— कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो परिवार के साथ हुए श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक
— श्री गुरु रामदास लंगर भवन में चपातियां बेल निभाई लंगर सेवा
— पंजाबी सूट पहने ट्रूडो के परिवार ने श्रद्धा व नम्रता से निवाया श्री हरिमंदिर साहिब में शीश
अमृतसर
श्री हरिमंदिर साहिब ने मुझे कृपा व सम्मन से भर दिया......, अपने परिवार के साथ सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ पहुंचे कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रडो ने विश्व प्रसिद्ध रुहानीयत के केंद्र में अथाह आत्मिक आनंद हासिल किया। इसी रूहानीयत आनंद से विभोर हुए ट्रुूडो ने श्री हमिरंदिर साहिब की विजटर बुक के पन्नों पर अपनी मनोभावनाओं को प्रस्तुत करते हुए लिखा कि , इस पावन स्थान पर उनके हुए स्वागत से वे कृपा व नम्रता के साथ भर गए है। श्री हरिमंदिर साहिब में पहुंचने पर जस्टिन ट्रूडो का एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल व मुख्य सचिव डा रूप सिंह ने किया। इस दौरान भारत सरकार की ओर से केंद्रीय राज्य मंत्री हरदीप सिह पुरी , पंजाब सरकार की ओर से केबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और अकाली दल की ओर से पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने स्वागत किया। क्रीम रंग के कढ़ाई वाले पंजाबी सूट पहने जस्टिन ट्रूडो पूर्ण रूप में श्रद्धा से लभालभ दिखाई दे रहे थे जबकि उनकी पत्नी ने सी ग्रीन रंग का पंजाब सूट पहना था। बेटी एला ग्रेस ने असमानी रंग का पंजाब सूट और बेटा जैवियर नीलें रंग के पंजाबी कढ़ाई वाले नीले सूट , गोल्डन पंजामे व केसरी रंग के सिर पर बाधे रूमाल में एक पूर्ण पंजाबी परिवार की झलक पेश कर रहे थे। ट्रूडो ने भी केसरी रंग का रूमाल सिर पर बाधा। श्री हमिरंदिर साहिब के दर्शनों के दौरान ट्रूडो श्रद्धा से दोनो हाथ जोड़े अपनी नम्रता का संदेश देते रहे। ट्रूडो ने हरिमंदिर साहिब के श्री गुरु राम दस लंगर भवन में लंगर पका कर सेवा की। हरिमंदिर साहिब में कड़ाह प्रदास की देग करवाई। सचखंड हरिमंदिर साहिब में ट्रूडो, उसकी पत्नी व बच्चों को श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह ने सिरोपा , फूलों के गुलदस्ते, पतासा प्रसास और फूल मालाएं देर कर सम्मान किया। सूचना केंद्र में एसजीपीसी की ओर से ट्रूडो के परिवार को श्री हरिमंदिर साहिब माडल, धार्मिक पुस्तकें, श्री साहिब, लोई व सिरोपा आदि भेंट कर सम्मानित किया। ट्रूडो का परिवार श्री अकाल तख्त साहिब पर नहीं गया। ट्रूडों ने नीचे से ही माथा टेक कर श्री अकाल तख्त साहिब पर सजदा किया।
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लोगोंवाल व सुखबीर ने किया ट्रूडो का श्री हरिमंदिर साहिब में स्वागत
तयशुदा टाइम से करीब एक घंटा लेट सुबह 11.59 पर जस्ट्रिन ट्रूडो अपनी पत्नी सोफी ग्रेगोएर , बेटे जैवियर और बेटी एला ग्रेस के साथ घंटा घर गेट के पास पहुंचे। उनका छोटा बेटा हैड्रीन अस्वस्थ्य होने के कारण उनके साथ श्री हरिमंदिर साहिब नहीं आए। यहां पर एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद लोंगोवाल , मुख्य सचिव डा रूप सिंह , अकाली दल से सुखबीर सिह बादल , केंद्रीय राज्य मंत्री हरदीप सिह पुरी और पंजाब के केबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने फूलों के गुलदस्ते देकर ट्रूडो परिवार का स्वगात किया।
