
सकते है। इस को लेकर अकाली दल टकसाली ने अपनी राजनीतिक एक्सरसाइज शुरू कर
दी है। इस को लेकर पंजाबी एकता पार्टी के साथ साथ अन्य ग्रुपों के साथ भी
अकाली दल टकसाली के नेताओं ने बातचीत शुरू कर दी है। लगभग यह है कि अकाली
दल टकसाली के उम्मीदवार के नाम पर अमृतसर लोक सभा सीट के लिए अनय दल भी
सहमत हो जाएं।
अकाली दल टकसाली के अध्यक्ष रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा कहते है कि उनकी
पार्टी चाहती है कि राज्य में कांग्रेस और अकाली दल को हराने के लिए
तीसरा मजबूत राजनीतिक गठजोड़ बने। जिस के लिए उनकी पार्टी कोशिशें कर रही
है। राज्य में तीसरा राजनीतिक गठाजोड़ लोक सभा चुनावों से पहले अवश्य
बनेगा और पंजाब की राजनीति में एक नया अध्यय शुरू होगा। उनकी पार्टी के
नेताओं की ओर से अकाली दल टकसाली को राजनीतिक पार्टी के रूप में मान्यता
दिलवाने के लिए चुनाव आयोग के समक्ष फाईल दर्ज करवा दी है। अगले माह तक
पार्टी को मान्यता मिल जाएगी। इसके बाद पार्टी का सदस्यता अभियान गांव
स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
अकाली दल टकसाली के नेता अमरपाल सिंह बोनी और मनमोहन सिंह सठियाला कहते
है कि अमृतसर से लोक सभा उम्मीदवार तो बनने वाले तीसरे राजनीतिक गठजोड़
के सभी घटकों ने अपसी सहमति से ही तय करना है। परंतु अकाली दल टकसाली
चाहेगा कि गठजोड के नेता उनकी पार्टी की ओर से उम्मीदवारों के दिए जाने
वाले नामों पर भी चर्चा करे जो भी उम्मीदवार शक्तिशाली होगा और सभी की
सहमति होगी उसे तीसरा गठजोड़ अपना उम्मीदवार घोषित करेगा।
लेकर राजनीतिक एक्सरसाइज
— पार्टी ने चुनाव आयोग से मान्याता लेने के लिए दायर कर दी है आयोग के समक्ष फाईल
पंकज शर्मा , अमृतसर
आने वाले लोक सभा चुनावों को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने सरगर्मियां शुरू
कर दी है। भाजपा , कांग्रेस व अकाली दल बादल के बाद अब नव गठित अकाली दल
टकसाली भी इस अभियान में कूद पड़ा है। परिणाम यह है कि अकाली दल टकसाली
की ओर से पंजाब में बनने वाले डेमोक्रेटिक एलाइस का हिस्सा बनने का फैसला
कर लिया है। इस को लेकर अकाली दल टकसाली ने पंजाब में तीसरा राजनीतिक
गठजोड़ तैयार कर रहे पंजाबी एकता पार्टी के अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैहरा के
साथ दो बार महत्वपूर्ण बैठके आयोजित कर ली है। उधर अकाली दल टकसाली ने
पार्टी को राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दिलवाने के लिए भारत के मुख्य
चुनाव आयोग के समक्ष प्रार्थना पत्र भी दायर कर दिया है। संभवाना है कि
फरवरी माह में अकाली दल टकसाली को स्टेट राजनीतिक दल के रूप में मान्यता
मिल जाएगी। अकाली दल टकसाली अमृतसर की लोकसभा सीट पर अपना उम्मीदवार खडा
करना चाहती है। फिर भी पार्टी राज्य में बनने वाले तीसरे राजनीतिक गठजोड़
के भाईवालों के साथ सलाह करके अपना उम्मीदवार खड़ा करेगी।
अमृतसर सिख बहुसंख्यक अबादी और वोटरों वाली सीट है। हमेशा ही इस सीट पर
कांग्रेस पार्टी की सरदारी रही है। कुछ बार अमृतसर की सीट अकाली भाजपा
गठजोड के पास भी रही है। अकाली दल बादल की शुरू से ही मांग रही है कि
