— माझा में युवा अकाली दल के अंदर नहीं चल रहा है सब कुछ ठीक
— पदाधिकारियों की नियुक्त पर नहीं बन पा रही है नेताओं की सहमति
— नेता चाहते है उनके बच्चे आए आगे वर्कर चाहते है वह बने नेता
अमृतसर
शिरोमणि अकाली दल बादल के युवा विंग में सब ठीक नही है। यही कारण है कि
आज तक माझा में अलग अलग जिलों के युवा विंग के पदाधिकारी नियुक्त नहीं
किए जा सके। वर्कर चाहते है कि युवा विंग के पदाधिकारी वर्करों में से ही
जिए जाए। जबकि अकाली दल के नेता चाहते है कि उनके पुत्र भतीजे ही युवा
अकाली दल का नेतृत्व संभाले। युवा विंग में पदाधिकारी में नेता कौन कौन
है इस को लेकर पार्टी के नेताओं के अंदर काफी मतभेद है। इस के चलते माझा
जोन के युवा अकाली दल के अध्यक्ष रविंइंद्र सिंह काहलों सिर्फ गुरदासपुर
और पठानकोट के अध्यक्षों के नाम ही एलान कर पाए है। माझा के बहुत सारे
जिला के पदाधिकारियों के नामों पर अभी तक भी सहमति नहीं बन पा रही है।
रविकरण काहलों ने इस बात का भी खुलासा कर दिया कि तरनतारन व अन्य जिलों
के अध्यक्षों व अन्य पदाधिकारियों के नामों पर बहुत ही जल्दी सभी नेताओं
की आम सहमति बना ली जाएगी। क्योंकि उनकी ओर से तो पदाधिकारियों की सूची
पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और महासचिव बिक्रम सिह मजीठिया को भेज
दी है। जैसे ही सहमति के बाद स्वीकृति मिल जाती है तो सभी पदाधिकारियों
के नामों का एलान कर दिया जाएगा।
युवा अकाली दल के अमृतसर और तरनतारन जिलों के अध्यक्षों की नियुक्ति का
मामला अभी खटाई में पड़ा हुआ है। बहुत सारे बडे नेता इस बात पर अड़े हुए
है कि युवा विंग के उनको बच्चों को ही नेता बनाया जाए। दसूरी और वर्कर इस
बार ताक लेकर नाराज है। वहीं अकाली दल अभी तक अपनी पिछली राजनीतिक
गलितयों के कारण पहल ही विवादों में घिरा हुआ है। इस के लिए इस बार
पार्टी नेतृत्व नियुक्तियों के मामले में फूंक फूंक कर कदम उठा रहा है।
पार्टी नेतृत्व डर रहा है कि अगर कोई गल्ती युवा अकाली दल में हो गई तो
कहीं युवा विंग टूट कर बडे स्तर पर अकाली दल टक्साली में न चला जाए।
क्योंकि अकाली दल टकसाली का नेतृत्व अकाली दल बादल नाराज युवाओं के
संपर्क बनाए हुए है। उधर मामला जोन के सभी जिलों के अध्यक्ष एलान कर दिए
गए है पंरतु माझा के साथ संबंधित जिलो के अभी तक सारे पदाधिकारी नियुक्त
नहीं किए गए है।
— पंकज शर्मा
— पदाधिकारियों की नियुक्त पर नहीं बन पा रही है नेताओं की सहमति
— नेता चाहते है उनके बच्चे आए आगे वर्कर चाहते है वह बने नेता
अमृतसर
शिरोमणि अकाली दल बादल के युवा विंग में सब ठीक नही है। यही कारण है कि
आज तक माझा में अलग अलग जिलों के युवा विंग के पदाधिकारी नियुक्त नहीं
किए जा सके। वर्कर चाहते है कि युवा विंग के पदाधिकारी वर्करों में से ही
जिए जाए। जबकि अकाली दल के नेता चाहते है कि उनके पुत्र भतीजे ही युवा
अकाली दल का नेतृत्व संभाले। युवा विंग में पदाधिकारी में नेता कौन कौन
है इस को लेकर पार्टी के नेताओं के अंदर काफी मतभेद है। इस के चलते माझा
जोन के युवा अकाली दल के अध्यक्ष रविंइंद्र सिंह काहलों सिर्फ गुरदासपुर
और पठानकोट के अध्यक्षों के नाम ही एलान कर पाए है। माझा के बहुत सारे
जिला के पदाधिकारियों के नामों पर अभी तक भी सहमति नहीं बन पा रही है।
रविकरण काहलों ने इस बात का भी खुलासा कर दिया कि तरनतारन व अन्य जिलों
के अध्यक्षों व अन्य पदाधिकारियों के नामों पर बहुत ही जल्दी सभी नेताओं
की आम सहमति बना ली जाएगी। क्योंकि उनकी ओर से तो पदाधिकारियों की सूची
पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और महासचिव बिक्रम सिह मजीठिया को भेज
दी है। जैसे ही सहमति के बाद स्वीकृति मिल जाती है तो सभी पदाधिकारियों
के नामों का एलान कर दिया जाएगा।
युवा अकाली दल के अमृतसर और तरनतारन जिलों के अध्यक्षों की नियुक्ति का
मामला अभी खटाई में पड़ा हुआ है। बहुत सारे बडे नेता इस बात पर अड़े हुए
है कि युवा विंग के उनको बच्चों को ही नेता बनाया जाए। दसूरी और वर्कर इस
बार ताक लेकर नाराज है। वहीं अकाली दल अभी तक अपनी पिछली राजनीतिक
गलितयों के कारण पहल ही विवादों में घिरा हुआ है। इस के लिए इस बार
पार्टी नेतृत्व नियुक्तियों के मामले में फूंक फूंक कर कदम उठा रहा है।
पार्टी नेतृत्व डर रहा है कि अगर कोई गल्ती युवा अकाली दल में हो गई तो
कहीं युवा विंग टूट कर बडे स्तर पर अकाली दल टक्साली में न चला जाए।
क्योंकि अकाली दल टकसाली का नेतृत्व अकाली दल बादल नाराज युवाओं के
संपर्क बनाए हुए है। उधर मामला जोन के सभी जिलों के अध्यक्ष एलान कर दिए
गए है पंरतु माझा के साथ संबंधित जिलो के अभी तक सारे पदाधिकारी नियुक्त
नहीं किए गए है।
— पंकज शर्मा
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