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श्री गुरु रामदास लंगर भवन में परिवार के साथ लंगर की चपातियां बेल की लंगर सेवा
करीब 12 बज कर 2 मिनट पर ट्रूडो परिवार के सदस्यों और अपने साथ आए कनाडा के पांच मंत्रियों और सांसदों के साथ परिक्रमा में पहुंचे। घंटा घर गेट के प्रवेश द्वार का मध्य भाग ट्रूडो के प्रवेश के लिए रखा गया जबकि आम संगत के लिए प्रवेश बाई ओर की सीढियों से था दाई ओर की सीढियां संगत के बाहर जाने के लिए निर्धारित की गर्इ थी। ट्रूडो परिक्रमा करते हुए पहले संगत को हाथ जोड अभिभावन करते हुए श्री गुरु राम दास लंगर भवन पहुंचे। वहां ट्रूडो, उनकी पत्नी व बच्चों ने लंगर के लिए चपातियां बेल कर सेवा निभाई। लंगर की चपातियां बनाने के लिए ट्रूडो के लिए स्पेशल लोह भी एसजीपीसी ने तैयार की थी। परंतु वह लंगर पकाने वाली लोह की तरफ नहीं गए। इसी दौरान ट्रूडो परिवार के साथ लंगर भवन हाल में भी गए यहां संगत को लंगर चखता उन्होंने देखा। परंतु खुद लंगर न तो चखा और न ही लंगर बर्ताने की सेवा कीं जबकि एसजीपीसी ने इस के लिए भी अलग से व्यवस्था की हुई थी। करीब 15 मिनट तक लंगर भवन में रहने के बाद परिक्रमा करते हुए जस्ट्रिन ट्रूडो ने परिवार के सदस्यों के साथ श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शनीय ढियोडी के बाहर कड़ाह प्रसाद की देग करवाई। दशर्नीय ढियोडी स्थित स्पलाई लाइन रास्ते से ट्रूडो सचखंड में नतमस्तक होने के लिए गए। जबकि उनकी पत्नी और दोनो बच्चे साथ वाले रास्ते से श्री हमिरंदिर साहिब पहुंच। इस दौरान ट्रूडो संगत को हाथ जोड़ का अभिभादन करते रहे और सचखंड के बाहर तैनात सेवादारों के साथ हाथ मिला कर भी मिले। हरिमंदिर साहिब दर्शन के दौरान ट्रूडो ने करीब दस बार संगत की फतह में फतह का जवाब दिया। संगत के जैकारों का भी ट्रूडो जवाब देते रहे।
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सचखंड की दहलीज पर सिर झूका किया ट्रूडो ने गुरू घर में सजदा
सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब की दहलीज पर ट्रूडो व उनके परिवार ने सिर झूका कर माथा टेका और हरिमंदिर साहिब में प्रवेश किया। श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिह ने ट्रूडो, उनकी पत्नी और बच्चों को फूलों के हार , सिरोपा , पतासा प्रसाद और श्री फूलों के गुलदस्ते भेंट कर सम्मानित किया। ट्रूडो और उनके परिवार के सदस्यों ने श्री हरिमंदिर से कड़ाह प्रसाद लेकर ग्रहण किया।
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परिक्रमा में ट्रूडो ने खिंचवाई कई अधिकारियों के साथ तस्वीरें
