----- प्रेस नोट------
विकास के नाम पर करोड़ों की राशि को डकार कर सिद्धू परिवार ने खड़े किए है अलीशान महल : मन्ना
- पूर्वी विधान सभा इलाके के शमशान घाट की 27 लाख 84 हजार रूपये की सारी राशि एक भी इंट लगाए बिना नवजोत कौर सिद्धू की शह पर गबन कर गए सिद्धू परिवार के चहेते ठेकेदार
- नवजोत सिद्धू अगर सचमुच में है इमानदार तो करवाए अपनी पत्नी के कार्यक्रल में हुई विकास कार्यों की खर्चे की निष्पक्ष जांच
- करोड़ों रूपये का गबन करने वाले अपने चहेतों के खिलाफ करवाए मामले दर्ज
अमृतसर, 21 नवंबर :
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव व प्रवक्ता मनदीप सिंह मन्ना ने कहाकि ईमानदारी की दबंगगिरी का कथित झंडा बुलंद करने वाले स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू सब से पहले भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान अपने घर से शुरूकरे तभी उसके इमानदार होने की सचाई दुनिया के सामने साबित हो सकती है। बात बात पर झूठ के पुल बांधने वाले नवजोत सिंह सिद्धू सब से पहले अपनी पत्नी डा नवजोत कौर सिद्धू के कार्यकाल में नवजोत कौर के ही विधान सभा क्षेत्र में हुए विकास में करोड़ों रूपये के भ्रष्टाचार की जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे। इस भ्रष्टाचार में अगर सिद्धू की कोठी में बैठे लोग भी शामिल है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करे। सब से पहले सिद्धू अपनी पत्नी के विधान सभा क्षेत्र में विकास के उपर पिछले दस वर्षों में खर्च हुए धन की निष्पक्ष जांच करवा कर वाइट पेपर जारी करे। मन्ना मंगलवार को डा नवजोत कौर सिद्धू की ओर से विकास कार्यों के लिए जारी हुई राशि में से एक विकास कार्य में हुए लाखों रूपये के घोटले का सबूतों के साथ मीडिया के समक्ष खुलासा कर रहे थे। खुलासा करते हुए मन्ना ने सिद्धू परिवार की ओर से अपने चहरे पर पहले इमानदारी के निकाब को उतारते हुए उनका चेहरा सफेद दिन की तरह नंगा किया। दावा किया कि जल्दी ही वे सबूतों और दस्तावेजों की फाईलों के साथ सिद्धू और उसकी पत्नी की इमानदारी के सारे नकाब लीर लीर करके उनके बने महल के सच को दुनिया के सामने नंगा करेंगे।
मन्ना ने कहा कि सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर के अमृतसर पूर्वी विधान सभा क्षेत्र में वार्ड नंबर 17 में स्थित एक शमशानधाट की चार दीवारी , पेंट व अन्य विकास कार्यों के लिए 27 लाख 84 हजार रूपये का एक टेंडर रिलीज 18 जुलाई 2०12 को हुआ था। इस काम के लिए विकास राशि सिद्धू की पत्नी ने सरकारी फंड से जारी की थी। टेंडर एक गोकल कोअप्रेटिव सोसायटी को जारी किया गया। काम पांच महीने में खत्म करना था। इस सोसायटी ने काम एक महीने में ही 17 अगस्त 2०12 को ही कागजों में खत्म करके दे दिया। यह काम वर्क आर्डर नंबर 4262 था । जिस काम का सारा रिकार्ड झूठा ही विभाग की एमबी बूक नंबरी 84० फर्जी रूप में दर्ज किया गया। जबकि इस जगह पर आज तक एक भी इंट विकास के नाम पर नहीं लगी है। विकास राशि पूरी की पूरी डकार ली गई। इस शमशान घाट पर जो कुछ समय पहले एक गेट लगा है वह गेट भी क्षेत्र के ही एक हकीम गुरचरण सिंह वैद्य ने दान करके लगाया है। सरकारी फंड 27 लाख 84 हजार रूपये बिना कोईकाम किए ही डकार लिया गया। यह सोसायटी फर्जी नामों पर एक ऐसा व्यक्ति चलाता है जो नगर सुधार ट्रस्ट के अधिकारियों के आम तौर साथ रहता है ओर नवजोत सिद्धू की कोठी से भी निकट होने का वह व्यक्ति हमेशा दावा करता रहता है। नवजोत कौर सिद्धू का हमेशा ही अति करीबी होने का दावा करके अफरशाही पर अपना रोब भी डालता रहता है। इस विकास काम पर एक भी इंट ना लगा कर उक्त सोसायटी ने 27 फरवरी 2०13 को पांच लाख 16 हजार 672 रूपये का पहला बिल पास करवा लिया। इस काम का दूसरा बिल तीस अप्रेल 2०13 को 3 लाख 68 हजार दो सौ एक रूपये का बिल पास करवाया । जबकि इसी काम का तीसरा बिल 5 लाख 16 हजार 672 रूपये का बिल 27 फरवरी 2०13 को नगर सुधार ट्रस्ट से पास करवा लिया। यह सारा कुछ क्षेत्र की उस समय रही विधायक व संसदीय सचिव डा नवजोत कौर सिद्धू की नाक के नीचे हुआ। शमशान घाट का सारे का सारा विकास फंड ही यह लोग निगल गए है। जिस में विधायक होने के नाते पूरी जिम्मेवारी डा नवजोत कौर सिद्धू की भी इस घोटाले में है। क्योंकि उक्त सोसाइटी के नाम पर यह काम ही सिद्धू के निक्टवर्ती को दिया गया था। पहले हड़प की हुई लाखों रूपये के राशि अभी हजम ही नहीं हुई थी कि मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू अक्टूबर महीने में इलाके में जा कर दो करोड़ रूपये के विकास कार्यों की राशि एलान करके आए हैजिस में इसी शमशान घाट पर विकास की राशि दोबारा एलान की गई है। जबकि पंजाब की जनता की खून पसीने की कमाई से हासिल टैक्सों के रूप में इकट्ठा पैसे को विकास के नाम पर नवजोत कौर सिद्धू अपने निक्टवर्ती ठेकेदार की सहायाता से डकार गई है। इसी दौरान नवजोत सिंह सिद्धू ने इस जगह पर कार्यक्रम में एलान किया था कि विकास की आई एक करोड़ रूपये में सिर्फ तीस - चालीस लाख रूपये ही लगते है। बाकी गबन हो जाते है। परंतु यह गबन सिद्धू का परिवार ही करता रहा है। यह बोलने से सिद्धू भाग गए। परंतु हम सिद्धू परिवार की इमानदारी का नकाब उतार करे इस परिवार की ओर से समय समय पर किए प्रत्येक गबन का पर्दाफाश कर बता देंगे कि सिद्धू और उसका परिवार कितना इमानदार है सिद्धू सचमुच इमानदार है तो बताए नवजोत सिंह सिद्धू का यह अलीशान महल कैसे खड़ा हुआ है।
मन्ना ने कहा कि विकास की गांट में लाखों रूपये की हेराफेरी सिद्धू की पत्नी की सहमति से ही हुई है इस में कोई शक नहंीं है। इमानदारी की डींगे मारने वाले सिद्धू को हम सबूत देते है अगर उसमें इमानदारी का एक ही अंश है तो मामले की जांच करते हुए अपनी पत्नी और लाखों रूपये डकारने वाले ठेकेदार के उपर मामला दर्ज करवा के दिखाए। सिद्धृ जिन करोड़ों रूपये के नगर सुधार ट्रस्ट में हुए फ्राड की बात करता है हम सबूतों समेत सिद्धू के घर के लोगों द्वारा किए उस से भी बड़े फ्राडों को दस्तावेजों के साथ दुनिया के सामने नंगा करेंगे। मन्ना ने कहा कि हम सुनते है तो लोगों ने मंदिरों , गुरूद्वारों और अन्य धार्मिक स्थानों पर फ्राड किए है । परंतु यह ऐसे लोग है जिन्होंने शमशान घाटों को भी नहीं छोड़ा है यहां इनका भी अंतिम समय आना है। बहुत जल्दी हमारी ओर से सिद्धू परिवार के उन घोटालों को नंगा किया जाएगा जिन के तहत सिद्धू परिवार ने अपने चहतों के नाम पर फर्जी कंपनियां बना कर काम लिए और करोडो रूपये हडप लिए। दर्जनों एनजीओ और स्वयंमसेवी संगठनों को करोड़ों का अनुदान दिया जिस में से साठ प्रतिशत पैसा वापिस अपने ही घर को नगदी के रूप में ले आए। जल्दी ही सबूतों और सरकारी दस्तावेजों के साथ खुलासा करेंगे कि किस तरह सिद्धू परिवार जंनता का पैसा अपने चहेतों कीसहायाता से लूटकर अपने घर भरता रहा है। अगर सिद्धू ने जरा भी गैरत है तो उनकी ओर से उठाए मामलों की जांच करवा कर इस में आरोपी अपनी पत्नी और चहतों के खिलाफ कानून के अनुसार मामले दर्ज करवाए। सिद्धू परिवार के घोटाले उजागर करने की प्रक्रिया अब लगतार जारी रहेगी। हम पंजाब के लोकपाल और मुख्यमंंत्री के पास भी सभी घोटालोंकी लिखित सबूतों के साथ शिकायत लेकर कार्रवाई करवाने के लिए जाएंगे।
- जारी कर्ता
मनदीप सिंह मन्ना
पूर्व सचिव व प्रवक्ता
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी
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