श्री अकाल तख्त साहिब के हुकमनामों के साथ हुए है खिलवाड़: वेदांती
अमृतसर
श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी जोगिंदर सिंह वेदांती ने
कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से जारी होते हुकमनामे कभी भी बदले नहीं जा
सकते है। अगर इन को बदला जाए तो यह हुकमनामों की मर्यादा के साथ खिलवाड़
है। कथित राजनीतिक दबाव के चलते अब हुकमनामे बदले जा रहे है। इस से कौम
के अंदर तख्त साहिब पर बैठे सिंह साहिब की प्रतिभा भी प्रभवित होती है।
लम्बा समय तक श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार की जिम्मेवारी निभाते रहे
ज्ञानी जोगिंदर सिंह वेदांती ने कहा कि डेरा सिरसा के मुखी के खिलाफ
जारी हुकमनामा बदला नहीं जा सकता है। डेरा मुखी राम रहीम ने कहा कि उसने
गुरु साहिब की कोई भी नकल नही कि है। सारी दुनिया जानती है कि सच क्या
है। इस मामले में क्या राम रहीम ही सच्चा रह गया है बाकी जो सारी दुनिया
ने देख क्या वह मूर्ख और गलत है। राम रहीम को किसी भी कीमत पर श्री अकाल
तख्त साहिब से माफी नहीं दी जा सकती क्यों कि राम रहीम ने कभी भी श्री
अकात तख्त पर विश्वास नहीं किया है। श्री अकाल तख्त साहिब से जो हुकमनामा
जारी हुआ है वह कभी भी नहीं बदलेगा। जो बदला है वह सीधे रूप में मर्यादा
से खिलाड़ है। इसी खिलवाड के कारण आज सिख कौम जत्थेदारों के खिलाफ बोल
रही है। जिन जत्थेदारों के उपर आरोप लग रहे है उनको स्वयं ही अपने पदों
से त्यागपत्र दे देने चाहिए। सही ढंग से अगर ज्ञानी गुरबचन सिंह और
ज्ञानी गुरमुख सिंह अपने पदो से त्यागपत्र दें तो सही रहेगा। संगत विरोध
करती है तो मुश्किलें पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि एक हुकमनामा
आरएसएस के खिलाफ भी जारी हुआ था। जिस की भाषा भी नरम करने के लिए बादल
परिवार की ओर से शब्दों को बदलवा दिया गया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017
में ज्ञानी गुरमुख सिंह जो बादल परिवार के साथ जो आरोप लगाए थे उन आरोपों
से अब पीछे हटना बहुत ही घटिया फैसला है।
— पंकज शर्मा
अमृतसर
श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी जोगिंदर सिंह वेदांती ने
कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से जारी होते हुकमनामे कभी भी बदले नहीं जा
सकते है। अगर इन को बदला जाए तो यह हुकमनामों की मर्यादा के साथ खिलवाड़
है। कथित राजनीतिक दबाव के चलते अब हुकमनामे बदले जा रहे है। इस से कौम
के अंदर तख्त साहिब पर बैठे सिंह साहिब की प्रतिभा भी प्रभवित होती है।
लम्बा समय तक श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार की जिम्मेवारी निभाते रहे
ज्ञानी जोगिंदर सिंह वेदांती ने कहा कि डेरा सिरसा के मुखी के खिलाफ
जारी हुकमनामा बदला नहीं जा सकता है। डेरा मुखी राम रहीम ने कहा कि उसने
गुरु साहिब की कोई भी नकल नही कि है। सारी दुनिया जानती है कि सच क्या
है। इस मामले में क्या राम रहीम ही सच्चा रह गया है बाकी जो सारी दुनिया
ने देख क्या वह मूर्ख और गलत है। राम रहीम को किसी भी कीमत पर श्री अकाल
तख्त साहिब से माफी नहीं दी जा सकती क्यों कि राम रहीम ने कभी भी श्री
अकात तख्त पर विश्वास नहीं किया है। श्री अकाल तख्त साहिब से जो हुकमनामा
जारी हुआ है वह कभी भी नहीं बदलेगा। जो बदला है वह सीधे रूप में मर्यादा
से खिलाड़ है। इसी खिलवाड के कारण आज सिख कौम जत्थेदारों के खिलाफ बोल
रही है। जिन जत्थेदारों के उपर आरोप लग रहे है उनको स्वयं ही अपने पदों
से त्यागपत्र दे देने चाहिए। सही ढंग से अगर ज्ञानी गुरबचन सिंह और
ज्ञानी गुरमुख सिंह अपने पदो से त्यागपत्र दें तो सही रहेगा। संगत विरोध
करती है तो मुश्किलें पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि एक हुकमनामा
आरएसएस के खिलाफ भी जारी हुआ था। जिस की भाषा भी नरम करने के लिए बादल
परिवार की ओर से शब्दों को बदलवा दिया गया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017
में ज्ञानी गुरमुख सिंह जो बादल परिवार के साथ जो आरोप लगाए थे उन आरोपों
से अब पीछे हटना बहुत ही घटिया फैसला है।
— पंकज शर्मा
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