— 13 नवंबर को होने वाले एसजीपीसी के इजलास में बागी अकालियों को कमजोर
करने के लिए माझा के किसी नेता की निकल सकती है अध्यक्ष पद के लिए लाटरी
पंकज शर्मा , अमृतसर
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का 13 नवंबर को जनरल इजलास होने जा रहा
है। इजलास में एसजीपीसी के अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। इस के साथ साथ
अन्य पदाधिकारियों और कार्यकारिणी के सदस्यों का भी चुनाव होगा। पहले की
ही तरह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नजर अंदाज करके इस बार भी अध्यक्ष का
नाम अकाली दल के नेतृत्व की ओर से ही तय किए गए अनुसार लिफाफे से ही
निकलेगा। संभावना है कि इस बार भी इजलास के दौरान अकाली दल के नेता डा
दलजीत सिंह चीमा सुखबीर बादल की ओर से नामों की स्वीकृति वाला बंद लिफाफ
लेकर आएंगे। मौके पर ही इस लिफाफे को खोल कर अध्यक्ष के नाम के लिए
अनाउंसमेंट हाउस में करवाई जाएगी और सभी सदस्य सुखबीर के बंद लिफाफे में
भेजे गए नाम पर जैकारे लगा कर अध्यक्ष का चुनाव कर लेगे।
यह प्रक्रिया हमेशा से ही एसजीपीसी के अध्यक्ष पद के लिए होने वाले
चुनावों में अपनाई जाती रही है। इस बार भी यही होगा। यह लगभग तय है। इस
के बाद एसजीपीसी के सीनियर उपाध्यक्ष , जूनियार उपाध्यक्ष और महासचिव के
नामों का एलान किया गया जाएगा। जिस पर भी बादल समर्थक बहुसमिति सदस्य
जैकारे लगा कर चुनाव करने को हरी झंडी दे देंगे। इसी तरह कार्यकारिणी के
सदस्यों के नाम भी एलान कर दिए जाएंगे।
एसजीपीसी के चुनावों में अधिक संभावना यही है कि गोबिंद सिंह लोंगोवाल को
ही दोबारा अध्यक्ष पद की जिम्मेवारी सौंप दी जाए। वहीं जत्थेदार तोता
सिंह और अलविंदरपाल सिंह पाखोके का नाम भी चर्चा में है। सुखबीर बादल
बागी टकसाली नेताओं को कमजोर करने के लिए इस बार माझा के किसी एसजीपीसी
सदस्य को भी एसजीपीसी की अध्यक्षता सौंपा सकते है। वहीं बागी अकालियों को
कमजोर करने के लिए इस बार बागियों के समर्थकों को यहां कार्यकारिणी से
दूर रखे जाने की संभवना है वहीं बागी समर्थकों को अलग अलग पदों से दूर
किया जा रहा है। यह भी चर्चा शुरू हो गई है कि सेखवां, रणजीत सिंह
ब्रह्मपुरा और रतन सिंह अजनाला के समर्थक एसजीपीसी के कई अधिकारियों को
भी अलग अलग महत्वपूर्ण पदो से हटाने की नीति तय कर ली गई है।
एसजीपीसी के अध्यक्ष समेत एक जूनियर उपाध्यक्ष, एक सीनियर उपाध्यक्ष, एक
महासचिव और कार्यकारिणी कमेटी के 11 सदस्य होते है। एसजीपीसी के 191 के
करीब सदस्य है। जिनमें तख्त साहिबों के जत्थेदार भी सदस्य होते है। इसी
तरह तीन सदस्य दिल्ली से , एक एक यूपी, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल,
चंडीगढ़ ,हरियाणा, आदि ने नोमिनेट किए जाते है।
करने के लिए माझा के किसी नेता की निकल सकती है अध्यक्ष पद के लिए लाटरी
पंकज शर्मा , अमृतसर
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का 13 नवंबर को जनरल इजलास होने जा रहा
है। इजलास में एसजीपीसी के अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। इस के साथ साथ
अन्य पदाधिकारियों और कार्यकारिणी के सदस्यों का भी चुनाव होगा। पहले की
ही तरह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नजर अंदाज करके इस बार भी अध्यक्ष का
नाम अकाली दल के नेतृत्व की ओर से ही तय किए गए अनुसार लिफाफे से ही
निकलेगा। संभावना है कि इस बार भी इजलास के दौरान अकाली दल के नेता डा
दलजीत सिंह चीमा सुखबीर बादल की ओर से नामों की स्वीकृति वाला बंद लिफाफ
लेकर आएंगे। मौके पर ही इस लिफाफे को खोल कर अध्यक्ष के नाम के लिए
अनाउंसमेंट हाउस में करवाई जाएगी और सभी सदस्य सुखबीर के बंद लिफाफे में
भेजे गए नाम पर जैकारे लगा कर अध्यक्ष का चुनाव कर लेगे।
यह प्रक्रिया हमेशा से ही एसजीपीसी के अध्यक्ष पद के लिए होने वाले
चुनावों में अपनाई जाती रही है। इस बार भी यही होगा। यह लगभग तय है। इस
के बाद एसजीपीसी के सीनियर उपाध्यक्ष , जूनियार उपाध्यक्ष और महासचिव के
नामों का एलान किया गया जाएगा। जिस पर भी बादल समर्थक बहुसमिति सदस्य
जैकारे लगा कर चुनाव करने को हरी झंडी दे देंगे। इसी तरह कार्यकारिणी के
सदस्यों के नाम भी एलान कर दिए जाएंगे।
एसजीपीसी के चुनावों में अधिक संभावना यही है कि गोबिंद सिंह लोंगोवाल को
ही दोबारा अध्यक्ष पद की जिम्मेवारी सौंप दी जाए। वहीं जत्थेदार तोता
सिंह और अलविंदरपाल सिंह पाखोके का नाम भी चर्चा में है। सुखबीर बादल
बागी टकसाली नेताओं को कमजोर करने के लिए इस बार माझा के किसी एसजीपीसी
सदस्य को भी एसजीपीसी की अध्यक्षता सौंपा सकते है। वहीं बागी अकालियों को
कमजोर करने के लिए इस बार बागियों के समर्थकों को यहां कार्यकारिणी से
दूर रखे जाने की संभवना है वहीं बागी समर्थकों को अलग अलग पदों से दूर
किया जा रहा है। यह भी चर्चा शुरू हो गई है कि सेखवां, रणजीत सिंह
ब्रह्मपुरा और रतन सिंह अजनाला के समर्थक एसजीपीसी के कई अधिकारियों को
भी अलग अलग महत्वपूर्ण पदो से हटाने की नीति तय कर ली गई है।
एसजीपीसी के अध्यक्ष समेत एक जूनियर उपाध्यक्ष, एक सीनियर उपाध्यक्ष, एक
महासचिव और कार्यकारिणी कमेटी के 11 सदस्य होते है। एसजीपीसी के 191 के
करीब सदस्य है। जिनमें तख्त साहिबों के जत्थेदार भी सदस्य होते है। इसी
तरह तीन सदस्य दिल्ली से , एक एक यूपी, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल,
चंडीगढ़ ,हरियाणा, आदि ने नोमिनेट किए जाते है।
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