मंगलवार, 3 जुलाई 2018

जीएनडीयू में नियुक्तियों के लिए इंटरव्यू के दौरान वीडियोग्राफी बनाई जाए अनिवार्य : एनपीएफ



— जीएनडीयू में कर्मचारी भर्ती के दौरान होता है बडे स्तर पर पक्षपात
— इंटरव्यू के दौरान वीडियोग्राफी को स्थाई बनाने के लिए सिंडीकेट में
पास किया जाए प्रस्ताव
अमृतसर
नेशनल पीपल्स फ्रंट के अध्यक्ष एडवोकेट गगनदीप भाटिया ने कहा कि गुरू
नानक देव विश्वविद्यालय में हर बार विभिन्न पोस्टों पर की जाती
नियुक्तियों में बडे स्तर पर धांधलियां होती है। इस के लिए इन धांधलियों
को स्थाई तौर पर रोकने के लिए प्रत्येक  इंटरव्यू सेशन की वीडियो ग्राफी
अनिवार्य की जाए। इस को  स्थाई कानून बनाने के लिए ​जीएनडीयू की सिंडीकेट
में प्रस्ताव पारित किया जाए। भाटिया जीएनडीयू की ओर से विभिन्न पदों पर
होती नियुक्तियों में हर बार होती कथित धांधलियों को रोकने के मुद्दे पर
बातचीत कर रहे थे।
एनपीएफ नेता ने कहा कि विश्वविद्यालय में जब अधिकारियों की ओर से अपने
चहेतों को या सिफारिशयों को भर्ती करना होता है तो समय समय पर नियमों को
बदल देते है। अपने लोगों को नौकरी देने के लिए नियमों को नर्म बना दिया
जाता है जबकि अपने विरोधियों को नौकरियों से निकालने के लिए नियमों को
सख्त कर दिया जाता है। जिस को किसी भी कीमत पर सहन नही किया जाएगा। नेशनल
पीपल्स फ्रंट इस मुद्दे को लेकर जीएनडीयू की आने वाली सिंडीकेट की बैठक
से पहले उक्त प्रस्ताव पारित करवाने के लिए सिंडीकेट के सदस्यों को
ज्ञापन सौंपेगी।
एनपीएफ नेता ने कहा कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में जितने भी अलग अलग
टीचिंग व नान टीचिंग के कर्मचारी है उन कर्मचारियों में से 50 प्रतिशत से
अधिक कर्मचारी विश्वविद्यालय में ही काम करने वाले उच्च पोस्टों पर बैठे
अधिकारियों के रिश्तेदार, पुत्र , भतीजे, पुत्रियां आदि है। जबकि बाकी 45
प्रतिशत में से 25 प्रतिशत उन लोगों के  निक्टवर्ती है जिनको अधिकारियों
की​ ओर से अपने कथित काम करवाने के लिए ओबलाइज करवाने के लिए नौकरी पर
रखा जाता है। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी के परिवार के साथ संबंधी 31
कर्मचारी विश्वविद्यालय में काम कर रहे है। एक पूर्व अस्टेट अधिकारी के 6
रिश्तेदार , पुत्री , दामाद और अन्य रिश्तेदार नौकरी कर रहे है। एक पूर्व
रजिस्ट्रार के परिवार के चार सदस्य कैंपस में नौकरी कर रहे है। इस तरह एक
पूर्व वीसी के परिवार और निक्टवर्ती आधी दर्जन कर्मचारी कैंपस में नौकरी
कर रहे है। एक सहायक रजिस्ट्रार के निक्टवर्ती 9 कर्मचारी जीएनडीयू के
अलग अलग  पदों पर तैनात है। इतना ही बस नही एक अधिकारी ने तो अपने आस पास
के आधी दर्जन परिवारिक सदस्यों को विभिन्न पोस्टों पर नियुक्त कर दिया
है।
एडवोकेट भाटिया ने कहा कि हाल में ही मौजूदा एक अधिकारी ने अपने कथित
चहेतों को बिना विज्ञापन दिए ही कंसलटेंटों की पोस्टों पर तैनात कर दिया।
जब इस का शोर मचा को बाद में इस का विज्ञापन जारी कर दिया जबकि यह
कंसलटेंट 4 से 5 माह नौकरी करके वेतन भी ले चुके थे। जीएनडीयू में पब्लिक
रिलेशन के डायरेक्टर की पोस्ट पर अपने एक चहते और राजनीतिक नेता के
सिफारिशी को भर्ती करने के लिए सारे नियम कानूनों को छिके पर टांग दिया।
कर्मचारी के पास​ निर्धारित तुजर्बा सर्टीफिकेट न होने के बावजूद भी
नौकरी पर लगा दिया गया। जबकि इस पोस्ट के लिए अन्य यो​ग्य उम्मीदवारों को
नजर अंदाज किया गया है। इस पोस्ट के लिए हुई इंटरव्यू के लिए कोई भी
वीडियो ग्राफी नहीं करवाई गई। जबकि अब एडहाक पर कर्मी भर्ती करने के लिए
इंटरव्यू के दौरान  वीडियोग्राफी करने के एलान किए जा रहे है। एनपीएफ
नेता ने कहा कि जब अपने भर्ती करने थे तो उस वक्त इंटर व्यू की
वीडियोग्राफी क्यों नहीं की गई।
एनपीएफ नेता ने कहा कि जब दर्जा चार कर्मचारियों को क्लर्क बनाना था तो
उनके लिए लिखित परीक्षा रखी गई। अब मौजूदा अधिकारियों ने जब अपने चहेतों
को क्लर्क से सुरपीटेंडेंट बनाना था तो बिना इंटरव्यू व बिना इंटरव्यू
वीडियोग्राफी के ही इन कर्मचारियों को सुपरीटेंडेंट तैनात कर दिया गया।
जिस को लेकर कैंपस में खुलेआम धक्कशाही होने की चर्चा है। उन्होंने कहा
कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर जन आंदोनल के साथ साथ कानूनी लडाई भी लडेगी।
इस अवसर पर नेशनल वूमैन फेडरेशन की नेता नीतू गौतम , नेशनल स्टूडेंट्स
फेडरेशन के सचिव अभय कुमार और एनपीएफ के सचिव राजविंदर राजा भी मौजूद थे।
— पंकज शर्मा

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