रविवार, 25 फ़रवरी 2018

कौमी शहीद सर्बजीत देश की गुप्तचर ए​जेंसियों के लिए काम करता था, वह शराब के नशे में बार्डर पार कर नहीं गया था

————— कौमी शहीद सर्बजीत की असल बहन बलजिंद कौर ने किए सनसनी खेज खुलासे—————

— सर्बजीत की बहन होने का दावा करने वाली दलबीर का उनके परिवार के साथ दूर का भी वास्ता नहीं
— इतिहास में अपने भाई को भारत मां का असली सपूत साबित करने के लिए कानूनी लड़ाई लडने का किया बलजिंदर कौर ने दावा
— कहा दलबीर कौर ने झूठ बोल अपनी पुत्री को सर्बजीत की पुत्री बता लगाव ली है तहसीलदार की नौकरी
— सर्बजीत ​की असली पुत्री को सरकार की ओर से अलाट गैस एजेंसी पर बनाया है नौकर
पंकज शर्मा , अमृतसर
कौमी शहीद सर्बजीत सिंह असल बहन बलजिंदर कौर ने कहा कि सर्बजीत की बहन होने का दावा करने वाली दलबीर कौर के झूठ को वह बहुत जल्दी कानूनी तौर पर देश और दुनिया के सामने नंगा करेगी। जल्दी ही ​लुधियाना की अदालत इस केस का फैसला सुनाने वाली है। मुझे पूरी उम्मीद है अदालत वैसा ही सच सारी दुनिया के सामने शहीद सर्बजीत सिंह के संबंध में लेकर आएगी जैसा सच अदालत ने बाबा राम रहीम के संबंध में दुनिया के सामने नंगा किया है। बल​जिंदर कौर रविवार को अमृतसर आने पर  दैनिक जागरण के  साथ बातचीत कर रही थी। वह श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने के लिए आई थी।
बलजिंदर कौर निवासी मोती नगर लुधियाना ने खुलासा किया कि सर्बजीत की वह असल बहन है। दलबीर कौर एक कथित चलाक औरत है जिस ने अपने अपने को सर्बजीत सिहं की बहन बता कर भारत , पाकिस्तान की सरकारों के साथ साथ सर्बजीत सिहं के परिवार और देश के लोगों को भी धोखा दिया है। जिस के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। जबकि दलबीर कौर का हमारे परिवार और सर्बजीत सिंह के साथ दूसर का भी रिश्ता नहीं है।
बलजिंदर कौर ने कहा कि इसी सच को साबित करने के लिए उनकी ओर से अदालत में केस दायर किया हुआ है। जो अंतिम पड़ावों में गुजर रहा है। लोग बार बार उससे पूछ रहे है कि क्या आप का दलबीर कौर के साथ समझौता हो गया है। मैं स्पष्ट करने आई हूं कि दलबीर कौर के साथ उसके परिवार का कभी भी व किसी भी कीमत पर समझौता नहीं हो सकता। न ही मेरा परिवार सरकार की ओर से सर्बजीत सिंह की शहादत पर दी गई अनुदान राशि लेने के पक्ष में है। अदालत में जाना परिवार का मुख्य मक्सद सर्बजीत सिंह की मृत्यु और उसके असल परिवार के लोगों की सचाई को दुनिया के सामने कानूनी रूप में साबित करना है। उन्होंने कहा कि उसकी ओर से अदालत से अपनी भाई होने के सारे सबूत दिए हुए है। तथा अदालत को भी लिख कर दिया है कि वे अपना डीएनए टैस्ट करवाने को तैयार है। जिस से दलबीर कौर भाग रही है।
बलजिंदर कौर ने खुलासा करते हुए कहा कि दलबीर कौर असल में जम्मू कश्मीर की रहने वाली है। दलबीर कौर अपनी मां के साथ जम्मू से भाग कर मेरे पिता महंगा सिंह के दोस्त सुलंखन सिंह के संपर्क में आ गई थी। सुलखन सिंह की पत्नी की मौत हो गई थी। इस लिए सुलखन सिंह ने दलबीर कौर की मां और दलबीर कौर को अपना पास रख लिया था। सुलखन सिंह और मेरे पिता महंगा सिंह मथुरा ट्रांसपोर्ट में काम करते थे। दोनों में भाईयों जैसा प्यार था। दलबीर कौर का असली पति बलदेव सिंह था। जिस की जेल में मौत हो चुकी है। इस मौत में भी दलबीर कौर शंकाओं के घेरे में है। दलबीर कौर ने जिस लडकी स्वपनदीप कौर को सर्बजीत ​की बेटी बता कर तहसीलदार की नौकरी सरकार से झूठे दस्तावेज देकर लगवाई है। असल में वह स्वपनदीप कौर दलबीर कौर और बलदेव सिंह की पुत्री है। सर्बजीत सिंह की पत्नी का नाम सुखप्रीत कौर है