— अकाल तख्त के समक्ष लगे खालिस्तान के नारे, अकाल तख्त की डियोढी पर हुई
खालिस्तान का झंडा फहराने की कोशिश
— जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह को संदेश देने से रोकने के लिए
कंट्टरपंथियों ने लम्बे समय तक जारी रखी नारेबाजी
— नारेबाजी के दौरान दो संदिग्ध युवाओं को लिया गया हिरासत में
— हरिमंदिर साहिब कंपलेक्स में बांटा गया खालिस्तानी साहित्य
जागरण संवाददाता, अमृतसर
श्री हरिमंदिर साहिब में हुए अप्रेशन ब्लू स्टार की 34वीं बरसी के मौके
पर अकाल तख्त के सामने खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए। तलवारें
लहराई गई व अकाल तख्त साहिब की डियोढी पर खालिस्तान का झंडा लगाने की
कोशिश हुई। अप्रेशन ब्लू स्टर के दौरान मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि
देने के लिए जैसे ही श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन
सिंह सिख कौम के नाम संदेश पढ़ने लगे तो वहां मौजूद संगत ने नारेबाजी
शुरू कर दी। इस दौरान यहां जत्थेदार के खिलाफ नारे लग वहीं खालिस्तान
जिंदाबाद के नारे तब तक विभिन्न पंथक संगठनों की ओर से लगाए जाते रहे जब
तक ज्ञानी गुरबचन सिंह ने संदेश खत्म नहीं हुआ। इसी दौरान जत्थेदार अकाल
तख्त साहिब के खिलाफ अपशब्द बोलने वाले दो युवकों को एसजीपीसी की टास्क
ने मौके पर पकड़ लिया उनकी पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया
गया। दोनों युवकों की पहचान भिक्खी विंड निवासी हरसिमनर सिंह और ग्रीन
फील्ड निवासी नितिन के रूप में हुई है। जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने
श्री अकाल तख्त साहिब से अप्रेशन ब्लू स्टार के दौरान मारे गए लोगों के
परिवारों को भी सम्मानित किया। हरिमंदर साहिब कंपलेक्स में जत्थेदार अकाल
तख्त साहिब के भाषण के बाद भी लम्बा समय तक खालिस्तान जिंदाबाद की
नारेबाजी होती रही। अकाल तख्त साहिब के बाहर आतंकवादी जगतार सिंह हवारा
के पहली बार पोस्टर लहराए गए। जत्थेदार अकाल तख्त साहिब संदेश के खत्म
होते हुए अकाली दल अमृतसर समर्थकों की ओर से शुरू की गई नारेबाजी के
दौरान हुई धक्कामुखी में कुलदीप सिंह नाम के व्यक्ति की पगडी भी अकाल
तख्त साहिब के सामने उतर गई। दल खालसा, अकाली दल अमृतसर , जत्था सिर लत्थ
खालसा, सिख यूथ फेडरेशन भिंडरावाला व सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन पीर मुहम्मद
ग्रुप के कार्यकर्ताओं ने हरिमंदिर साहिब कंपलेक्स के अंदर नारेबाजी करते
हुए महौल को तनाव पूर्ण बनाए रखा। नारेबाजी करने वालों ने खालिस्तार के
पक्ष में पोस्टर , बैनर भी खालिस्तान के झंठे भी उठाए हुए थे। जिला सिविल
व पुलिस प्रशासन की ओर से एसजीपीसी के सहयोग के साथ हरिमंदिर साहिब परिसर
के अंदर भारी सुरक्षा के पुखता प्रबंध किए हुए थे। बावजूद खालिस्तान
समर्थक अपनी नारेबाजी को अंजाम देने में सफल रहे। परिसर के अंदर
खालिस्तानी साहित्य भी बांटा गया। उधर इस बार सरबत खालसा की ओर से
नियुक्त किए गए जत्थेदार अपना संदेश पढ़ने श्री अकाल तख्त साहिब पर नही
पहुंचे। सरबत खालसा के जत्थेदार ध्यान सिंह मंड ने इस बार अपना संदेश
श्री अकाल तख्त साहिब की जगह बरगाढ़ी में जा का पढ़ा।
