रविवार, 25 फ़रवरी 2018

अध्यक्ष पद के चुनावों को लेकर चीफ खालसा दीवान बना राजनीति का अखाडा

— विभिन्न राजनीतिक पार्टियां भी करने लगी उम्मीदवारों का खुलेआम समर्थन
— चुनावों को लेकर दीवान में तीन ग्रुप हुए सरगर्म, दीवान की कार्यसाधक कमेटी की आज हो रही है बैठक
पंकज शर्मा , अमृतसर
चीफ खालसा दीवान के अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई है। चुनावों में तीन ग्रुप समने आ गए है।  दीवान के अध्यक्ष पद समेत उपाध्यक्ष और आनरेरी सचिव वित्त के पद के लिए 4 मार्च को चुनाव हो रहे है। प्रत्येक ग्रुप के उम्मीदवार को साथ देने के लिए  राजनीतिक पार्टियां भी  खुलेआम समर्थन पर आ गई है। एक ग्रुप दीवान के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह चड्डा का है जिस चड्डा को एक महिला प्रिंसिपल के साथ अश्लील हरकतें करने की वायरल हुई वीडियो के बाद श्री अकाल तख्त साहिब से सख्त आदेश जारी कर पद व दीवान की सदस्यता से निष्कासित कर दिया था। चड्डा ग्रुप की ओर से डा संतोख सिंह मैदान में है। कहा जा रहा है कि इस ग्रुप को कांग्रेस के लोगों की ओर से समर्थन किया जा रहा है।  जबकि दूसरा ग्रुप दीवान के पूर्व आनरेरी सचिव भाग सिंह अणखी का है। जिस की ओर से राज मोहिंदर सिंह मजीठिया चुनावी दंगल है। इस ग्रुप को अकाली दल बादल पूरी तरह समर्थन दे रहा है। तीसरा ग्रुप दीवान के मौजूदा कार्यवाहक अध्यक्ष धनराज सिंह का है। इस में खुद धनराज सिंह चुनावी मैदान में है। चर्चा है कि ग्रुप को आम आदमी पार्टी के कई नेता साथ दे रहे है।
उधर दीवान ने कार्यकारिणी कमेटी की बैठक 26 फरवरी को बुला ली है। क्यों के 27 फरवरी को नामाकंन पत्र वापिस लेने की तिथि है। संभावना है कि कुछ लोग अंतिम दिन अपने नाम वापिस भी ले सकते है। वहीं 26 फरवरी की बैठक में कुछ सदस्य चुनाव प्रक्रिया में संविधान के अनुसार सही नीति न अपनाने के आरोप लगा कर अवाज भी बुलंद कर सकते है। आज की बैठक में एक ग्रुप चुनावों को आगे डालने के लिए आवाज उठाने की तैयारी कर रहा है। उनकी राजनीति कहां तक सार्थक रहती है यह बैठक के हालात और उनके समर्थकों की बैठक में शामिल​ गिनती पर भी निर्भर करेगा।
गत दिवस खालसा कालेज मैनेजमेंट की हुई बैठक में भी सत्याजीत सिह मजीठिया ने अपने समर्थकों को राजमोहिंदर सिंह मजीठिया का साथ देने का एलान किया है। वहीं अकाली दल बादल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया भी राज्य के सभी जिलों के अकाली नेताओं को कह रहे है कि चुनावों के दिन राजमोहिंदर को वोट डालने के लिए अपने अपने साथियों को घर घर जा कर हिदायतें दी जाएं।
दीवान के 513 के करीब सदस्य है। जो अपने वोट का उपयोग करके पदाधिकारियों को चुनाव करेंगे। उधर एक ग्रुप के नेता भाग सिंह अणखी ने कहा कि उनके साथी दीवान को राजनीति का अखाडा नहीं बनाना चाहते है। अगर किसी एक नाम पर सर्वसमिति हो जाती है तो उनको कोई एतराज नहीं बल्कि सर्वसमिति सही उम्मीदवान के नाम पर हो। दूसरी ओर दीवान के कार्यवाहक अध्यक्ष धनराज सिंह कहते है कि वह शुरू से ही दीवान में प्रगतिशील विचारों वाले रहे है। दीवान को विधान के अनुसार आगे लेकर बिना किसी पक्षपात के पक्षधर है। वे कभी भी चरणजीत सिंह चड्डा की कृपा से न तो दीवान में आए और न ही उनके कहने पर कार्यवाहक अध्यक्ष बने । दीवान के सदस्यों ने खुद चुनाव कर उनको दीवान का अध्यक्ष चुना है। उन्होंने कहा कि राजमोहिंदर सिंह मजीठिया कांग्रेस के एक ग्रुप और अकाली दल की ताकत के साथ मैदान में है और मैं दीवान के गंभीर सदस्यों के साथ के साथ मैदान में हूं।
उधर चर्चा यह है कि चड्डा ने 4 मार्च को होने वाले चुनावों से एक दिन पहले अपने आत्महत्या करने वाले पुत्र इंद्रप्रीत सिंह की याद में समय से पहले ही बरसी कार्यक्रम रखा लिया है। दीवान के मैंबर चर्चा कर रहे है कि बरसी कार्यक्रम में चड्डा अपने समर्थकों को बुला कर अपने उम्मीदवार के पक्ष में मतदान के लिए निर्देश देंगे। क्यों के खुलेआम बैठकें करने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों पर चरणजीत सिंह चड्ढा के उपर पाबंदी लगाई हुई है। दीवान इस वक्त पूरी तरह राजनीति का अखाडा बन चुका है।

कोई टिप्पणी नहीं: