— प्रकाश पर्व पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए सभी धर्मों
के प्रतिनिधियों को भेजे जाएंगे निमंत्रण
अमृतसर
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के दूसरी बार अध्यक्ष चुने गए गोबिंद
सिंह लोंगोवाल ने उनको दोबारा एसजीपीसी की जिम्मेवारी सौंपने के लिए
सदस्यों का धन्यावाद करते हुए कहा कि वह श्री गुरु नानक देव जी के 550वें
प्रकाश पर्व को विश्व स्तर पर मानने के लिए पहल देंगे। इस के लिए
एसजीपीसी भव्य तैयारियां कर रही है। एसजीपीसी के 42 वें अध्यक्ष बने
लोंगोवाल ने कहाकि वह चाहते है कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें
प्रकाश पर्व के दौरान एसजीपीसी की ओर से सुलतानपुर लोधी में विशेष
कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे वहां एसजीपीसी की ओर से स्टेज स्थापित की जा
रही है इस के अलावा कोई भी अन्य स्टेज न लागई जाए। एसजीपीसी की ही स्टेज
से पंजाब सरकार ओर केंद्र सरकार द्वारा आपने कार्यक्रम आयोजित करके इस
पवित्र दिवस पर मानवता की एकता का सबूत पेश किया जाए। इस के लिए वह
केंद्र और पंजाब सरकार से भी लिखित रूप में अपील करेंगे। आयोजित किए जाने
वाले कार्यक्रमों में हिस्सा लेने केलिए सभी धर्मों के प्रतिनिधियों को
निमंत्रण भेजा जाएगा। ताकि यह कार्यक्रम सांझा रूप में आयोजित किए जा
सके।
लोंगोवाल ने कहा कि पाकिस्तान स्थित ननकाना साहिब में प्रकाश पर्व भव्य
रूप में आयोजित करने के लिए एसजीपीसी की ओर से एक कमेटी गठित की जाएगी।
कार्यक्रम संयुक्त रूप में आयोजित करने के लिए यह कमेटी पाकिस्तान
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों और पाकिस्तान सरकार के साथ बात
करेगी उसके हिसाब से एसजीपीसी अगली रणनीति तय करेगी। पाकिस्तान इस के लिए
जत्थे भेजन के लिए भी यह कमेटी योजना तय करके एसजीपीसी को सौंपेगी। अगला
सारा वर्ष धर्म प्रचार के उपर केंद्रिंत रहेगा। युवाओं को सिखी के साथ
जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। गुरु नानक देव जी के 550वें
प्रकाश पर्व पर करतारपुर साहिब के लिए रास्ता खोलने के लिए भारत व
पाकिस्तान सरकारों को अपील की जाएगी। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री
राजनाथ सिंह के साथ भी उनकी बात हुई है। उन्होंने भी यह रास्ता पाकिस्तान
सरकार के साथ बात करके खोलने का अश्वासन दिया है। इस के लिए एसजीपीसी
अपनी जद्दोजहद जारी रखेगी। बरगाडी कांड के दोषियों को सजाए दिलवाने के
लिए एसजीपीसी अपनी आवाज पूरी तरह बुलंद रखेगी।
इस के बाद लोंगोवाल नई चुनी गई कार्यकारिणी और पदाधिकारियों के साथ श्री
हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होने के लिए गए। पांचों सिंह साहिबान की ओर
से लोंगोवाल समेत कार्यकारिणी के सदस्यों और पदाधिकारियों को सिरोपे देकर
सम्मानित किया गया।
——— बाक्स—————
एसजीपीसी के 42 वें अध्यक्ष चुने गए है लोंगोवाल
एसजीपीसी के दूसरी बार सर्वसमिति से अध्यक्ष चुने गए गोबिंद सिंह
लोंगोवाल एसजीपीसी के 42वें अध्यक्ष है। उनको जन्म 18 अक्टूबर 1956 को
गांव लोंगोवाल जिला संगरूर में हुए। उनके पिता पोहला सिंह और माता संत
कौर है। लोंगोवाल ने एमए पंजाबी में किया है। वह संत हरचंरण सिंह
लौंगोवाल के साथ कई वर्षों तक जुड़े रहे। उन्ही से ही उन्होंने धार्मिक
और राजनीतिक शिक्षा हासिल की। लोंगोवाल वर्ष 1985 में पहली बार धनौला
विधान सभा से अकाली दल की ओर से विधायक चुने गए। वह मार्कफेड पंजाब के
चेयरमैन रहे। वर्ष 1997 सो 2002 तक पंजाब सरकार में मंत्री रहे। 2002 से
2007 तक वह दोबार विधायक बने। वर्ष 2015 में धूरी विधान सभा के उप
चुनावों में दोबारा विधायक चुने गए। वह जिला योजना बोर्ड संगरूर के
चेयरमन भी रहे। वह 2011 में एसजीपीसी के सदस्यस बने। वर्ष 2017 में
अध्यक्ष चुने गए और अब दोबारा दूसरी बार एसजीपीसी सदस्यों ने उनको
अध्यक्ष चुना है।
