शनिवार, 26 सितंबर 2020

खालिस्तानी साम्रगी की हो रही बिक्री युवाओं को करने जा रही है फिर पथभ्रष्ट



— राज्य में खालिस्तानी गतिविधियों की बढ रही संख्या है खतरनाक
 अमृतसर
पंजाब में 80 के दशक में चली खालिस्तानी दहशत गर्दी की काली आंधी के दौरान हजारों बेगुनाहों के खून से पंजाब की धरती लाल हो गई। लम्बी लडाई व असंख्य कुर्बानियों के बाद पंजाब में आई शांति को एक बार फिर ढसने की कोशिशें शुरू हो गई है। किसी न किसी रूप में खालिस्तान के प्रचार व प्रसार को प्रोत्साहित किया जाने लग पडा है। भारत सरकार की ओर से पाबदित किए खालिस्तानी संगठन सिख फार जस्टिस ने एक बार फिर भारत व खास कर पंजाब के अंदर खालिस्तानी प्रचार को शुरू करवाया है। इस के लिए वह पंजाब के भोलेभाले युवाओं को लालच देकर खालिस्तानी दहशतदर्गी की आग में एक बार फिर झोंकने की कोई न कोई मनसूबा बनाता रहता है। बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खलिस्तान कमांडो फोर्स , कश्मीर खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स और आईएसआई के सहयोग से सिख फार जस्टिस के कथित कानूनी सलाहकार गुरपतवंत पन्नू ने पंजाब में दोबारा खालिस्तानी गतिविधियों को शुरू करवाने का लक्ष्य तय किया है। इस लिए खालिस्तान के पक्ष में रिफ्रेंडम —2020 की शुरूआत के लिए पन्नू की ओरे मुहिम श्री हरिमंदिर साहिब समेत सभी तख्तों से शुरू करने का अह्वान वीडियों वायरल करके किया था। यहां तक कि श्री अकाल तख्त साहिब से खालिस्तान के पक्ष में अरदास करने के लिए भी एक वीडियों के माध्यम से युवाओं को उसकाया गया। इतना ही नही पंजाब में  खालिस्तान के पक्ष में दीवारों पर खालिस्तान जिंदाबाद के नारे खिलवाने , जगह जगह पर खालिस्तान के झंडे फहरवाने व खालिस्तान के साथ संबंधित प्रचार समाग्री को  सर्कुलेट करने के लिए पन्नू के संगठन ने लक्ष्य में रखा हुआ है। जिस के चले वह सोशल मीडिया के माध्यम से एक बार फिर पंजाब के युवाओं को गुमराह करने लग पडा है। यही कारण है कि आज भी खालिस्तान के साथ संबंधित सामग्री खुलेआम पंजाब के बिक रही है।
पन्नू के संगठन की ओर से खालिस्तान के नारे लिखे टी शर्ट पहनने, वाहनो पर खालिस्तान लिखने या फिर जरनैल सिंह भिंडरावाला की फोटो लगाने, गुरुद्वारों मे भिंडरावालो की फोटो लगाने व भिंडरवाला की फोटो प्रिंट हुई टी शर्टों को मार्केट में बेचने तथा युवाओं को पहनने के लिए प्रोत्साहित करना शुरू किया है। दुश्मन देश पाकिस्तान जिसे भारत की ओर से हर फ्रंट पर शिकस्त दी जा रही है वह अब अपनी कुखियात गुप्तचर एजेंसी आईएसआई के माध्यम से एक बार पंजाब के युवाओं को आतंकवाद की आग की भट्ठी में झोंकने के लिए कोशिशों में लगा गया है। यही ही नही अपने समर्थकों के माध्यम से खालिस्तानियों के आकाओं की ओर से श्री अकाल तख्त साहिब से आतंकियों व उनके परिवारों के सदस्यों को सम्मानित किए जाने की मुहिम को तेज किया जा रहा है। कुछ समय से अचानक अमृतसर व पंजाब के अलग अलग स्थानों में खासकर धार्मिक स्थानों के बाहर खालिस्तानी साहित्य की पुस्तके बिकने की गतिविधियां बढ गई है। अमृतसर में श्री हरिमंदिर साहिब, गुरुद्वारा शहीदां साहिब के बाहर , तख्त दमदमा साहिब और तख्त केसगढ साहिब के आसपास की दुकानों पर खालिस्तान के साथ संबंधित पुस्तकें, साहित्य, पोस्टर , खालिस्तानी झंडे , टी शर्टस आदि समाग्री बिक रही है। जो आने वाले दिनों में राज्य के अंदर दोबारा मौत का तांडव नचाने की एक साजिश है। श्री हरिमंदिर साहिब में बार बार खालिस्तान के नारे लगावाए जाने, श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में ,  मोगा और फिर बाघापुराना में खालिस्तानी झंडे फहराने का सीधा मकसद पंजाब को दोबारा खालिस्तानी दहशगर्दी की आग में धकेलने की एक सुनियोजित अंतराष्ट्रीय साजिश को लागू करना है। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की ओर से भी 6 जून को खालिस्तान की मांग को सिखों की जायज मांग का ब्यान देने की पीछे भी गर्म विचारधारा वाले सिख संगठनों को खुश करने की साजिशें बताया जा रहा है। यह बाते युवाओं को खालिस्तान व अलंगवाद की तरफ बढाने को प्रोत्साहित कर रही है।
उधर शिव सेना हिन्दूस्तान के नेता पवन गुप्ता ने कहा कि श्री हरिमंदिर साहिब के खालिस्तान के नारे लगा कर वहां की पवित्रता को भंग नही होने देना चाहिए।
नेशनल स्टूडेंट्स फेडरेशन के राज्य सचिव राजबीर सिंह ने कहा कि राज्य में खालिस्तान के नारे लगाने पूरी तरह बैन होने चाहिए। इस के लिए उनकी ओर से मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा गया है।
अखिल भारत हिन्दू महासभा के जिला अध्यक्ष राज कुमार शर्मा ने काह कि राज्य में खालिस्तान को प्रचारित व प्रसारित करने वाला सारा लिट्रेचर बैन होना चाहिए।

— पंकज शर्मा

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