अप्रेशन ब्लू स्टार की 34वीं याद के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब पर अखंड
पाठ साहिब के भोग डाले गए। हजूरी रागी भाई राय सिंह के जत्थे के गुरबाणी
कीर्तन किया। अकाल तख्त साहिब के हैड ग्रंथी मलकीत सिंह ने अरदास की।
हुकमनामा हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह लिया।
सिख कौम के नाम अकाल तख्त साहिब से संदेश जारी करते हुए ज्ञानी गुरबचन
सिंह ने कहा कि समय की केंद्र सरकार ने 1984 में श्री हरिमंदिर साहिब व
श्री अकाल तख्त साहिब पर सैन्य कार्रवाई के दौरान तोपों, टैंकों से हमला
किया था जिस में सैंकडों लोग मारे गए। यह घटना कभी न भूल पाने वाली घटना
है। इस घटना को कौम हर वर्ष याद करते हुए कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।
अप्रेशन ब्लू स्टार दौरान भारतीय सेना को छोड कर आने वाले सैनिकों और
जोधपुर जेल में बंद सिखों के परिवारों का सरकार पुनर्वास करे। जिस तरह
इंगलैड सरकार ने 1984 की घटना के दस्तावेज जारी किए उसी तरह भारत सरकार
भी इस घटना के दस्तावेज सर्वजनक करे। ताकि सामने आ सके के इस के लिए कौन
शक्तियां जिम्मेवार है। अप्रेश्न ब्लू स्टार के दौरान जो समान हरिमंदिर
साहिब व सिख रेफ्रेंस लाइब्रेरी से उठा कर सेना ले गई थी उसे तुरंत
वापिस दिया जाए। जरनैल सिंह भिंडरावाला का रिवाल्वर और तीर भी भारत सरकार
सिख कौम को वापिस करे। बरगाडी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने
वाले दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करके सख्त साजएं दी जाए। संगत अमृतपाण
करे और कुरीतियों से बच कर रहे। सिख कौम उन शक्तियों से बच कर रहे जो सिख
कौम के अंदर ग्रुपबाजी पैदा करती है। सिख एक अलग कौम थी और अलग कौम है।
इस से पहले श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय से ट्रिप्ल सुरक्षा घेरे में
ज्ञानी गुरबचन सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब तक लेकर जाया गया। अकाल तख्त
साहिब पर जरनैल सिंह भिंडरावाला, अमरीक सिंह , नछत्तर सिंह पहलवान ,
सतवंत सिंह ,अगवान आदि के परिवारिक सदस्यों को सम्मानित भी किया गया।
अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान अकाल तख्त साहिब के अंदर
बैठक कर जत्थेदार का संदेश सुनते रहे। जत्थेदार का संदेश सुनने के बाद
बाहर आकर मान और उनके समर्थकों ने खालिस्तान को लेकर नारेबाजी शुरू कर
दी।
इस दौरान हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह , तख्त
केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह , तख्त दमदमा साहिब के
जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह , तख्त पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी
इकबाल सिंह , एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल दमदमी टकसाल के
मुखी हरनाम सिंह धुम्मा, तरना दल के बाबा निहाल सिंह , दल खालसा के,
कंवरपल सिंह बिट्टू, सतनाम सिंह पौंटा साहिब, अकाली दल अमृतसर के मुखी
सिमरनजीत सिंह मान, जरनैल सिंह सखीरा, डा गुरजीत सिंह , मानवीय अधिकार
विंग के कृपाल सिंह रंधावा, बलवंत सिंह गोपाला व एसजीपीसी के अधिकारी व
पदाधिकारी भी मौजूद थे।
