बुधवार, 4 अप्रैल 2018

जीएनडीयू की एक महिला प्रध्यापिका ने ​वीसी डा संधू के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत करवाई दर्ज

— मुख्यमंत्री कार्यालय  ने जांच के लिए दिए उच्च शिक्षा म़ंत्रालय को आदेश
— अमृतसर के पुलिस कमिशनर को जांए करने के लिए सरकार ने भेजा पत्र
— पुलिस के पास पीडिता ने जांच शुरू होने के बाद दाखिल किया हल्फनामा
 अमृतसर
गुरू नानक देव विश्वविद्यालय के वीसी डा जसपाल सिह संधू  विश्वविद्यालय की ही एक महिला प्रध्यापिका  के साथ कथित यौन शोषण के मामले में घिर गए है। इस मामले की जांच पंजाब सरकार के आदेशों पर शुरू हो गई है। अमृतसर पुलिस के कमिशनर एसएस श्रीवास्तव को इस जांच के आदेश जारी कर दिए गए है। जिस के बाद महिला प्रध्यापिका को पुसिल विभाग ने ब्यान देने के लिए बुलाया। प्रध्यापिका ने अपने साथ हुई कथित छेड़छाड़ और वीसी की ओर से किए गए यौन शोषण के संबंध में लिखित हल्फियां ब्यान भी पुलिस के पास दायर कर दिया है। महिला प्रध्यापिका ने मामले की शिकायत पहले विश्वविद्यालय के तत्कालीन डीन अकादमिक को दी थी। डीन की ओर से इस मामले में कोई र्भी कार्रवाई जब न की गई तो पीडिता की ओर से इस शिकायत को विश्वविद्यालय की सैक्सुअल ह्रासमेंट कमेटी को भी दी। कमेटी की तत्कालीन प्रभारी ने अपनी ही विश्वविद्यालय के अधिकारी के खिलाफ शिकायत लेने से इंकार कर दिया तो पीड़िता ने इस की शिकायत  पंजाब के राज्यपाल व विश्वविद्यालय के चांसलर समेत , मुख्यमंत्री पंजाब, डीजीपी पंजाब और राष्ट्रीय व पंजाब महिला आयोग के पास भी कर दी थी।
 पीड़िता की शिकायत के तथ्यों को देखने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय के अधनी सचिव सुखचरण सिंह ने एक पत्र नंबर 84918—1 तिथि 19 फरवरी 2018 को उच्च शिक्षा मंत्रालय पंजाब सरकार को जारी करके इस मामले की जांच करवाने के आदेश दिए है। कहां कि जल्दी से जल्दी इस मामले की जांच करके मुख्यमंत्री कार्यालय को जांच रिपोर्ट सौंपी जाए।
 उधर अब यहां जांच अमृतसर के पुलिस कमिशन के पास पहुंच गई है। जिनकी ओर से इस पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पीडिता अध्यापिका ने अपनी शिकायत में स्पष्ट जिक्र किया है कि वीसी उसके साथ किस किस तरह की बातें करता रहा है। जब वह अलग अलग बैठकों में जाती थी कि उसके उपर किस किस तरह की अश्लील कमेंट्स दिए जाते थे। एक बार तो सारी हद पर करते हुए उसे सुबह बाहर किसी हिल स्टेशन पर चलने की भी आफर की गई। जब वह उसके हर दांव से बचती रही तो उसके खिलाफ विश्व​विद्यालय के एक अधिकारी के साथ मिल कर साजिशें शुरू कर दी गई। उस के खिलाफ झूठी शिकातयें बाहरी लोगों से करवाई गई। इन शिकातयों में कोई भी सार्थक तथ्य न पाए गए तो उसके उपर कैंपस में हडताल करवाने के झूठे आरेाप लगा कर विभाग के मुखी पद से हटा दिया गया। इतना ही नहीं उसे डीन फेकेलिटी, सिनेट, सिंडीकेट , विजूएल आर्ट आदि के पदों से हटा दिया गया। अब उसे और अधिक परेशान किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि अगर वह उसके अनुसार चलती तो उसे कभी भी कोई मुश्किल नहीं आ सकती थी। इस मामले की जांच के लिए पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
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मुझे न तो शिकातय का पता है और ही पुलिस ने मेरे तक पहुचं की है: डा संधू
गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के वीसी डा जसपाल सिंह संधू के साथ इस मामले को लेकर जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि किसी प्रध्यापिका ने उसके खिलाफ कोई शिकायत भेजी है इस की उसे कोई जानकारी है। अभी तक पुलिस ने इस शिकायत के संबंध में उनके साथ कोई संपर्क नही किया है।
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शिकायत हमारे पास पहुंच गई है, जांच शुरू कर दी है: कमिश्नर पुलिस
अमृतसर पुलिस के कमिशनर एसएस श्री वास्तवा ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से उनके पास शिकायत पहुंच गई है। विभाग के डीजीपी कार्यालय की ओर से यह शिकातय हमारे पास आई है।सीपी कार्यालय की ओर से जांच शुरू कर दी गई है। इस के लिए एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी को जांच के लिए तैनात कर दिया गया है। 
 

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