सोमवार, 10 सितंबर 2018

मंत्री नवजोत सिद्धू की सहमति से करोडों की सरकारी भूमि हडपाने वाले पूर्व सीनियार डिप्टी मेयर पर कार्रवाई से खामोश है प्रशासन

—— प्रैस नोट ———————

 मंत्री नवजोत सिद्धू की सहमति से करोडों की सरकारी भूमि हडपाने वाले पूर्व
सीनियार डिप्टी मेयर पर कार्रवाई से खामोश है प्रशासन
—— दर्जनों नोटिस जारी हेाने के बावजूद भी डीसी, पुलिस कमिशनर, नगर निगम और
नगर सुधार ट्रस्टर नहीं कर रहे है आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
— पुलिस , नगर निगम और नगर सुधार ट्रस्ट सिद्धू के समक्ष सिद्ध हो गए है असहाय
अमृतसर , 6 सितंबर :
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव व प्रवक्ता मनदीप सिह मन्ना ने कहा
कि मत्री नवजोत सिंह सिद्धू  की शह पर ही सत्ताधारी सरकारी जमीनों पर अवैध
कब्जे करके गुलशर्रे उड़ा रहे है। अवैध कब्जों के इस काले कारोबार में विभाग
के मंत्री के इशारों पर नगर निगम अमृतसर के पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर सुरिदर
सिह शिंदा के खिलाफ अमृतसर के डीसी, पुलिस कमिशनर, नगर निगम और नगर सुधार
ट्रस्ट के अधिकारी पंगू बन गए है। कब्जाधारी व व्यकित है  जिसकी राज्य के  शहर
में रहने वाले दो मंत्रियों के साथ अति निकटता है।  इस व्यक्ति ने मकबूल रोड
पर प्राइम लोकेश की 177.66 वर्गगज की जगह पर कब्जा करके वहां अवैध दुकानों का
निर्माण करके बेच दिया। यह सारी अवैध प्रक्रिया तब सपन्न हुई जब नवजोत सिंह
सिद्धू मंत्री बने और उनकी शह पर ही इस अवैध कब्जे को न तो किसी अधिकारी ने ना
तो छुडवाया और न ही इस पर हो रहे नजायज निर्माण को रूकवाया। दो करोड रूपये से
भी अधिक की कीमत वाली इस जगह की मालिकी लोकल बाडी विभाग की है। इस मामले का मई
प्रथम सप्ताह मेरी ओर से खुलासा करके घोटाले को बेनकाब किया गया। परंतु आज तक
सिद्धू की ही शह पर किसी भी आरोपी के उपर न तो कोई कानूनी कार्रवाई हुई। न ही
नगर सुधार ट्रस्ट और नगर निगम इस भूमि को खाली करवा का अपना कब्जा ले पाया और
न ही इस भूमि पर अवैध निर्मात हुई दुकानों को खाली करवाने में सफल हो पाया।
नगर सुधार ट्रस्ट का चेयरमैन अमृतसर का डीसी इतना असहाय हो गया है कि इन
दुकानों को खाली करवाने और गैर कानूनी निर्माण को गिराने के लिए अमृतसर के
पुलिस कमिशनर को दर्जनों नोटिस भेजने बाद भी पुलिस प्रोटेक्शन नही ले पर रहा
है। इतना ही नहीं नगर सुधार ट्रस्ट के अधिकारियों और चेयरमैन के आदेशों के
बावजूद भी पुलिस कमिशनर आरोपियों के खिलाफ अभी तक एफआईआर दर्ज नही कर पाया है।
जबकि स्थानीय अदालत ने आरोपियों को किसी तरह का स्टे देने की अपील को भी पूरी
तरह खारिज कर दिया है।
मन्ना ने मीडिया के समक्ष मामले के  दस्तावेज दिखाते हुए इस मामले में विभाग
के मंत्री और नगर निगम के ही पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर की शामूलियत सारी
दुनिया के सामने स्पष्ट हो चुकी है। मई के प्रथम सप्ताह उनकी ओर से इस मामले
का दस्तावेजों के साथ खुलासा  किया था। इस के बाद नगर सुधार ट्रस्ट के
अधिकारियों ने एक बार वहां कर्मचारियों को बेज कर दुकाने बंद भी करवा दी।
परंतु किसी आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नही हुई यहां तक कि वहां एक राम पान
स्टोर और एक ज्योतिषी की दुकानें खुल गई । जल्दी ही अन्य दुकानों भी खुलने जा
रही है। जो जिला पुलिस और सिविल प्रशासन के मूंह पर तमाचा है जिन नगर सुधार
ट्रस्ट के अधिकारियों ने दर्जनों पर इन अवैध कब्जों को छुडवाने के लिए नोटिस