— पंकज शर्मा
खालिस्तान का झंडा फहराने की कोशिश
— जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह को संदेश देने से रोकने के लिए
कंट्टरपंथियों ने लम्बे समय तक जारी रखी नारेबाजी
— नारेबाजी के दौरान दो संदिग्ध युवाओं को लिया गया हिरासत में
— हरिमंदिर साहिब कंपलेक्स में बांटा गया खालिस्तानी साहित्य
जागरण संवाददाता, अमृतसर
श्री हरिमंदिर साहिब में हुए अप्रेशन ब्लू स्टार की 34वीं बरसी के मौके
पर अकाल तख्त के सामने खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए। तलवारें
लहराई गई व अकाल तख्त साहिब की डियोढी पर खालिस्तान का झंडा लगाने की
कोशिश हुई। अप्रेशन ब्लू स्टर के दौरान मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि
देने के लिए जैसे ही श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन
सिंह सिख कौम के नाम संदेश पढ़ने लगे तो वहां मौजूद संगत ने नारेबाजी
शुरू कर दी। इस दौरान यहां जत्थेदार के खिलाफ नारे लग वहीं खालिस्तान
जिंदाबाद के नारे तब तक विभिन्न पंथक संगठनों की ओर से लगाए जाते रहे जब
तक ज्ञानी गुरबचन सिंह ने संदेश खत्म नहीं हुआ। इसी दौरान जत्थेदार अकाल
तख्त साहिब के खिलाफ अपशब्द बोलने वाले दो युवकों को एसजीपीसी की टास्क
ने मौके पर पकड़ लिया उनकी पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया
गया। दोनों युवकों की पहचान भिक्खी विंड निवासी हरसिमनर सिंह और ग्रीन
फील्ड निवासी नितिन के रूप में हुई है। जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने
श्री अकाल तख्त साहिब से अप्रेशन ब्लू स्टार के दौरान मारे गए लोगों के
परिवारों को भी सम्मानित किया। हरिमंदर साहिब कंपलेक्स में जत्थेदार अकाल
तख्त साहिब के भाषण के बाद भी लम्बा समय तक खालिस्तान जिंदाबाद की
नारेबाजी होती रही। अकाल तख्त साहिब के बाहर आतंकवादी जगतार सिंह हवारा
के पहली बार पोस्टर लहराए गए। जत्थेदार अकाल तख्त साहिब संदेश के खत्म
होते हुए अकाली दल अमृतसर समर्थकों की ओर से शुरू की गई नारेबाजी के
दौरान हुई धक्कामुखी में कुलदीप सिंह नाम के व्यक्ति की पगडी भी अकाल
तख्त साहिब के सामने उतर गई। दल खालसा, अकाली दल अमृतसर , जत्था सिर लत्थ
खालसा, सिख यूथ फेडरेशन भिंडरावाला व सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन पीर मुहम्मद
ग्रुप के कार्यकर्ताओं ने हरिमंदिर साहिब कंपलेक्स के अंदर नारेबाजी करते
हुए महौल को तनाव पूर्ण बनाए रखा। नारेबाजी करने वालों ने खालिस्तार के
पक्ष में पोस्टर , बैनर भी खालिस्तान के झंठे भी उठाए हुए थे। जिला सिविल
व पुलिस प्रशासन की ओर से एसजीपीसी के सहयोग के साथ हरिमंदिर साहिब परिसर
के अंदर भारी सुरक्षा के पुखता प्रबंध किए हुए थे। बावजूद खालिस्तान
समर्थक अपनी नारेबाजी को अंजाम देने में सफल रहे। परिसर के अंदर
खालिस्तानी साहित्य भी बांटा गया। उधर इस बार सरबत खालसा की ओर से
नियुक्त किए गए जत्थेदार अपना संदेश पढ़ने श्री अकाल तख्त साहिब पर नही
पहुंचे। सरबत खालसा के जत्थेदार ध्यान सिंह मंड ने इस बार अपना संदेश
श्री अकाल तख्त साहिब की जगह बरगाढ़ी में जा का पढ़ा।
अप्रेशन ब्लू स्टार की 34वीं याद के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब पर अखंड