— पंकज शर्मा
के प्रतिनिधियों को भेजे जाएंगे निमंत्रण
अमृतसर
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के दूसरी बार अध्यक्ष चुने गए गोबिंद
सिंह लोंगोवाल ने उनको दोबारा एसजीपीसी की जिम्मेवारी सौंपने के लिए
सदस्यों का धन्यावाद करते हुए कहा कि वह श्री गुरु नानक देव जी के 550वें
प्रकाश पर्व को विश्व स्तर पर मानने के लिए पहल देंगे। इस के लिए
एसजीपीसी भव्य तैयारियां कर रही है। एसजीपीसी के 42 वें अध्यक्ष बने
लोंगोवाल ने कहाकि वह चाहते है कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें
प्रकाश पर्व के दौरान एसजीपीसी की ओर से सुलतानपुर लोधी में विशेष
कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे वहां एसजीपीसी की ओर से स्टेज स्थापित की जा
रही है इस के अलावा कोई भी अन्य स्टेज न लागई जाए। एसजीपीसी की ही स्टेज
से पंजाब सरकार ओर केंद्र सरकार द्वारा आपने कार्यक्रम आयोजित करके इस
पवित्र दिवस पर मानवता की एकता का सबूत पेश किया जाए। इस के लिए वह
केंद्र और पंजाब सरकार से भी लिखित रूप में अपील करेंगे। आयोजित किए जाने
वाले कार्यक्रमों में हिस्सा लेने केलिए सभी धर्मों के प्रतिनिधियों को
निमंत्रण भेजा जाएगा। ताकि यह कार्यक्रम सांझा रूप में आयोजित किए जा
सके।
लोंगोवाल ने कहा कि पाकिस्तान स्थित ननकाना साहिब में प्रकाश पर्व भव्य
रूप में आयोजित करने के लिए एसजीपीसी की ओर से एक कमेटी गठित की जाएगी।
कार्यक्रम संयुक्त रूप में आयोजित करने के लिए यह कमेटी पाकिस्तान
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों और पाकिस्तान सरकार के साथ बात
करेगी उसके हिसाब से एसजीपीसी अगली रणनीति तय करेगी। पाकिस्तान इस के लिए
जत्थे भेजन के लिए भी यह कमेटी योजना तय करके एसजीपीसी को सौंपेगी। अगला
सारा वर्ष धर्म प्रचार के उपर केंद्रिंत रहेगा। युवाओं को सिखी के साथ
जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। गुरु नानक देव जी के 550वें
प्रकाश पर्व पर करतारपुर साहिब के लिए रास्ता खोलने के लिए भारत व
पाकिस्तान सरकारों को अपील की जाएगी। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री
राजनाथ सिंह के साथ भी उनकी बात हुई है। उन्होंने भी यह रास्ता पाकिस्तान
सरकार के साथ बात करके खोलने का अश्वासन दिया है। इस के लिए एसजीपीसी
अपनी जद्दोजहद जारी रखेगी। बरगाडी कांड के दोषियों को सजाए दिलवाने के
लिए एसजीपीसी अपनी आवाज पूरी तरह बुलंद रखेगी।
इस के बाद लोंगोवाल नई चुनी गई कार्यकारिणी और पदाधिकारियों के साथ श्री
हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होने के लिए गए। पांचों सिंह साहिबान की ओर
से लोंगोवाल समेत कार्यकारिणी के सदस्यों और पदाधिकारियों को सिरोपे देकर
सम्मानित किया गया।
——— बाक्स—————
एसजीपीसी के 42 वें अध्यक्ष चुने गए है लोंगोवाल
एसजीपीसी के दूसरी बार सर्वसमिति से अध्यक्ष चुने गए गोबिंद सिंह
लोंगोवाल एसजीपीसी के 42वें अध्यक्ष है। उनको जन्म 18 अक्टूबर 1956 को
गांव लोंगोवाल जिला संगरूर में हुए। उनके पिता पोहला सिंह और माता संत
कौर है। लोंगोवाल ने एमए पंजाबी में किया है। वह संत हरचंरण सिंह
लौंगोवाल के साथ कई वर्षों तक जुड़े रहे। उन्ही से ही उन्होंने धार्मिक
और राजनीतिक शिक्षा हासिल की। लोंगोवाल वर्ष 1985 में पहली बार धनौला
विधान सभा से अकाली दल की ओर से विधायक चुने गए। वह मार्कफेड पंजाब के
चेयरमैन रहे। वर्ष 1997 सो 2002 तक पंजाब सरकार में मंत्री रहे। 2002 से
2007 तक वह दोबार विधायक बने। वर्ष 2015 में धूरी विधान सभा के उप
चुनावों में दोबारा विधायक चुने गए। वह जिला योजना बोर्ड संगरूर के
चेयरमन भी रहे। वह 2011 में एसजीपीसी के सदस्यस बने। वर्ष 2017 में
अध्यक्ष चुने गए और अब दोबारा दूसरी बार एसजीपीसी सदस्यों ने उनको
अध्यक्ष चुना है।
— पंकज शर्मा
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