और पत्र भेजते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की और आरोपियों पर पुलिस एफआईआर दर्ज
करने की मांग की है। अब विभाग के मंत्री ही बताए कि अधिकारियों के बार बार
पत्र लिखे जाने पर कोई कार्रवाई नहीं होती तो उनके सिवा कब्जाधारी दोषियों को
कौन बचा रहा है। मंत्री या तो खुद दोषियों के खिलाफ कानूनी कारवाई करवाए यां
फिर उन का नाम बताए जो दोषियों को बचा रहा और मंत्री सिद्धू पर आरोपियों को
बचाने के लिए दबाव बना रहा है।
आज सरकारी संपत्ति को सत्ता मे बैठे संपत्ति के रखवाले ही लूट रहे है।
मन्ना ने कहा कि यह करोड़ों रूपये की भूमि वक्फ बोर्ड की है। इस भूमि पर कब्जा
नगर सुधार ट्रस्ट का है। ट्रस्ट ने इस का कब्जा 16 फरवरी 1988 को लिया था।
परंतु वक्त बोर्ड ने इस भूमि का 15 सिंतबर 2017 को एग्रीमेंट हरपिंदर सिंह
पुत्र सविंदर सिंह पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर नगर निगम अमृतसर के नाम पर कर
दिया। वक्फ बोर्ड ने अलाटमेंट के दौरान शर्ते रखी कि इस जगह को जो भी विकसित
करेगा उसकी ओर से इस भूमि की नेचर में बदलाव नही किया जा सकता। अलाट होने के
बाद इस पर नक्शा किसी सरकारी विभाग, पुड्डा, नगर निगम, हाउसिंग बोर्ड या नगर
सुधार ट्रस्ट पास करवाना जरूरी है। इस की गई गलत अलाटमेंट को लेकर नगर सुधार
ट्रस्ट 27 नवंबर 207 को एक पत्र नंबर 7532 वकफ बोर्ड को लिखता है कि यह
अलाटमेंट नियमों के खिलाफ की गई है। इस का कब्जा नगर सुधार ट्रस्ट के पास है
इस लिए इस अलाटमेंट को रदद किया जाए। परंतु बोर्ड इसे रद्द नहीं करता है। इस
के बाद क्षेत्र का बडा बिजनेस मैन कमल डालमिया जो क्षेत्र की एसोसिएशन का नेता
भी है वह भी 31 दिसंबर 2017 को पत्र अलग अलग अधिकारियो को लिखता है कि यहां
गैर कानूनी निर्माण किया जा रहा है। यह पर अहाते व अन्य दुकाने बनाई जा रही
है। यहां पर शराब व मीट आदि की दुकाने चलेंगे जो इलाके के धार्मिक व शातिमय
महौल को खराब करेंगी। इस पर भी प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है। मामल को
लेकर ट्रस्ट ने 20 नंवबर 2017 को बिजली बोर्ड को पत्र नंबर 7569,70,71 लिखे कि
इस जगह पर हो रहे अवैध निर्माणों को कोई बिजली कनेक्शन न दिया जाए। इस पर भी
कोई कार्रवाई नहीं हुई। 22 नवंबर 2017 को पत्र नंबर 7567 ट्रस्ट पुलिस कमिशन
को लिखता है कि अवैध निर्माण हो रहा है इसे रोका जाए और इसे तोड़ने लिए पुलिस
दी जाए। परंतु पुलिस कमिशनर कोई कार्रवाई नहीं करता है। पुलिस सहायता के लिए28
नवंबर 2017 को एक और पत्र भेजा जाता है। ट्रस्ट 6 दिसंबर 2017 को इसी पत्र का
हवाला देते हुए अन्य पत्र लिखता है कि हमरे कर्मी अवैध निर्माण तोड़ने गए ।
जिन पर दूसरी पार्टी ने हमला कर दिया इस लिए आरेापी पक्ष के उपर एफआईआर दर्ज
की जाए। परंतु फिर भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। ट्रस्ट ने इस संबंधी 22 नवबर
2017 को एक पत्र नंबर 7421 निगर निगम को लिखा कि इस जगह पर पानी व सीवरेज का
कोई कनेक्शन न दिया जाए। क्यों कि निर्माण गैर कानूनी है। 11 दिसंबर 2017 को
एक पत्र नंबर 6967 व 7454 पुलिस कमिशनर को एफआईआर दर्ज करने व निर्माण गिराने
के लिए लिखा जाता है कोई कार्रवाई नहीं होती और निर्माण वैसे ही चलता रहता है।
इस के बाद ट्रस्ट की ओर से आरोपी हरपिंदर सिंह को 17 नवंबर 2017 को नोटिस नंबर
7363 व 9362  तथा  21नवंबर 2017 को नोटिस नंबर 7399 व 7535 निकाले जाते है कि
इस गैर कानूनी निर्माण को आरोपी खुद ही गिराए। इस के बाद अलग अलग विभागों को
