— अकाली दल अमृतसर की ओर से बादल परिवार के सच को घर घर तक पहुंचाने के
लिए चलाएगा अभियान
अमृतसर
शिरोमणी अकाली दल अमृतसर के महासचिव व सरबत खालसा 2015 के मुख्य प्रबंधक
जरनैल सिंह सखीरा ने कहा कि बरगाडी, कोटकपुरा व बहिबला कलां कांड का सच
सामने आने के डर से पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और अकाली दल के
अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम की जांच से भागने की
कोशिश कर रहे है। परंतु सच अब छुपा नहीं रहेगा। बरगाड़ी व बहिबल कलां
कांड में शक की सुई बादल परिवर के घर की तरफ जा चुकी है। यही कारण है कि
बादल परिवार अब जांच का सामना करने से आनाकानी कर रहा है।
सखीरा ने कहा कि बादल की उक्त घटनाओं के पीछे के सच को बरगाडी में चल रहा
मोर्चा पहले ही साबित कर चुका है। अब सिर्फ इस पर सरकार की मोहर लगनी
बाकी रह गई है। पहले जस्टिस जोरा सिंह कमिशन और अब जस्टिस रंजीत सिंह
कमिशन ने भी बादलों के उक्त कांड में शामिल होने की पुष्टि कर दी है।
बादलों को स्पष्ट हो चुका है कि अब स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम भी उनके सच
पर अपनी मोहर लगा देगी तो कानून के शिकंजे से उनका बचना मुश्किल है। जिस
कारण बादल परिवार अब जांच का सामने करने से भाग रहा है। उन्होंने कहा कि
पुलिस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह एक निष्पक्ष पुलिस अधिकारी है इस
लिए बादल परिवार कुंवर की जांच से भी डर रहे है। उन्होंने कहा कि अकाली
दल अमृतसर अब बादलों की सचाई को गांव गांव व घर घर पहुंचने के लिए एक
राज्य स्तरीय बडा अभियान चलाने जा रहा है। जिस की रणनीति बना ली गई है।
बरगाडी में लगा मोर्चा भी बादलों की सचाई पंजाब और देश विदेश में बैठे
लोगों तक बादलों की सचाई पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही
है। उन्होंने कहा कि यह अभियान अगले माह से पार्टी शुरू कर देगी।
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जांच से भाग रहे बादल परिवार पर कानूनी सख्ती अपनाए सरकार: एनएसएफ
नेशनल स्टूडेंट्स फेडरेशन की पंजाब प्रदेश कार्यकारिणी कमेटी ने मांग की
है कि बरगाडी व बहिबल कलां कांडों की जांच के सबंधी बनाई गई जांच कमेटी
के सामने पेश होने से भागने की कोशिश में लगे प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर
सिंह बादल के खिलाफ पंजाब सरकार को सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
एनएसएफ के अध्यक्ष एडवोकेट गगनदीप भाटियां और महासचिव राजविंदर राजा ने
कहा कि आज तक के सारे घटनाक्रम और अलग अलग जांचों ने स्पष्ट कर दिया है
कि उक्त घटनाओं में बादल परिवार की मुख्य भूमिका रही है। इस लिए बादल के
आगे घुटने टेकने की जगह उनको जांच में शामिल करने के लिए सख्त कदम उठाए
जाने चाहिए। ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके वहीं बादलों की सचाई दुनिया
के समाने नंगी हो सके।
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