और सर्बजीत की असली पुत्री सिर्फ एक ही है जिस का नाम पूनम है। सरकार ने पूनम को भी अध्यापक की नौकरी देने का एलान किया था। जो उसे आज तक नहीं मिली। पंजाब  सरकार ने सर्बजीत सिंह अंतिम संस्कार के दौरान एक करोड़ रूपये देने का एलान किया था। जो बाद में सर्बजीत की पत्नी सुखप्रीत , असल पुत्री पूनम, दलबीर कौर और दलबीर कौर की पुत्री स्वपनदीप कौर में बांट दिया गया। केंद्र सरकार के परिवार को एक गैस एजेंसी भी एलान की थी। जिस पर दलबीर कौर ने कब्जा कर लिया और पूनम को वहां एक नौकरी पर रख लिया। जो सरकार और दुनिया के सामने दलबीर कौर ने धोखा किया है। आज भी लोग दलबीर कौर ही बहन समझते है। जबकि यह सच नही है।
बलजिंदर कौर ने और अधिक खुलासा दस्तावेजों के साथ करते हुए कहा कि सर्बजीत सिंह भारतीय खुफिया एजेंसियों के लिए काम करता था। यह पूरी तरह सच है। अगर यह सच न होता तो भारत सरकार और पंजाब सरकार कभी भी सर्बजीत सिंह को कौमी शहीद एलान न करती। वर्ष 1990 में सर्बजीत पाकिस्तान में पकडा गया। उस वक्त जो एफआईआर पाकिस्तान में दर्ज हुई। उस में सर्बजीत सिंह के परिवार व अन्य सदस्यों , पढाई व जन्म स्थान के संबंध में सारी सचाई दर्ज है। जिस के आधार पर पाकिस्तान में केस चला और 1992 में सर्बजीत सिंह को फांसी की सजा सुनाई गई।
 इसी दौरान दलबीर कौर मेरे माता पिता के पास आई और कहा कि उसका काफी राजनीतिक लोगों के साथ निक्टता है ओर वे राजनीतिक प्रभाव के उपयोग करके सर्बजीत को किसी न किसी रूप में फांसी की सजा से बचा कर भा​रत जिंदा ले कर आएगी। इसी लिए मेरे माता पिता ने दलबीर कौर को इसी आश्वासन  पर सर्बजीत के लिए आवाज उठाने का अधिकार दे दिया कि सर्बजीत को वापिस लेकर आएगी। परंतु इसी दौरान दलबीर कौर ने अपने आप को सर्बजीत सिंह बहन और अपनी पुत्री को सर्बजीत की पुत्री के रूप में पेश करना शुरू कर दिया। जब​ सर्बजीत को फांसी की सजा थी तो उस का जेल में कत्ल कैसे हो गया। इस के भी जांच होनी चाहिए। क्यों के दलबीर कौर असल में सर्बजीत सिंह को जिंदा वापिस लाना हीं नहीं चाहती थी। इस के लिए पाकिस्तान के कुछ लोग भी दलबीर कौर के संपर्क में थे। यही करन था कि सर्बजीत की पत्नी और असल पुत्री को दलबीर कौर कभी भी पाकिस्तान लेकर जाने को तैयार नहीं होती थी। सिर्फ खुद ही मिलने गई थी।
बल​जिंदर कौर ने खुलासा करते हुए कहा था  वह अपने भाई की शहादत की सचाई को दुनिया के सामने लेकर आना चाहती है और सरकार से भी इस संबंधी मदद चाहती है। जाकि उसके भाई की शहादत कहीं इतिहास में गल्त ढंग से ही न लिखी जाए। दलबीर कौर ने एक साजिश के तहत उसके भाई की शहाद को इस तरह पेश किए सर्बजीत शराब के नशे में पाकिस्तान का बार्डर क्रास कर गया था। जबकि सचाई यह है कि वह भारत के लिए काम करते हुए पाकिस्तान की जेलों में शहीद हुआ है। हमे सरकार से सर्बजीत के लिए एलान किए अनुदान से कुछ नही चाहिए। चाहिंए तो सिर्फ यही सच कि सर्बजीत भारत का सपूत था ना कि शराब के नशा में बार्डर क्रास करने वाला व्यक्ति जिस को हमेशा ही सर्बजीत की नकली बहन मीडिया और दुनिया के सामने प्रचारित करती रही है। उसने आखिर में यह भी खुलासा किया कि दलबीर कौर ने उनकी भाभी सुखप्रीत के उपर दबाव बनाया है कि अगर वह बलजिंदर कौर या सर्बजीत के किसी अन्य रिश्तेदार के साथ संपर्क रखेगी तो सरकार की ओर से मिला पैसा सरकार वापिस ले लेगी। इसी को मुख्य रख एक बार सुखप्रीत कौर से दलबीर कौर ने उसे फोन करवा कर कहा कि वह अदालत से केस वापिस ले , नहीं तो वह उसके घर के बाहर लुधियाना आ कर आत्म हत्या कर लेगी।

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