— सत्कार कमेटी के पदाधिकारी मंजी साहिब दीवान हाल में बैठक करने के लिए बाजिद
— एसजीपीसी ने सत्कार कमेटी सदस्यों को दीवान हाल में पहुंचने से रोकने के लिए की तैयारियां, अमृतसर
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की ओर से श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कमेटियों को कोई मान्यता न होने के दिए ब्यान के बाद सत्कार कमेटियों का टकराव एसजीपीसी के साथ गहरा गया है। अब एसजीपीसी ने भी सत्कार कमेटियों से अलग अलग स्थानों उठाए गए श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों का साहिब सर्वजनक करने के लिए सत्कार कमेटियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। विवाद इतना गहरा गया है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतकार कमेटियों ने एक जुट होते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधों अधीन गायब हुए स्वरूपों की जानकारी संगत को देने के लिए संघर्ष कर बिगुल बजा दिया है। कमेटियों के संघर्ष का बिगुल किसी समय भी एसजीपीसी के साथ किसी समय भी हिंसक रूप धारण कर सकता है। क्योंकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी पंजाब ने एसजीपीसी के ही गुरुद्वारा दीवान मंजी साहिब हाल से एसजीपीसी के खिलाफ आंदोलन 14 सितंबर को शुरू करने का एलान किया है। राज्य भर से सतकार कमेटी के सदस्य सोमवार तेज सिंह समुद्री हाल में पहुंच रहे है। वहीं एसजीपीसी ने इस सत्कार कमेटी के सदस्यों को तेजा सिंह समुद्री हाल में पहुंचने से रोकने के लिए प्रबंधक कर लिए है। बढी संख्या में एसजीपीसी ने अपनी टास्क फोर्स के कर्मचारियों को तैयार रहने की हिदायत दे दी है। वहीं पुलिस को भी इस संबंधी सूचित कर दिया गया है कि कहीं टकराव की नौबत न आ जाए। इस को लेकर बढी संख्या में सिविल वस्त्रों में पुलिस व सुरक्षा एजेसियों के कर्मचारी भी श्री हरिमंदिर साहिब परिसर व गुरुद्वारा दीवान मंजी साहिब हाल के आसपास तैनात कर दिया है। सत्कार कमेटी के सदस्य व पदाधिकारी तब से एसजीपीसी और अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से रूष्ट चले आ रहे है जब से श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सत्कार कमेटियों को श्री अकाल तख्त साहिब से कोई भी मान्यता न होने का एलान किया था। जबकि सत्कार कमेटियों का गठन श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ने ही किया था।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी के मुखी बाबा बलबीर सिंह मुच्छल और सुखदेव सिंंह खोसा ने कहा कि राज्य भर से उनके संगठन के कार्यकर्ता 14 सितंबर को मंजी साहिब दीवान हाल में पहुंच रहे है। वहां एसजीपीसी से गायब हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 382 स्वरूपों का हिसाब मांगा जाएगा और भविष्य के आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। अगर एसजीपीसी ने रोकने की कोशिश की तो इस के लिए एसजीपीसी का मौजूदा नेतृत्व जिम्मेवार होगा।
उधर एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोगोवाल ने कहा कि एसजीपीसी द्वारा मंजी साहिब दीवान हाल को किसी भी तरह के आंदोलन लिए उपयोग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सत्कार कमेटियों को कौम कोई भी मान्यता नही देती।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि सत्कार कमेटियों की ओर से पंथक रिवायतों के खिलाफ गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। इस लिए इन को पंथ की स्वीकृति नही है।
— पंकज शर्मा
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