मंगलवार, 3 जुलाई 2018

सीकेडी की कार्यकारिणी की ओर से रद्द की नियुक्तियों के बावजूद पदों पर काम कर रहे हे कई पदा​धिकारी

— जरनल हाउस की बैठक में न उठें विरोध के स्वर इस के​ लिए बार बार रद्द
की जा रही है जनरल हाउस की बैठकें
— सीकेडी के सदस्स अवतार सिंह की ओर से सदस्यों को जागृत करने के लिए भेजे पत्र
 अमृतसर
चीफ खालसा दीवान के नए पदाधिकारियों के चुनाव होने के बाद भी दीवान का
काम में संविधान के नियमों की खुलेआम धज्ज्यिां उडाई जा रही है। इस को
लेकर दीवान के मैबरों के रोष बढ़ता जा रहा है। मामले को लेकर एक सदस्य
अवतार सिंह ने दीवान के अध्यक्ष और आनरेरी सचिव को पत्र भेजा है। इस पत्र
में कई ऐसे मुद्दे उठाए गए है जो दीवान की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा
करते है। इस पत्र की प्रतियां सोशल मीडिया पर वायरल होने के साथ साथ
दीवान के प्रत्येक सदस्यों को भी पहुचाई गई है।
अवतार ने अपने पत्र में कहा कि आनरेरी सचिव के पास सिर्फ बैठक का समय और
स्थान तय करने की ही शक्ति है। जब​कि एजेंडा का खुलासा करना अध्यक्ष की
शक्तियों में आता है। अध्यक्ष के हस्ताक्षरों के तहत बैठक एजेंडा जारी
होता है। बावजूद इसके 26 जून 2108 की बैठक का एजेंडा अध्यक्ष की जगह
आनरेरी सचिव की ओर से नियमों के उलट जारी कर दिया। जबकि दीवान के नए चुने
गए अध्यक्ष डा संतोख सिंह अध्यक्ष का पद संभलने के वक्त एलान किया कि
पहले जो कुछ होता रहा है अब वह सब नही होगा हर काम संविधान के अनुसार
होगा।बावजूद इसके 3 मई की बैठक को नियामों के खिलाफ रद्द कर दिया गया।
 अध्यक्ष ने 25 मार्च की बैठक में डा सुखविंदर सिंह वालिया को नर्सिंग
कालेज का चेयरमैन लगा दिया। वहीं प्रभजोत सेछी को मैबर इंचार्ज लगा दिया
गया। 31 मार्च की बैठक में संतोख सिंह सेठी को कार्यकारिणी में सदस्य और
सुखविंदर सिंह वालिया को एडिशन आनरेरी स​चिव नियुक्त करने के प्रस्ताव
पेश किए जिन का सदस्यों ने विरोध किया। 13 अप्रैत को यतीम खाने में दलीप
सिंह मेंबर इंचार्ज लगाया जबकि चंडीगढ स्कूल में प्रभजोत कौर और चरणजीत
सिंह चढ्डा की बहू इंद्रजीत कौर को मैंबर लगाया गया। इस से पहले इस स्कूल
का सदस्य डीएनडीयू के पूर्व वीसी डा जैरूप सिंह को मैंबर लगाया गया।
कुराली के स्कूल में  गुरशरण सिंह कोहली और इंद्रजीत कौर को तथा इनके साथ
दीवान के चुनाव में लगाए गए चुनाव अधिकारी व पूर्व पुलिस अफसर तथा भाजपा
के नेता इकबाल सिंह लालपुरा को पंडोरी खजूर स्कूलों का मैंबर नियुक्त
किया गया। जबकि मंजीत सिंह लांबा को धांदरा  स्कूल में मंबर बना दिया
गया। इन सब नियुक्तियों का 18 मई की बैठक में खुल कर विरोध हुआ। एजेंडे
को टेबल पर ही रद्द कर दिया गया। बावजूद यह सदस्य अभी भी अपने पदों पर
काम कर रहे है। जब विरोध बढ़ने लगा तो डा जैरूप सिंह ने 31 मार्च 2018 को
अपने मेंबर इंचार्ज पद से त्यागपत्र दे दिया। जबकि डा जैरूप सिंह दीवान
के संविधान के अनुसार 12 बैठकों में हिस्सा न लेने के कारण दीवान के
सदस्य ही नहीं रहे है। अवतार सिंह का कहना है कि यह सारे मामले जनरल हाउस
में उठने है जिस को मुख्य रख बैठकों को बार बार रद्द किया जा रहा है।
— पंकज शर्मा

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