जस्टिन ट्रूडो और उनके परिवार के सदस्य श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शनों के दौरान पूरे कूल मूड में दिखाई दिए । ट्रूडो ने परिक्रमा में अपने साथ आए सांसदों , मंत्रियों और प्रोटोकोल के भारतीय अधिकारियों के साथ तस्वीरें भी खिंचाई। परंतु ट्रूडो श्री अकाल तख्त साहिब पर माथा टेकने के लिए नहीं गए। अकाल तख्त साहिब के नीचे बाहर से ही ट्रूडो ने सिर झूका कर माथा टेका। परिक्रमा में ट्रूडो ने हाथ हिला कर भी संगत को अभिवादन किया। इस दौरान कनाडा के रक्षा मंत्री हरजीत सिह सज्जन, मंत्री नवदीप सिंह बैंस, अमरजीत सिह सोही, बरदीश कौर , सुखधालीवाल, राज ग्रेवाल , हरदीप सिंह पुरी , नवजोत सिंह सिद्धू , डा रूप सिंह , अमृतपाल सिंह , जसविंदर सिंह जस्सी ने भी ट्रूडो के साथ तस्वीरें खिंचाई।
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24 कैरेट गोल्ड प्लेटड सोने के सुनहरी माडल से एसजीपीसी ने किया सम्मानित
श्री हरिमंदिर साहिब के सूचना केंद्र में एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल , मुख्य सचिव डा रूप सिंह और अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिह बादल ने ट्रूडो, उनकी पत्नी व दोनों बच्चों को श्री हरिमंदिर साहिब के माडलों के साथ सम्मानित किया। ट्रूडो को श्री हरिमंदिर साहिब का 24 कैरेट का गोल्डन माडल, श्री साहिब , सिरोपा, लोई , धार्मिक पुस्तकों का सैट, पत्नी को श्री हरिमंदिर साहिब की गोल्ड की तस्वीर,सिरोपा, लोई, धार्मिक पुस्तकों का सैट , बच्चों को श्री हरिमंदिर साहिब के छोटे गोल्डन माडल, सिरोपा, गुरू साहिब के साथ संबंधित इतिहास की पिकटोरियल पुस्तकों के सेट व सिरोपा से सम्मानित किया गया। इसी दोराण ट्रूडो ने अपने तीसरे बच्चे हैड्रीन के लिए भी श्री हरिमंदिर साहिब माडल खुद कह कर लिया। क्यों कि अस्वस्थ्य होने के कारण हैड्रीन श्री हरिमंदिर साहिब नही आ सका था।
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जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब पर करते रहे ट्रूडो का इंजतार
जस्टिन ट्रूडो ने श्री अकाल तख्त साहिब पर भी माथा टेकने के लिए जाना था। वहां श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह उनको सम्मानित करने के लिए इंतजार करते रहे। परंतु ट्रूडो के साथ आए सुरक्षा कर्मी उनको श्री अकाल तख्त साहिब पर लेकर नहीं गए जिस के चलते ट्रूडो श्री अकाल तख्त साहिब से सम्मान नहीं हासिल कर सके। यहां तक के जब श्री हरिमंदिर साहिब में बाद दोपहर की अरदास शुरू हुई तो उस वक्त एसजीपीसी के मुख्य सचिव डा रूप सिंह रूकने का भी ईशरा किया। परंतु उनकी ओर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया और ट्रूडो का काफिला लगातार चलता रहा। ट्रूडो जब माथा टेकने के बाद इलाची बेरी के पास पहुंचे तो उस वक्त दमदमी टक्साल के मुखी बाबा हरनाम सिह धुम्मा अपने एक सहयोगी के साथ जस्टिन ट्रूडो को सिरोपा देकर सम्मानित करने पहुंचे। परंतु ट्रूडो के साथ आए सुरक्षा कर्मियों और कमाडो ने बाबा धुम्मा को ट्रूडो के पास ही नही जाने दिया। यहां तक कि तीन कमाडो धुम्मा के पास तब तक खडे रहे जब तक ट्रूडो वहां से काफी आगे नहीं निकल गए।
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एसजीपीसी ने भी लगाए इस बार स्वागत बोर्ड, परिक्रम में सुरक्षा को देख बनाई मानव श्रृंख्ला