अमृतसर की लोक सभा सीट भारतीय जनता पार्टी , अकाली दल के साथ ट्रांसपफर
करे। अकाली दल को अमृतसर की सीट दी जाए क्योंकि अमृतसर में सिखों का सब
से बडा धार्मिक स्थान श्री हरिमंदिर साहिब है और यहां पर सिख वोटरों का
अधिक प्रभाव है इस लिए सीट अकाली दल को दी जाए। परंतु भाजपा ने हमेशा ही
अकाली दल के साथ गठजोड़ के तहत यह सीट अपने पास रखी और भाजपा के चुनाव
चिंह पर भी अकाली—भाजपा गठजोड़ का उम्मीदवार खडा किया जाता रहा। भापजा ने
जब जब भी अमृतसर की सीट जीती है इस में अकाली दल के वोट बैंक ने भी
महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है अकाली दल टकसाली के नेता इस गणित को भली
भांति जानते है। क्योंकि अकाली दल टकसाली के मौजूदा नेता कभी अकाली दल
बादल का ही हिस्सा हुआ करते थे। अकाली दल टकसाली का नेतृत्व इस गणित को
स्पष्ट जानता है कि अगर पंजाब में तीसरा राजनीतिक गठजोड़ बनता है ते
अमृतसर से अकाली दल टकसाली की ओर से खडा किया जाने वाला उम्मीदवार
कांग्रेस पार्टी और अकालीदल बादल भाजपा गठजोड़ के उम्मीदवारों के लिए
मुश्किल बन सकता है।
अकाली दल टकसाली के पास इस वक्त आधी दर्जन के करीब उंचे कद वाले अकाली
उम्मीदवार लोक सभा के लिए है। इस लिए अकाली दल टकसाली चाहता है कि अगर
राज्य में तीसरा गठजोड बनता है तो उस में शामिल अकाली दल टकसलाी, पंजाबी
एकता पार्टी, अपना पंजाब पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, लोक इंसाफ पार्टी ,
पंजाब मंच व अन्य दल अकाली दल टकसाली के उम्मीदवार के नाम पर सहमति दे
सकते है। इस को लेकर अकाली दल टकसाली ने अपनी राजनीतिक एक्सरसाइज शुरू कर
दी है। इस को लेकर पंजाबी एकता पार्टी के साथ साथ अन्य ग्रुपों के साथ भी
अकाली दल टकसाली के नेताओं ने बातचीत शुरू कर दी है। लगभग यह है कि अकाली
दल टकसाली के उम्मीदवार के नाम पर अमृतसर लोक सभा सीट के लिए अनय दल भी
सहमत हो जाएं।
अकाली दल टकसाली के अध्यक्ष रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा कहते है कि उनकी
पार्टी चाहती है कि राज्य में कांग्रेस और अकाली दल को हराने के लिए
तीसरा मजबूत राजनीतिक गठजोड़ बने। जिस के लिए उनकी पार्टी कोशिशें कर रही
है। राज्य में तीसरा राजनीतिक गठाजोड़ लोक सभा चुनावों से पहले अवश्य
बनेगा और पंजाब की राजनीति में एक नया अध्यय शुरू होगा। उनकी पार्टी के
नेताओं की ओर से अकाली दल टकसाली को राजनीतिक पार्टी के रूप में मान्यता
दिलवाने के लिए चुनाव आयोग के समक्ष फाईल दर्ज करवा दी है। अगले माह तक
पार्टी को मान्यता मिल जाएगी। इसके बाद पार्टी का सदस्यता अभियान गांव
स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
अकाली दल टकसाली के नेता अमरपाल सिंह बोनी और मनमोहन सिंह सठियाला कहते
है कि अमृतसर से लोक सभा उम्मीदवार तो बनने वाले तीसरे राजनीतिक गठजोड़
के सभी घटकों ने अपसी सहमति से ही तय करना है। परंतु अकाली दल टकसाली
चाहेगा कि गठजोड के नेता उनकी पार्टी की ओर से उम्मीदवारों के दिए जाने
वाले नामों पर भी चर्चा करे जो भी उम्मीदवार शक्तिशाली होगा और सभी की
सहमति होगी उसे तीसरा गठजोड़ अपना उम्मीदवार घोषित करेगा।
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