मंगलवार, 18 सितंबर 2018

पुलिस प्रशासन की लापरवाही के कारण अभी तक गुरु बजार में साढे सात करोड़ की डकैती के आरोपी नहीं गए पकडे: मन्ना

——प्रेस रिलीज———
पुलिस प्रशासन की लापरवाही के कारण अभी तक गुरु बजार में साढे सात करोड़
की डकैती के आरोपी नहीं गए पकडे: मन्ना
— अमृतसर जिले में नीचे से लेकर उपर तक जरूरी है पुलिस प्रशासन की
रिशफलिंग किया जाना
— अगर व्यपारियों ने अपनी सुरक्षा खुद ही करनी है तो सरकार ने क्यों
भर्ती किए है 50 हजार से अधिक पुलिस कर्मी
— सरकारें अगर व्यापारियों को सुरक्षा प्रदान नही कर सकती तो क्यों लिया
जाता है व्यापारियों से भारी टैक्स
 अमृतसर, 17 सितंबर
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव व प्रवक्ता मनदीप सिंह मन्ना
ने कहा कि अमृतसर के गुरुबाजार में गत दिवस हुई साढे सात करोड़ रूपये की
वारदात को अंजाम देकर गैंगस्टरों की ओर से फरार हो जाना पुलिस प्रशासन की
लापरवाही मुख्य है। पुलिस इस घटना में अपनी ​नालायकी को छुपाने के लिए
जेवर व्यापारियों को अपनी सुरक्षा के खुद व्यवस्था करने की नसीहत दे रही
है। अगर सरकारें देश में सब से अधिक टैकस अदा करने वाले व्यापारियों को
सुरक्षा देने में असफल सिद्ध हो रही है तो फिर इन व्यपारियों से करोड़ों
रूपए टैक्स क्यों वसूल रही है। मन्ना अमृतसर के जेवर व्यापारियों की ओर
से गत दिवस हुई लूट के विरोध में अपने कारोबार बंद रख कर सरकार और पुलिस
प्रशासन के खिलाफ धरना दिया था। इस धरने में शामिल होने के लिए मन्ना भी
पहुंचे थे। उन्होंने व्यापारियों केा आश्वासन दिया कि उनको न्याय दिलवाने
के लिए वह हर फ्रंट पर उनका साथ देंगे।
मन्ना ने संबोधित करते हुए कहा कि अगर अमृतसर पुलिस कमिश्नर के ब्यानों
के अनुसार व्यापारियों ने अपनी सुरक्षा आप ही करनी है तो फिर सरकार को 50
हजार से अधिक पुलिस कर्मी भर्ती कर इनकों करोड़ों रूपये वेतन व अन्य
सुविधाएं देने की क्या जरूरत है। पुलिस  अपनी जिम्मेवारी से भागते हुए
व्यापारियों को  सलाह दे रही है कि व्यापारी अपनी सुरक्षा के लिए खुद
हथियार रखें। व्यापारी हथियार रखने के लिए भी तैयार है परंतु उनको
बदमाशों और लूटेरों का मुकाबला करने के लिए हथियार चलाने की ट्रेनिंग
देने की जिम्मेवारी किस की है। व्यापारी लाईसेंसी हथियार बन लेंगे व
सुरक्षा के लिए रख भी लेंगे फिर भारत और पाकिस्तान की हालातों में फर्क
क्या रहा जाएगा ​क्या इस के लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेवार है। असल में
अमृतसर जिले में नीचे से लेकर उपर तक सारे पुलिस विभाग के अधिकारियों और
कर्मचारियों को बदले जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अमृतसर में बहुत
सारे पुलिस अधिकारी ऐसे है जो चौंकी इंचार्ज से लेकर एसएसपी तक के पदों
पर अमृतसर में ही रहे है। छोटे से लेकर बडे अपराधी तक इन पुलिस
अधिकारियों के सुत्र और लिंक है। जिस का अपराधी इस पुलिस अधिकारियों के
प्रति कथित दोस्ताना व्यवहार भी रखते है। इस लिए सारे पुलिस प्रशासन की
रिशफलिंग समय की जरूरत है। इस के रिपोर्ट वह पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन
अमरिंदर सिंह को भी भेजेंगे ताकि अमृतसर के व्यापारियों और कारोबारियों
की रक्षा करके यहां पर कारोबार और व्यपार को बढाया जाए।
मन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी अब अपना वही रूप
और कार्यप्रणाली को लागू करना होगा जैसा रूप उन्होंने वर्ष 2002 से 2007
तक दिखाया था। तभी पंजाब में बढ रहे अपराधों के ग्राफ के उपर कंट्रोल
किया जा सकता है। उन्हेांने कहा कि आज पुलिस अधिकारी अलग अलग वारदातों
में किसी न किसी गैंग की कारवाई होने की बात को जोड़ कर जांच से भागते
है। फिर एक दिन किसी न किसी गैंगस्टर का एनकाउंटर करके सभी वरदातों के
केसों की फाइलें बंद कर देंगे। परतु पीडितों को पुलिस कभी भी न्याय नहीं
देगी। इस लिए शहर के लोगों को खुद अपने हकों और सुरक्षा के लिए संघर्ष के
मैदान उतरना होगा और पुलिस व सिविल अधिकारियों को उनकी ड्यूटी व
जिम्मेवारी का एहसास दिलवाना होगा।
— जारी कर्ता
मनदीप सिह मन्ना
पूर्व प्रवक्ता व सचिव
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी

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