पाठ साहिब के भोग डाले गए। हजूरी रागी भाई राय सिंह के जत्थे के गुरबाणी
कीर्तन किया। अकाल तख्त साहिब के हैड ग्रंथी मलकीत सिंह ने अरदास की।
हुकमनामा हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह लिया।
सिख कौम के नाम अकाल तख्त साहिब से संदेश जारी करते हुए ज्ञानी गुरबचन
सिंह ने कहा कि समय की केंद्र सरकार ने 1984 में श्री हरिमंदिर साहिब व
श्री अकाल तख्त साहिब पर सैन्य कार्रवाई के दौरान तोपों, टैंकों से हमला
किया था जिस में सैंकडों लोग मारे गए। यह घटना कभी न भूल पाने वाली घटना
है। इस घटना को कौम हर वर्ष याद करते हुए कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।
अप्रेशन ब्लू स्टार दौरान भारतीय सेना को छोड कर आने वाले सैनिकों और
जोधपुर जेल में बंद सिखों के परिवारों का सरकार पुनर्वास करे। जिस तरह
इंगलैड सरकार ने 1984 की घटना के दस्तावेज जारी किए उसी तरह भारत सरकार
भी इस घटना के दस्तावेज सर्वजनक करे। ताकि सामने आ सके के इस के लिए कौन
शक्तियां जिम्मेवार है। अप्रेश्न ब्लू स्टार के दौरान जो समान हरिमंदिर
साहिब व सिख रेफ्रेंस लाइब्रेरी से उठा कर सेना ले गई थी उसे तुरंत
वापिस दिया जाए। जरनैल सिंह भिंडरावाला का रिवाल्वर और तीर भी भारत सरकार
सिख कौम को वापिस करे। बरगाडी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने
वाले दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करके सख्त साजएं दी जाए। संगत अमृतपाण
करे और कुरीतियों से बच कर रहे। सिख कौम उन शक्तियों से बच कर रहे जो सिख
कौम के अंदर ग्रुपबाजी पैदा करती है। सिख एक अलग कौम थी और अलग कौम है।
इस से पहले श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय से ट्रिप्ल सुरक्षा घेरे में
ज्ञानी गुरबचन सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब तक लेकर जाया गया। अकाल तख्त
साहिब पर जरनैल सिंह भिंडरावाला, अमरीक सिंह , नछत्तर सिंह पहलवान ,
सतवंत सिंह ,अगवान आदि के परिवारिक सदस्यों को सम्मानित भी किया गया।
अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान अकाल तख्त साहिब के अंदर
बैठक कर जत्थेदार का संदेश सुनते रहे। जत्थेदार का संदेश सुनने के बाद
बाहर आकर मान और उनके समर्थकों ने खालिस्तान को लेकर नारेबाजी शुरू कर
दी।
इस दौरान हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह , तख्त
केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह , तख्त दमदमा साहिब के
जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह , तख्त पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी
इकबाल सिंह , एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल दमदमी टकसाल के
मुखी हरनाम सिंह धुम्मा, तरना दल के बाबा निहाल सिंह , दल खालसा के,
कंवरपल सिंह बिट्टू, सतनाम सिंह पौंटा साहिब, अकाली दल अमृतसर के मुखी
सिमरनजीत सिंह मान, जरनैल सिंह सखीरा, डा गुरजीत सिंह , मानवीय अधिकार
विंग के कृपाल सिंह रंधावा, बलवंत सिंह गोपाला व एसजीपीसी के अधिकारी व
पदाधिकारी भी मौजूद थे।
— पंकज शर्मा
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें