सोमवार, 10 सितंबर 2018

जस्टिस रंजीत सिंह रिपोर्ट के बाद संगत में फैले रोष को लेकर जत्थेदार अकाल तख्त ने तोड़ा संगत से संपर्क

— गत माह से बंद आ रहा है सिख साहिब ज्ञानी गुरबचन सिंह का मोबाइल फोन
— पहले की तरह सिंह साहिब अपने कार्यालय में भी नहीं रहे है पहुंच
— श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय कर्मचारियों को भी नही है ​जानकारी कि
कहां के सिह साहिब ज्ञानी गुरबचन सिंह
पंकज शर्मा , अमृतसर
बेअबदी व बरगाडी कांड संबंधी जस्टिस रंजीत सिंह कमिशन की रिपोर्ट में
अकाली दल के बडे नेताओं के नाम आने के बाद अकाली नेताओं के खिलाफ लोगों
में बढ रहे रोष को मुख्य रखते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार
ज्ञानी गुरबचन सिंह ने संगत से संपर्क तोड़ दिया है। सिंह साहिब का
मोबाइन फोन भी 28 अगस्त के बाद लगातार बंद आ रहा है। यहां तक कि सिंह
साहिब पहले की तरह अपने कार्यालय में भी नहीं आ रहे है। श्री अकाल तख्त
साहिब के सचिवालय ये मिली जानकारी के अनुसार सिंह साहिब कही बाहर गए है।
उधर सोशल मीडिया पर भी सिंह साहिब को अपील की जा रही है कि वह कनेडा या
किसी अन्य देश में जाएं। क्योंकि अकाली नेता सुखदेव सिंह ढींडसा ने भी
मीडिया को दी अपनी इंटरव्यू में खुल कर मांग की थी कि डेरा मुखी को माफी
देने के मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के ​जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह
अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए।
उधर आल इंडिया सिख छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष व कांग्रेस के मौजूदा
विधायक हरिमंदिर सिंह गिल की ओर से विधान सभा में श्री अकाल तख्त साहिब
के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह की अमदनी के स्त्रोतों से अधिक संपत्ति
अर्जित करने के दिए ब्यान ने भी सिख संगत के अंदर सिंह साहिब के खिलाफ
रोष पैदा कर दिया है। कांग्रेस के पूर्व सचिव व प्रवक्ता मनदीन सिह मन्ना
ने तो यहां तक कहा दिया है कि सिंह साहिब की चल अचल संपत्ति की जांच होनी
चाहिए और उनके खिलाफ आम​दनी से अधिक संपत्ति रखने के  तहत कानूनी
कार्रवाई की जानी चाहिए।
सिख संगत में सिहं साहिब के खिलाफ पहले ही डेरा मुखी को माफ करने को लेकर
रोष पाया जा रहा है। उधर पहले दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के
अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके के उपर विदेशों में दो बार हुए हमले। अकाली दल
के विधायक बिक्रम सिह मजीठिया और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल को एक
कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने के लिए किए विरोध के बाद इन नेताओं के
कार्यक्रम में शामिल हुए बिना ही वापिस लौटना और फरीदकोट में अकाली
नेताओं और सिख संगत का आमने सामने होने के साथ साथ सीमांत गांव अजनाला
में दमदमी टक्साल के एक ग्रुप के सेवादारों की ओर से सिंह साहिब ज्ञानी
गुरबचन सिंह का पुतला जलाने के बाद संगत में रोष बढता देखते हुए सिंह
साहिब ने संगत से अपना संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया है। यहां तक कि विभिन्न
धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होना भी ज्ञानी गुरबचन सिंह बंद कर दिया
है। गत दिवस अमृतसर से दिल्ली के लिए रवाना हुए बाबा जीवन सिंह शहीद के
जन्म दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित  नगर कीर्तन में भी सिंह साहिब शामिल
नही हुए है। पंजाब की पंथक राजनीति में आए तुफान के बाद सिंह साहिब पूरी
तरह खामोश होने के साथ साथ संगत के संप​र्क तोड़ चुके है।
दूसरी ओर अकाली दल व पंथक क्षेत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिंह
साहिब को अकाली नेतृत्व और एसजीपीसी की लीडरशिप ने खुद हिदायत दी है कि
वह संगत में आम विचरना पूरी तरह बंद करें। क्योंकि अकाली दल और तख्त
साहिबों के जत्थेदारों के खिलाफ लोगों में बढ रहे रोष के चलते कही शरारती
तत्व तख्त साहिब की मान सम्मान को कोई ठेस पहुचांने के लिए सिंह साहिब के
कोई परेशानी न पैदा कर दे। क्यों कि सिख संगत की दिन प्रतिनिधि मांग बढ
रही है कि अकाली दल के नेतृत्व के साथ साथ तख्त साहिबों के जत्थेदारों को
भी पदों से हटाने के लिए संगत मैदान में आए।


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