— निजी एजेंसियां ही खरीद रही है मंडियों में से धान व बासमती, पिछले वर्ष के मुकाबले कम मिल रहा है रेट
पंकज शर्मा , अमृतसरपंजाब सरकार ने धान की खरीद रविवार से शुरू कर दी है। किसान तो अपनी परमल धान की किस्म लेकर मंडियों में पहुंच गए। परंतु उत्तरीय भारत की सब से बडी आनाज मंडी भगतांवाला में सरकारी खरीद करने के लिए सरकार की एजेंसियों के अधिकारी ही नही पहुंचे। जबकि प्राईवेट कंपनियों की ओर से धान की खरीद की गई। धान में नियमों के अनुसार नमी अधिक होने के कारण निजी एजेंसियों की ओर से धान की खरीद बहुत कल की गई। जबकि बासमती की फसल करीब एक सप्ताह से मंडी में पहुंच रही है। बासमती की सारी खरीद निजी एजेंसियों की ओर से ही की जाती है। इस की सरकारी खरीद नही होती है। निजी एजेंसियां बासमती की 1509 किस्म की खरीद भी पिछले वर्ष के मुकाबले कम रेट पर कर रही है। जिस के चलते किसानों में भारी रोष है।
भगतांवाला आनाज मंडी में बासमती की 1507 किस्म की डेढ लाख से अधिक बोरियां मंडी में पहुंच चुकी है जिस में 85 प्रतिशत बासमती की खरीद निजी कंपनियों की ओर से की जा चुकी है। पिछले वर्ष इस बासमती के रेट किसानों को 2600 से 2700 रूपए प्रति क्विंटल मिल रहा था। इस बार इस का रेट 1700 से 1900 रूपए प्रति क्विंटल मिल रहा है। वहीं इस बार इस किस्म का उत्पादन भी कम हो गया है। गत वर्ष 22 क्विंटल थी जब इस वर्ष दस से 13 किवंटल के करीब उत्पादन मिल रहा है। धान की परमल किस्म की 50 हजार के करीब बोरियां भगतांवाला आनाज मंडी में पहुंच चुकी है। जिन की खरीद अभी तक किसी भी सरकारी एजेंसी की ओर से नही की गई है। सिर्फ कुछ निजी एजेंसियों की ओर से परमल की खरीद 1600 रूपए से लेकर 1700 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से की है।
भगतांवा वाला आनाज मंडी आढती एसोसिएशन के अध्यक्ष अमनदीप सिंह छीना और मंडी मजदूर यूनियन के अध्यक्ष राकेश तुली ने कहा कि अभी सिर्फ बासमती की अगेती किस्म 1509 की ही आमद मंडी में हो रही है। परमल और सैला धान तो अभी तक सही ढंग से पका भी नही है। करीब 10 से 15 दिन और इस धान को सही ढंग से पकने के लिए लग जाएंगे। सरकार ने किसान आंदोलन को कमजोर करने के लिए ही इस की खरीद समय से पहले शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि रविवार को किसी भी सरकारी एजेंसी का कोई अधिकारी धान की खरीद के लिए मंडी में नहीं पहुंचा। जब आढतियों की ओर से खरीद एजेंसियों से सपंर्क किया तो उनके अधिकारियों ने कहा कि अभी तक तो धान पूरा पका नही है नमी अधिक है वही सरकार ने भी अभी तक उनको खरीद के टारगेट तय कर के नही बताए है।
मामले के संबंध में जब मार्केट कमेटी के सचिव अमरदीप सिंह कौडा के साथ फोन पर बार बार संपर्क किया तो अधिक व्यस्थ होने के कारण उन्होंने फोन नही उठाया।
अमृतसर के डीसी जीएस खैहरा ने कहा कि सरकार के आदेशों पर धान की खरीद करने के लिए सभी सरकारी खरीद एजेंसियों को हिदायतें जारी कर दी गई है। किसानों को चाहिए कि वह धान को अच्छी तरह से सुखा कर मंडियों में लेकर आए। सोमवार से खरीद एजेसियों प्रत्येक मंडी में खरीद के लिए पहुंच जाएंगी।
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