एसजीपीसी की ओर से कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के स्वागत के लिए इस बार स्वागती बोर्ड थी लगाए हुए थे। इसी तरह पंजाब सरकार की ओर से हवाई अड्डा से लेकर श्री हरिमंदिर साहिब के प्लाजा तक स्वागती बोर्ड लगाए गए थे। यह बोर्ड पंजाबी व अंग्रेजी भाषाओं में थे। स्वागती बोर्डों में एसजीपीसी के अध्यक्ष लोंगोंवाल के तस्वीरें थी। जबकि सरकार की ओर से लगाए गए स्वागती बोर्डों पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तस्वीरें लगाई गई थी। श्री हरिमंदिर साहिब के अंदर भी कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। एसजीपीसी की टास्क फोर्स के कर्मचारी मानव श्रृंखला बना कर सारी परिक्रमा में खडे रहे। आम संगत के लिए परिक्रमा की ढियोडी से रास्ता दिया गया था। जबकि मुख्य परिक्रमा में ट्रूडो और उनके साथ आए अधिकारियों को रास्ता दिया गया। इसी तरह पंजाब पुलिस के भी सैंकडो कर्मी दो अलग अलग ड्रेसों में तैनात किए गए थे। कुछ कर्मचारी लाल पगडियों में सफेद शर्ट व काली पेंट पहने थे। जबकि कुछ कर्मी असमानी रंग की पगडी पहने थे। इसी तरह महिला पुलिस भी भारी संख्या में तैनात की गई थी। इन में कुछ सफैद सूट व लाल दुपटा पहने थी जबकि बहुत सारी कर्मी काली पेंट , सफेद शर्ट और काली जैकेट से तैनात थी। श्री हरिमंदिर साहिब का सारा आसपास सिविल कपडों में तैनात पुलिस कर्मचारियों की छावनी में बदल दिया गया था। इस बार यह विशेषता रही कि आम संगत को ट्रूडो की फेरी के दौरान श्री हरिमंदिर साहिब में किसी तरह की कोई मुश्किल नही आई।
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ट्रूडो का गुरुनगरी दौरा एक नजर में....
—10.40 : कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो चार्टेड प्लेन से श्रीगुरुरामदास जी अंतरराष्र्टीय हवाई अड्डे पर पहुंचे।
—11.38 : ट्रूडो 58 मिनट एयरपोर्ट के अंदर रहने के बाद श्रीदरबार साहिब के लिए वहां से रवाना हुए।
—11.59 : तयशुदा कार्यकम के एक घंटा देरी से ट्रूडो दरबार साहिब पहुंचे।
—12.08 : ट्रूडो परिवार सहित श्रीगुरुरामदास जी लंगर घर पहुंचे और वहां लंगर सेवा की, पर उन्होंने लंगर नहीं छका।
—12.21 : लंगर हॉल से निकलते हुए कनाडाई सांसदों के साथ परिक्रमा में दाखिल होते हुए परिक्रमा की।
—12.35 : दशर्नी ड्योडी पहुंचे और वहां प्रसाद की देग चढ़ाई। बीच वाली लेन से दर्शन करने पहुंचे और वहां श्रद्धालुओं से भी मिले।
—12.42 : ज्ञानी जगतार सिंह ने ट्रूडो, पत्नी व दोनों बच्चों को सिरोपा और फूलों का गुलदस्ता भेंट किया।
—12.46 : माथा टेककर बाहर निकले। कड़ाह प्रसाद छका, श्रद्धालुओं से हाथ मिलाया और फोटो भी खिंचवाई।
—12.50 : ट्रूडो श्रीअकाल तख्त साहिब पर नहीं गए, बल्कि नीचे से ही माथा टेका।
—12.53 : ट्रूडो एसजीपीसी के सूचना केंद्र पहुंचे और वहां एसजीपीसी की ओर से 24 करेट का गोल्डन टेंपल का मॉडल देकर सम्मानित किया गया।
—1.05 : ट्रूडो व परिवार गाड़ी में बैठकर श्रीदरबार साहिब से रवाना हुआ।
— पंकज शर्मा
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