बुधवार, 6 जून 2018

किरण बाला मामले में सरकारी गुप्तचर व सुरक्षा एजेंसियों ने एसजीपीसी पर कसना शुरू किया शिकंजा

 
— किरण बाला के एसजीपीसी के जत्थे के साथ जाने का मामला गहराया, जांच कमेटी की बैठक अब  होगी 5  पांच मई को
— एसजीपीसी के कर्मचारियों ने गुरूवार को अपनी सरायों की जगह बहारी सरायों का रिकार्ड भी करना शुरू किया इकट्ठा
पंकज शर्मा , अमृतसर
एसजीपीसी की ओर से वैशाखी पर पाकिस्तान भेजे गए जत्थे के साथ गई किरण बाला का पाकिस्तान पहुंच कर एक मुसलिम से शादी कर वहां शरण लेने का ​मामला गहरा गया है। मामले की गंभीरता को मुख्य रख देश की सुरक्षा व गुप्तचर एजेंसियों ने ​मामले को लेकर एसजीपीसी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उधर एसजीपीसी अपने आरोपी कर्मचारियों का बचाव करने की मोड में दिखाई दे रही है। यही कारण है कि अब एसजीपीसी ने अपनी सरायों के रिकार्ड को इकट्ठा करने की जगह हरिमंदिर साहिब परिसर के बाहर स्थित अलग अलग प्राईवेट सरायों का रिकार्ड 8 अप्रैल से लेकर 11 अप्रेल तक का इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। ताकि इस मामले में अपनो का बचाव करते हुए एसजीपीसी के अध्यक्ष की ओर से गठित की गई जांच कमेटी व सुरक्षा एजेंसियों की ओर से की जा रही जांच को इतना अधिक रिकार्ड सौंप दिया जाए ताकि मामला उलझता जाए। जब कि एसजीपीसी के गलियारा में सभी कर्मचारियेां और अधिकारियों को इस बात की जानकारी है कि एसजीपीसी के किस मैनेजर की अेार से किरण बाला का वीजा किसी राजनीतिक नेता के पीए की शिफारिश पर जारी करने की स्वीकृति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए है। यह भी चर्चा हर जुबान पर है कि एसजीपीसी की किस सराय में एसजीपीसी के ही एक सहायक मैनेजर की ओर से किरण बाला को जत्था जाने से पहले सराय के किस कमरे में ठहराया गया है। जबकि एसजीपीसी का नियम है कि वह किसी भी अकेली औरत को कमरा नहीं देती । तो किरण बाला को कमरा कैसे और किस सहायक मैनेजर की सिफारिश पर दिया गया है।
पता चला है कि उधर इस सारे घटना क्रम का रिकार्ड और सीसी टीवी कैमरों की फुटेज भी गुप्तचर व सुरक्षा एजेंसियों ने अपने कब्जे में ले ली है। इस मामले की जांच के लिए एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिहं लोगोंवाल की ओर से गठित की गई जांच कमेटी की बैठक होनी थी पंरतु 9 दिन बीत जाने के बावजूद भी इस कमेटी की बैठक अभी तक मुद्दे को लेकर नहीं की गई। जबकि अन्य कई मुद्दों पर विचार चर्चा हो चुकी है। बताया जा रहा है कि अब गोबिंद सिंह लोंगोवाल की ओर से बनाई गई जांच कमेटी की बैठक 5 मई को होगी। क्योंकि इस मामले में आरोपी अपने अधिकारियों को बचाने की कोशिश चलनी शुरू हो गई है। उधर सरकारी एजेंसियां एसजीपीसी की जांच कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। जबकि सुरक्षा एजेंसियों की ओर से किरण बाला मामले में सभी आरोपियों की पहचान करते हुए उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत इकट्ठा कर लिए है। गुरूवार  सारा दिन एसजीपीसी के गलियारा में यही चर्चा रही कि जब सब कुछ साफ है कि एसजीपीसी की किस सराय में किरण बाला को किस ने ठहराया है तो फिर प्राईवेट सराय का रिकार्ड क्या मामले को उलझाने के लिए एसजीपीसी के अधिकारी इक्ट्ठा कर रहे है। उधर एसजीपीसी के अध्यक्ष की ओर से बनाई गई किरण बाला मामले की जांच कमेटी के सदस्य भगवंत सिंह सियालका, रविंदर सिंह चक्क, गुरतेत सिंह ढड्डे   और सुरिंदर सिंह 5 मई को बैठक करके सारे रिकार्ड की जांच करेंगे। अपनी रिपोर्ट बीस दिनों में इस कमेटी ने एसजीपीसी के अध्यक्ष को सौंपनी है। एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने इस कमेटी का गठन 25 अप्रैल को किया था। अभी तक यह जांच कमेटी अपनी कोई भी बैठक नहीं कर पाई है।
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