मंगलवार, 16 अक्टूबर 2018

बरगाडी पर बहबल कलां के दोषियों को श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर मांगनी चाहिए माफी: भाई मंजीत सिंह

— अकाली दल के मौजूदा नेतृत्व को बदला जाना है अति जरूरी
 अमृतसर
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भाई मंजीत सिंह ने कहा कि बरगाडी ,
बहिबल कलां कांड तथा श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के
जिम्मेवार लोगों को श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर माफी मांगनी चाहिए।
इन को राजनीतिक स्वार्थों से उपर उठ कर सिख कौम के आगे नतमस्तक होना
चाहिए ताकि सिख कौम के अंदर पैदा हुए रोष को शांति किया जाए । भाई मंजीत
सिंह शुक्रवार को शाम अपने घर में मीडिया के साथ बातचीत कर रहे थे। पहले
भाई मंजीत सिंह की ओर से सुबह पत्रकार वार्ता रखी गई थी। जैसे ही उनकी
पत्रकार वार्ता की चर्चा हुई तो अकाली दल के दो बडे नेता उनके घर पहुंचे
और भाई मंजीत सिंह को अपने साथ गाडी में बिठा कर कहीं ले गए। शाम को
दोबारा भाई मंजीत सिंह ने मीडिया को अपना ब्यान देने के लिए बुलाया। भाई
मंजीत सिंह ने  बादल परिवार का नाम लिए बिना कहा कि अकाली दल के भविष्य
को बचाने के लिए मौजूदा नेतृत्व को पदों से हटाया जाना चाहिए। इस के लिए
अकाली दल के टकसाली नेताओं को बैठक बुला कर इस प्रस्ताव को रखना चाहिए और
अकाली दल का नेतृत्व किसी पुराने टकसाली को सौंपा चाहिए। क्योंकि मौजूदा
अकाली नेतृत्व ने सिख पंथ, अकाली दल , श्री अकाल तख्त साहिब और सिख
मर्यादाओं को अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए तहस नहस  कर दिए है।
उन्होंने कहा कि वह अकाली दल से त्यागपत्र नहीं देंगे बल्कि अकाली दल में
ही रह कर पार्टी नेतृत्व की सिख कौम व सिख पंथ विरोधी गतिविधियों व
नीतियों का विरोध करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि डेरा मुखी को माफ करना सब
से बडी गल्ती थी। इस का मैने पहले भी विरोध किया था। आज भी करता हू। इस
लिए श्री अकाल तख्त साहिब के मौजूदा जत्थेदार को पद से हटाया जाना जरूरी
है। उन्होंने एलान किया कि 14 अक्टूबर को बडगाडी में आयोजित होने वाली
शहीदी कांफ्रेस में वह अपने सार्थियों के साथ हिस्सा लेने के लिए जांएगे।
अगर अकाली दल की भलाई के लिए सभी टक्साली इकट्ठा होकर कोई फैसला लेते है
तो वह उनके साथ खडें होंगे।
उन्होंने कहा कि कितनी हैरानी की बात है कि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर
सिह बादल समेत 14 विधायकों में से किसी भी ने अपने अमृतधारी होने का सबूत
पेश नहीं किया है।
भाई मंजीत सिहं साथ मौजूद सिख छ़ात्र संघ के पूर्व नेताओं सर्बजीत सिंह
सोहल, हरविंदर सिंह खालसा, गुरसेवक सिंह हरपालपुर ने खुल कर बोलते हुए
कहा कि अकाली दल को सुखबीर बादल, प्रकाश सिंह बादल और बिक्रम सिंह
मजीठिया से मुक्त करवा कर ही अकाली दल का सुनहरी भविष्य तय हो सकता है।
मौजूदा पंथक संकट के लिए यह तीनों नेता जिम्मेवार है। अब समय आ गया है
पंथक और टकसाली नेताओं को अकाली दल के मौजूदा नेतृत्व को हर हाल में
बदलना होगा। उन्होंने कहा कि पहले बादल परिवार ही संत जरनैल सिंह
भिंडरावाला को कांग्रेस के एजेंट कहता था और सत्ता के लिए कई युवाओं को
मौत के घाट उतरवाने के लिए बादल परिवार ने अहम भूमिका निभाई। बादल परिवार
ने अकाली दल को अब अपनी निजी कंपनी बना लिया है। सुखबीर सिंह बादल अकाली
दल के अध्यक्ष नहीं बल्कि सीइीओ की तरह काम कर रहे है।
— पंकज शर्मा

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