सोमवार, 10 सितंबर 2018

बेअदबी मामलों के दोषियों को सजाएं दिलवाने के लिए एसजीपीसी कर्मचारियों की चुप्पी चिंता का विषय : मक्कड

— रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा का मास्टर तारा की सिंह दोहती के खिलाफ ब्यान
देना निंदनीय
अमृतसर
जस्टिस रंजीत सिंह कमिशन की रिपोर्ट के बाद शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक
कमेटी के पूर्व  प्रधान अवतार सिंह मकड़ ने डेरा सिरसा मुखी को
माफी दिलवाने में शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल के दखल की
बात कही थी। पर अब उन्होने शिरोमणि कमेटी के मुलाजिमों की चुपी को चिंता का
विषय बताया है।
 श्री हरिमंदिर साहिब दर्शन करने पहुंचे जत्थेदार
अवतार सिंह मक्कड़  ने कहा कि सितंबर 2015 में डेरा सिरसा मुखी को माफी देने के
बाद जत्थेदारों , शिरोमणि कमेटी व शिरोमणि अकाली दल के प्रति सिखों में
रोष पैदा हुआ था। उस मौके शिरोमणि कमेटी मुलाजिम भी बडी संख्या में रोष
प्रदर्शन में शामल हुए थे।  जिन के गुस्से को शांत करने में  भी काफी
मुश्किल पैदा हुई
थी। उन्होने कहा कि इस समय जहां श्री हरिमंदिर साहिब के रागी एक
बार फिर बेअदबियों के दोषियां को सजा दिलाने के लिए खड़े है, वहीं बाकी
मुलाजमों की चुप्प चिंता का विषय है। टकसाली नेता मास्टर तारा सिंह
जिन्होने 16 साल शिरोमणि कमेटी प्रधान के रूप में सेवा निभाई है। उनकी
दोहती व  सदस्य शिरोमणि कमेटी बीबी किरनजीत कौर द्वारा शिरोमणि अकाली दल
के प्रधान सुखबीर सिंह बादल तथा जत्थेदारों से इस्तीफे की मांग की है। वह
बीबी की निजी सोच हो सकती हैं जिसको सीनियर अकाली नेता रंजीत सिंह
ब्रहमपूरा द्वारा आलोचना करना  गलत है। ब्रहमपूरा को मास्टर
तारा सिं​ह के साथ अपनी तुलना नही करनी चाहिए। मास्टर जी की सेवाओं
संबंधी पंथ जानकारी रखता है। ब्रहमपूरा का मास्टर तारा सिहं के परिवारिक
सदस्यों पर किंतु करना गैर जिम्मेदराना बात है।
— पंकज शर्मा

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