भी भी नोटिस नंबर 767,965, 411,412,413 जारी होते रहे। इस पर भी कोई कार्रवाई
नहीं हुई। विभाग का कानूनी अफसर संदीप सिंह सारे घटना क्रम संबंधी लिखित देता
है कि यह मालिकी ट्रस्ट की है। रिहायशी एरिया है यहा पर गलत कार्मिशयल निर्माण
हुआ है।
मन्ना ने दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि 9 जनवरी 2018 को ट्रस्ट पत्र नंबर 9476
भेज कर कहता है कि इस भूमि की स्कीम नगर निगम को ट्रांसफर की गई है इस लिए नगर
निगम इस अवैध कब्जे और निर्माण को रोके। इस दिन एक पत्र नंबर 9472 पावर
कारपोरेशन को भी भेजा जाता है कि यहां पर हुए अवैध निर्माध का बिजली कनेक्शन
बंद किया जाए। परंतु कोई कार्रवाई नहीं होती। इसी दिन एक पत्र नबर 9478 नगर
निगम के टाउन प्लानर को भी निर्माण बंद करवाने के लिए भेजा जाता है। फिर भी
कोई कार्रवाई नहीं होती। इस दिन एक पत्र पुलिस कमिशन को एफआरआर दर्ज करने के
लिए भेजा जाता है। इसी तरह पत्र 9470 बिजली पर पानी बद करने के लिए भी ट्रस्ट
अधिकारी भेजते है। इसी दिन ट्रस्ट के अधिकारी अपनी चमड़ी बचाने के लिए एक
रिपोर्ट तैयार कर भेजते है कि उनकी ओर से कई बार संबंधित विभागों को पत्र
कार्रवाई के लिए लिखे गए परंतु किसी विभाग ने सहयोग नही दिया।
मन्ना ने कहा कि भूमि माफिया, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस का गठजोड़ कितना
मजबूत है कि इस मामले संबंधी 18 दिसंबर 2017 को अमृतसर का एक एडीसीपी नगर
सुधार ट्र्स्ट को पत्र नंबर 5333 लिख कर भेजता है जिस में कहा जाता है कि
मामले के संबंध में सारे दस्तावेज उनके पास लेकर  20 दिसंबर 2017 को उनके पास
आया जाए। विभाग का जेई शमशेर सिंह रिकार्ड लेकर जाता  है। पंरतु एडीसीपी
कार्यालय में मिलता ही नही। विभाग एडीसीपी से दोबारा टाइम मांगता है फिर भी
पुलिस टाइम आज तक नहीं देती।22 मार्च 2018 को नगर निगम के अधिकारी अपनी चमडी
बचाने के लिए नगर सुधार ट्रस्ट को पत्र नंबर 2458 लिखते है कि भूमि पर मालिकी
नगर सुधार ट्रस्ट की है इस लिए इस का कब्जा व अवैध निर्माण को लेकर कार्रवाई
ट्रस्ट ही करे।
मन्ना ने कहा कि यह सारे कथित कानूनी ड्रामे व  गोरख धंधे को फाइलों तक ही एक
सुनियोजित राजनीति के तहत रखा जाता है  जो इस  मामले का खुलासा होने के बाद आज
भी जारी है और कार्रवाई कोई नहीं होती।दोषी पक्ष अदालत से भी स्टे लेने में
नाकाम रहता है परंतु अधिकारी आज तक न तो जगह खाली करवा अपने कब्जे में ले पाए
है और न ही वहां से अवैध निर्मित हुई दुकानों को तोड़ सके है।
 उल्टा इस जगह पर अवैध निर्माण विभाग के मंत्री की ही सहमति से पूर्व सीरियर
डिप्टी मेयर करता है और करोड़ों की जगह पर कब्जा कर वहां अवैध निर्माण करके
आगे लोगों को बेच देता है इस से साबित होता है कि इस में मंत्री की भी
हिस्सेदारी है। अन्य विभागों के घोटाले व हेराफेरियां मीडिया के समक्ष बैठ कर
दिखाने वाला विभाग का मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू अपने ही विभाग में हो रहे इस
करोड़ों के घोटाले के खिलाफ न तो कोई कारवाई करने को तैयार है और न ही इसकी
शिकायत सुनना अपनी  जिम्मेवारी व ड्यूटी समझाता है। उन्होंने कहा कि मंत्री की
सहमति से शहर में हो रहे अवैध निर्माणों और अवैध कब्जों का वह जल्दी ही नया
खुलासा भी करेंगे।
— जारी कर्ता
 मनदीप सिहं मन्ना
प्रवक्ता व सचिव
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी

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