— शब्द ब्यानाबाजी से दूर होकर एकता का सबूत देना ही 6 जून के शहीदों को होगी सच्ची श्रद्धांजलि
अमृतसर
श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व पांच प्यारों ने सिख कौम से अपील की है कि 6 जून के शहीदी दिवस को मुख्य रखते हुए आपसी विवादों व शब्दी जंग को खत्म करके एक जुट हो जून 1984 के शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाए। इस को लेकर पांच प्यारों सतनाम सिंह खंडा, सतनाम सिंह खालसा, मेजर सिंह , तरलोक सिंह और मंगल सिंह ने अपनी समर्थकों के साथ श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष अरदास की। इस अरदास के दौरान अपील की गई कि वाहे गुरू सिख कौम को आपस विरोधी जंग से बाहर निकाले और सिख कौम की चढदी कला के लिए एक जुट होने की शक्ति प्रदान करे।
अरदास करने के बाद पांच प्यारों ने कहा कि इस वक्त सिख कौम भारी संकट में से गुजर रही है। सिख कौम विभिन्न ग्रुपों में विभाजित हो चुकी है। कौम भाई मार युद्ध में उलझी हुई है। कौम के साथ इस वक्त कोई भी सुयोग्य नेतृत्व नहीं है। बरगाडी कांड में शहीद हुए युवाओं के दोषियों के खिलाफ अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने के दोषी अभी तक खुलेआम घूम रहे है। सिखों की शक्ति को कमजोर करने के लिए साजिशें रची जा रही है। मां बोली व सभ्याचार को खत्म किया जा रहा है। सिख कौम की सिख रैफ्रेंस लाइबरेरी का खजाना भारत सरकार वापिस नहीं कर रही है। उन्होंने कहाकि हम कौम की एकता, खालसा पंथ की चढदी कला आदि के लिए वाहेगुरू के समक्ष अरदास करने के लिए आए है। उन्होंने सिख कौम को अपील करते हुए कहा कि कौम एक जुट हो तभी 6 जून के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है।
— पंकज शर्मा
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