—फेस बुक पर बीबी किरणजोत कौर की ओर से किए गए टाइम लाइन कमेंट के बाद अकाली राजनीति में शुरू हुई नई बहस
अमृतसर
बारगाडी कांड व श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं को लेकर अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल व संयोजक प्रकाश सिंह बादल का नाम जस्टिस रंजीत सिंह कमिशन की रिपोर्ट में आरोपियों की सूची में आ जाने से अकाली दल के अंदर बड़ राजनीतिक बवाल आ गया है। अकाली दल के नेता सुखेदव सिंह ढींडसा , एसजीपीसी के पूर्व अध्यक्ष अवतार सिहं मक्कड के बाद एसजीपीसी की सदस्य व अकाली दल महिला विंग की वरिष्ठ नेता बीबी किरणजोत कौर ने खुल कर आरोप लगा दिए है कि अकाली दल के मौजूदा नेतृत्व ने पंथक, सिख और अकाली दल की एतिहासिक परंपराओं को तहस नहस कर दिया है। बीबी किरण जोत कौर ने कहा कि कि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिह बादल को अपने पद से त्याग पत्र दे देना चाहिए और अकाली दल को बचाने के लिए इस का नेतृत्व पंथक टक्साली नेताओं के हाथ में दे देना चाहिए। बीबी किरणजोत कौर इस को लेकर अपनी फेसबुक टाइम लाइन में कमेंट किया है। बीबी किरणजोत कौर के इस कमेंट के बाद अकाली दल की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। बीबी के फेस बुक पर मौजूद फालोवरज ने बीबी के इस कमेंट का समर्थन करना शुरू कर दिया है। जिस को लेकर अकाली दल के मौजूदा नेतृत्व खिलाफ अकाली वर्करों ने अपनी भड़ास निकाली शुरू कर दी है।
बीबी किरण जोत ने कहा कि अकाली दल अनेक कुर्बानियों के बाद अस्तिव में आया था। अवतार सिंह मक्कड की मीडिया में प्रकाशित इंटरव्यू का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अकाली दल का मौजूदा नेतृत्व अकाली तख्त साहिब को अपने हितों अनुसार चलाता रहा है।इस के चलते सिखों में गुस्सा है। अकाली दल के लिए जो मौजूदा हालात बन गए है उस का एक ही हल के लिए सुखबीर बादल को सारे प्रकरण व पंथक मर्याओं को तहस नहस करने की खुद जिम्मेवारी लेते हुए अकाली दल के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए। बीबी किरण जोत कौर के इस ब्यान ने पंथक क्षेत्रों ने नई बहस को जन्म दे दिया है। आने वलो समय में इस बयान का बड़ा प्रभार अकाली राजनीति के उपर पडने वाला है।
— पंकज शर्मा
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