मंगलवार, 18 सितंबर 2018

जस्टिस रंजीत सिंह कमिशन की रिपोर्ट में दोषी पाए पुलिस अधिकारियों को कैप्टन सरकार ने की बचाने की कोशिश: दल खालसा

— पुलिस अधिकारियों की बचाने वाली कैप्टन सरकार पर अब नहीं रहा विश्वास
कि वह बादल बाप बेटा और पूर्व जीडीपी के खिलाफ करेगी कोई एक्शन
 अमृतसर
दल खालसा के प्रवक्ता भाई कंवरपाल सिंह बिट्टू ने कहा कि जस्टिस रंजीत
सिंह कमिशन की रिपोर्ट में बहिबल कांड में दोषी पाए गए पुलिस अधिकारियों
को एक सुनियोजित राजनीति के तह बचाते हुए कोर्ट में जा कर कार्रवाई पर
स्ट लेने का मौका दिया है। इस से साबित होता है कि कैप्टन अमरिंदार​​
सिंह सरकार मामले में दोषी पुलिस अफसरों को बचा रही है। इस लिए कैप्टन
सरकार पर के यह भी विश्वास अब सिख कौम को नही रह गया है कि सरकार, जस्टिस
रंजीत सिंह की जांच रिपोर्ट में बेअबदी व बहिबल कांड में दोषी बादल बाप
बेटा और पंजाब पुलिस के पूर्व मुखी सुमेघ सैनी के खिलाफ कोई कानूनी
कार्रवाई करेगी।
बिट्टू ने कहा कि पंजाब सरकार का आरोपी पुलिस अफसरों के प्रति नरम रवैया
यह साबित करता है कि कैप्टन सरकार बादलों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नही
करेगी इस लिए सिख कौम को कैप्टन सरकार के उपर अधिक विश्वास नहीं रखना
चाहिए कि वह बादलो के खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि इस से
पहले भी बहुत सारे ऐसे मामले आ चुके है जिस में मानवीय अधिकारों का
उल्लंघन करके युवाओं पर अत्याचार करने वाले पुलिस अधिकारियों को समय समय
पर सरकार कानूनी कार्रवाई से बचाती रही है। भविष्य में भी सरकार के उपर
लोगों का विश्वास नही है कि वह आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी।
उन्होंने कहा कि जब जस्टिस रंजीत सिह कमिशन की ओर से दोषियों के नाम
सर्वजनक कर दिए थे तो आरोपियों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जानी
चाहिए थी। परंतु सरकार ने कार्रवाई करने की जगह आरोपी पुलिस अधिकारियों
को अदालत में जाने का मौका दिया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई स्टे
करवाई गई। उन्होंने कहा कि अब हाल में ही बनाई गई एसआईटी भी कार्यप्रणाली
भी विश्वासनीय नही है। उन्होंने कहा कि इस एसआईटी की रिपोर्ट पर भी
कार्रवाई की कोई संभावना दिखाई नहीं देती है। उन्होंने कहा कि पंजाब के
लोगों को जागृत होना होगा और कैप्टन सरकार की दोहरे मापदंडों वाली
नीतियों की पहचान करनी होगी।इस अवसर पर उनके साथ पार्टी के नेता परमजीत
सिंह टांडा, कुलदीप सिह , सुखदेव सिहं हसनपुर, दिलबाग सिंह , डा अमरपाल
सिंह , सुखविंदर सिंह और सिख यूथ फेडरेशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह मंड आदि
भी मौजूद थे।
— पंकज शर्मा

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