मंगलवार, 18 सितंबर 2018

सांसद औजला ने अपनी ही सरकार के सिविल सप्लाई विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

— सारकारी राशन डीपूओं पर बांटे जा रहे गेंहू व दाल के सैंपल दिखाते हुए
कहा कि जिस आनाज को पशु भी न खाए वह आनाज बांटा जा रहा है इंसानों को
 अमृतसर
अमृतसर के लोक सभा के कांग्रेसी सांसद गुरजीत सिह औजला ने राज्य में शासन
कर रही अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए है। अपनी ही
सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए औजला ने खुलासा किया है कि अमृतसर जिले
के बहुत सारे राशन डीपूओं पर घटियां स्तर का आनाज और दालें बांटी जा रही
है। इस गेंहू और दालों की हालत इतनी घटिया है कि अगर इन को पशुओं के आगे
खाने के लिए डाल दें तो वह भी इन को नहीं खाएंगे। इस आनाज से गंदी बदबुब
भी आ रही है। इसे खाने के लिए तो क्या लोग खुले में फेकने से भी गुरेज
करेंगे। उन्होंने इस मामले को विभाग के मंत्री भारत भूषण आशु के ध्यान
में भी लाया है। इसे मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठाएंगे। डीपूओं पर दिए जा
रहे इस घटिया स्तर के राशन को लेकर औजला ने विभाग के अधिकारियों के साथ
बैठक करके उनकी कलास भी लगाई है।
मीडिया के समक्ष गेंहू और दाल के भरे लिफाफों के सैंपल दिखाते हुए कहा कि
​फूड व सिविल सप्लाई विभाग की कार्यप्रणाली अति घटिया स्तर की है। उनको
जिला के कई डीपू होलडर मिले है। जिन्होंने उनको गेंहू और दालों के सैंपल
दिए है। उन्होंने कहा कि वह खुद भी कई डीपों पर गए है और वहां जाकर आनाज
के सैंपल भी चैक किए है। यह इतना ​घटिया स्तर का है कि इसे पशु भी खाने
के लिए तैयार नहीं होंगे।
औजला ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से नीले कार्ड धारकों को जो राशन
सरकारी राशन डीपों के माध्यम से बांटा जा रहा है उसमे इतनी मिलावट है कि
इस पर विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खडे हो रहे है कि आखिर यह घटियां
आनाज कैसे लोगों को बांटने के लिए राशन डीपूओं पर सप्लाई हो रहा है। आनाज
में पाई जा रही मिलावट से आम लोग ही नही बल्कि डीपो होल्डर भी परेशान है।
उन्होंने कहा कि इस के चलते लोगों और डीपो होल्डरों में हर रोज लड़ाई
झगड़े हो रहे है।
इस मामले को वह विभाग के मंत्री भारत भूषण आशु के ध्यान में ला चुके है।
जिन्होंने इस पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि वह इस
मामले को लेकर विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके उनकेा चेतावनी भी दे
चुके है। बताया कि इस से पहले विभाग में आनाज घोटाले के भी कई मामले
सामने आ चुके है। इन सब से स्पष्ट होता है कि विभाग में सब कुछ ठीक नही
है।
— पंकज शर्मा

कोई टिप्पणी नहीं: